# मुजफ्फरनगर में सास बनी मां: बेटे की मौत के एक महीने बाद कराई बहू की दूसरी शादी, देवर ने निभाई भाई की जिम्मेदारी

> उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में बेटे के निधन के ठीक एक महीने बाद सास ने अपनी बहू को बेटी मानते हुए आर्य समाज मंदिर में पूरे रीति-रिवाज के साथ उसकी दूसरी शादी करवाई।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-09-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/muzaffarnagar-men-sasa-bani-man-bete-ki-mauta-ke-eka-mahine-bada-karai-bahu-ki-dusari-shadi-devara-ne-nibhai-bhai-ki-jimmedari-37740 · **Language:** Hindi
**Tags:** मुजफ्फरनगर news, उत्तर प्रदेश, पुनर्विवाह, सामाजिक मिसाल, आर्य समाज मंदिर, खतौली

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के खतौली स्थित दयालपुरम इलाके से सामाजिक बंधनों को तोड़कर इंसानियत और रिश्तों की एक अनूठी मिसाल सामने आई है। यहाँ एक परिवार ने गहरे दुख के पलों में भी अपनी विधवा बहू के भविष्य की चिंता करते हुए उसका नया जीवन बसाने का निर्णय लिया। बेटे की असमय मौत के महज एक महीने के भीतर ही सास ने बहू को बेटी की तरह विदा किया, वहीं देवर ने भी एक जिम्मेदार भाई की भांति कन्यादान की रस्म निभाई।

## दुखों का पहाड़ टूटने के बाद परिवार ने संभाली जिम्मेदारी
हरिद्वार के बहादुरपुर की रहने वाली मीनाक्षी की शादी 10 साल पहले यानी वर्ष 2017 में दयालपुरम निवासी रोहित के साथ हुई थी। दोनों का पारिवारिक जीवन काफी खुशहाल चल रहा था और उनकी दो बेटियां—7 वर्षीय रितु तथा डेढ़ वर्ष की अविका हैं। लेकिन अचानक इस परिवार पर विपत्तियों का पहाड़ टूट पड़ा। 14 अगस्त को रोहित के पिता ओमपाल, जो पेशे से राज मिस्त्री थे, उनका कैंसर की बीमारी के कारण निधन हो गया। पिता के जाने के गहरे सदमे को रोहित बर्दाश्त नहीं कर सके और अगले ही दिन 15 अगस्त को उनकी भी मृत्यु हो गई।

## सास और देवर की पहल से आर्य समाज मंदिर में हुआ विवाह
पति और ससुर को खोने के बाद जवान बहू मीनाक्षी पर दुखों का संकट गहरा गया। ऐसे समय में उनकी सास सुनीता ने पारंपरिक सोच से ऊपर उठकर अपनी बहू का पुनर्विवाह कराने का साहसिक फैसला लिया। सास ने मीनाक्षी की सहमति के बाद राजस्थान के नारायणपुर में चाट की दुकान चलाने वाले योगेश के साथ शादी तय की। बुधवार को आर्य समाज मंदिर में वैदिक रीति-रिवाज के साथ यह विवाह संपन्न कराया गया। इस विवाह में मीनाक्षी के देवर मोहित ने बड़े भाई की अनुपस्थिति में स्वयं भाई बनकर कन्यादान की रस्म अदा की।

## परिवार का संदेश और मीनाक्षी का फैसला
इस निर्णय से परिवार का हर सदस्य संतुष्ट नजर आ रहा है। मीनाक्षी ने स्पष्ट किया कि यह शादी उन्होंने पूरी तरह अपनी मर्जी से की है और उनके ऊपर किसी का कोई दबाव नहीं था। उन्होंने अपनी सास और देवर के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि उनके सास-ससुर ने उनके लिए बहुत अच्छा सोचा है। वहीं देवर मोहित का कहना था कि भाई और पिता के जाने के बाद लगभग एक महीना हो चुका था, लेकिन भाभी की आगे लंबी उम्र पड़ी है और दोनों छोटी बच्चियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया। सास सुनीता ने कहा कि वे अपनी बहू को अपनी बेटी मानकर विदा कर रही हैं और जिंदगी भर यह रिश्ता निभाएंगी।

## इसका आप पर असर
यह समाचार समाज में विधवा पुनर्विवाह को लेकर रूढ़िवादिता और सामाजिक कुरीतियों को तोड़ने की एक सकारात्मक दिशा दिखाता है।

- **भारत में:** यह घटना समाज में महिला अधिकारों और विधवा पुनर्विवाह के समर्थन में एक प्रेरणादायक संदेश देती है, जिससे अन्य परिवारों को भी रूढ़िवादी सोच से बाहर निकलने का प्रोत्साहन मिलेगा।
- **मुजफ्फरनगर में:** खतौली और आसपास के क्षेत्रों में इस तरह की घटना से सामाजिक दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव आएगा और संकटग्रस्त महिलाओं के समर्थन में पारिवारिक एकजुटता बढ़ेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
पारंपरिक सामाजिक बाधाओं के बावजूद परिवार ने यह बड़ा फैसला क्यों लिया, इसके पीछे मुख्य वजहें निम्नलिखित हैं:

- **मुख्य कारण:** 14 अगस्त को कैंसर के कारण ससुर ओमपाल और 15 अगस्त को सदमे से पति रोहित के अचानक निधन होने से जवान बहू पर गहरा संकट आ गया था।
- **भविष्य की चिंता:** 7 साल और डेढ़ साल की दो छोटी बेटियों के पालन-पोषण और मीनाक्षी की लंबी उम्र को देखते हुए सास और देवर ने उनके पुनर्विवाह का साहसिक निर्णय लिया।
- **पारिवारिक सहमति:** मीनाक्षी की अपनी रजामंदी और राजस्थान के नारायणपुर निवासी योगेश के साथ संबंध तय होने पर आर्य समाज मंदिर में पूरे रीति-रिवाज से विवाह कराया गया।

## सवाल-जवाब

### 1. यह घटना उत्तर प्रदेश के किस जिले और कस्बे की है?
यह घटना उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद के खतौली कस्बे में स्थित दयालपुरम की है।

### 2. मीनाक्षी के पति और ससुर का निधन कब हुआ था?
ससुर ओमपाल का निधन 14 अगस्त को कैंसर से हुआ था और अगले ही दिन 15 अगस्त को सदमे से पति रोहित का निधन हो गया था।

### 3. मीनाक्षी का पुनर्विवाह किसके साथ हुआ है?
मीनाक्षी का विवाह राजस्थान के नारायणपुर में चाट की दुकान चलाने वाले योगेश के साथ हुआ है।

### 4. विवाह में कन्यादान की रस्म किसने निभाई?
विवाह में मीनाक्षी के देवर मोहित ने भाई बनकर अपनी भाभी का कन्यादान किया।

## प्रेरणा और सबक
दुख की घड़ी में संकीर्ण मानसिकता को छोड़कर सही फैसला लेने के लिए इस घटना से कई महत्वपूर्ण सीख मिलती हैं:

- **रूढ़िवादिता पर मानवता की जीत:** सामाजिक तानों की चिंता किए बिना परिवार के सदस्यों का एक-दूसरे की भलाई के लिए खड़ा होना सबसे बड़ी सीख है।
- **पारिवारिक सहायता एवं दूरदर्शिता:** सास द्वारा बहू को अपनी बेटी मानना और देवर द्वारा भाई बनकर कन्यादान करना यह दिखाता है कि रिश्ते खून से