मुजफ्फरनगर में ग्राहक सेवा केंद्र की लकड़ी की दीवार काटकर लाखों की नकदी ले उड़े दो चोर मुजफ्फरनगर के रुड़की रोड पर स्थित ग्राहक सेवा केंद्र में दो चोरों ने एटीएम से सटी लकड़ी की दीवार तोड़कर लाखों रुपये की नकदी चोरी कर ली। वारदात से पहले आरोपियों ने इलाके की दिन में रेकी की थी, जिसकी पूरी फुटेज सुरक्षा कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित रुड़की रोड पर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए दो शातिर चोरों ने एक ग्राहक सेवा केंद्र से लाखों रुपये की नकदी पार कर दी। वारदात को बहुत ही सुनियोजित ढंग से अंजाम दिया गया। दोनों आरोपियों ने पहले दिन के उजाले में इलाके का मुआयना किया और मौके की स्थिति समझी। इसके बाद देर रात लौटकर एटीएम से सटी लकड़ी की दीवार को तोड़ डाला और भीतर प्रवेश कर काउंटर पर रखी नकदी समेटकर फरार हो गए। चोरी की यह पूरी हरकत केंद्र और आसपास के प्रतिष्ठानों में लगे निगरानी कैमरों में दर्ज हो गई है। रुड़की रोड पर बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहक सेवा केंद्र को बनाया निशाना यह मामला नगर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत रुड़की रोड का है, जहां बैंक ऑफ इंडिया का ग्राहक सेवा केंद्र संचालित होता है। सुरक्षा कैमरों की रिकॉर्डिंग से साफ हुआ कि दोनों संदिग्ध दिन के वक्त केंद्र के आसपास लगातार चक्कर लगा रहे थे। इस दौरान उन्होंने अंदर जाने और बाहर निकलने के रास्तों का बारीकी से जायजा लिया ताकि रात में किसी तरह की अड़चन न आए। दिन की योजना के अनुसार दोनों बदमाश रात के अंधेरे में दोबारा पहुंचे। वारदात के वक्त दोनों के पास लकड़ी का सहारा था। उन्होंने केंद्र के साथ लगे एटीएम बूथ की लकड़ी की दीवार को निशाना बनाया और उसे तोड़कर अंदर दाखिल होने का रास्ता तैयार कर लिया। केंद्र के अंदर घुसते ही बदमाशों ने वहां मौजूद नकदी पर हाथ साफ किया और तेजी से मौके से गायब हो गए। प्रारंभिक आकलन के अनुसार चोरी हुई राशि लाखों रुपये बताई जा रही है। निगरानी कैमरों में कैद हुई गतिविधि और वायरल वीडियो घटनास्थल और आसपास लगी निगरानी प्रणालियों में आरोपियों की हर हरकत सिलसिलेवार तरीके से कैद हुई है। दिन में की गई रेकी से लेकर रात में दीवार तोड़ने और चोरी करने का घटनाक्रम फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है। इस घटना से जुड़ी वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर भी सामने आई हैं। सुबह वारदात की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन हरकत में आया और जांच दल ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। शुरुआत में इस घटना को सीधे तौर पर एटीएम मशीन की चोरी बताया जा रहा था, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने स्थिति साफ की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मुख्य एटीएम मशीन सुरक्षित है और चोरी उससे सटे जनसेवा केंद्र में हुई है। पुलिस जांच और अधिकारियों का बयान अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के मिश्रा ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि चोरी की यह वारदात देर रात घटी। उन्होंने कहा कि घटना के बारे में बताया जा रहा था कि चोरी एटीएम में हुई है, लेकिन वह एटीएम की नहीं है बल्कि उससे सटा हुआ जनसेवा केंद्र है, जहां से कुछ नकदी चोरी हुई है। एएसपी सिद्धार्थ के मिश्रा के अनुसार सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस दल मौके पर पहुंचा और तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल शुरू की। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा अभियुक्त की पहचान कर ली गई है और जल्द ही जिम्मेदार बदमाश पुलिस की हिरासत में होंगे। चोरी गई कुल रकम के संबंध में उन्होंने कहा कि यह कुछ लाख रुपये बताई जा रही है और शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि आरोपियों की गिरफ्तारी और नकदी की बरामदगी के बाद सटीक राशि का पूरा विवरण साझा किया जाएगा। इसका आप पर असर यह घटना जनसेवा केंद्रों और छोटे वित्तीय प्रतिष्ठानों की भौतिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। • मुजफ्फरनगर में: रुड़की रोड और आसपास के कारोबारी प्रतिष्ठानों को अपनी रात की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की तुरंत समीक्षा करनी होगी। जनसेवा केंद्रों में रात के समय बड़ी नकदी छोड़ने से बचना चाहिए ताकि ऐसे नुकसान से बचा जा सके। • भारत में: देश भर में बैंकों के ग्राहक सेवा केंद्र और कियोस्क चलाने वाले संचालकों को मजबूत भौतिक ढांचा तैयार करना चाहिए। लकड़ी या कमजोर विभाजन की जगह पक्की दीवारें और लॉकर सुरक्षा अनिवार्य रूप से लागू की जानी चाहिए। • बैंकिंग ग्राहकों के लिए: स्थानीय सेवा केंद्रों से लेनदेन करने वाले खाताधारकों को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह नुकसान केंद्र की नकदी का है। हालांकि, रिकवरी और जांच पूरी होने तक स्थानीय केंद्र की सेवाओं में अस्थायी देरी हो सकती है। • दुकानदारों के लिए: अपने परिसरों में केवल आंतरिक ही नहीं, बल्कि बाहरी रास्तों को कवर करने वाले उच्च गुणवत्ता के कैमरे लगाएं। दिन में संदिग्ध रूप से रेकी करने वाले व्यक्तियों की जानकारी समय रहते स्थानीय पुलिस को दें। ऐसा क्यों हुआ यह वारदात सुरक्षा की बुनियादी कमजोरी और पूर्व नियोजित साजिश के कारण संभव हो सकी। कमजोर संरचनात्मक अवरोध के चलते बदमाशों के लिए केंद्र में दाखिल होना बेहद आसान बन गया। • दिन में रेकी और योजना: आरोपियों ने दिन के समय मौके का निरीक्षण किया ताकि एटीएम और केंद्र के प्रवेश मार्गों की पहचान की जा सके। इससे उन्हें पता चल गया कि रात के वक्त किस रास्ते से बिना बाधा प्रवेश किया जा सकता है। • कमजोर लकड़ी की दीवार: जनसेवा केंद्र और एटीएम बूथ के बीच केवल लकड़ी का विभाजन मौजूद था, जो मजबूत सुरक्षा अवरोध प्रदान नहीं करता था। चोरों ने इसी संरचनात्मक कमजोरी का फायदा उठाते हुए दीवार को आसानी से तोड़ दिया। • रात के अंधेरे में सुनसान इलाका: देर रात रुड़की रोड पर व्यावसायिक गतिविधियों के बंद होने के बाद आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया। सुनसान माहौल और कमजोर सुरक्षा ने उन्हें नकदी चुराकर भागने का समय दिया। • पुलिस की पहचान: निगरानी कैमरों में फुटेज स्पष्ट होने के कारण पुलिस ने आरोपियों की शिनाख्त कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। सवाल-जवाब 1. मुजफ्फरनगर में चोरी की यह वारदात कहां हुई? यह घटना नगर कोतवाली क्षेत्र में रुड़की रोड पर स्थित बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहक सेवा केंद्र में हुई। 2. चोरों ने केंद्र के अंदर घुसने के लिए क्या तरीका अपनाया? आरोपियों ने एटीएम से लगी लकड़ी की दीवार को तोड़कर ग्राहक सेवा केंद्र के भीतर प्रवेश किया। 3. चोरों ने वारदात से पहले क्या तैयारी की थी? दोनों चोरों ने दिन के समय इलाके में घूमकर केंद्र और रास्तों की पूरी रेकी की थी। 4. क्या वारदात में एटीएम मशीन को नुकसान पहुंचाया गया है? नहीं, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि एटीएम मशीन सुरक्षित है और चोरी उससे सटे ग्राहक सेवा केंद्र में हुई है। 5. पुलिस के अनुसार ग्राहक सेवा केंद्र से कितनी रकम चोरी हुई है? पुलिस के अनुसार कुछ लाख रुपये की नकदी चोरी हुई है, जिसकी सटीक जानकारी बरामदगी के बाद दी जाएगी। 6. पुलिस जांच में अब तक क्या प्रगति हुई है? सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली है और उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं। https://trendkia.com/uttar-pradesh/muzaffarnagar-men-grahaka-seva-kendra-ki-lakari-ki-divara-katakara-lakhon-ki-nakadi-le-ure-do-chora-37232 TrendKia — Har trend, sabse pehle.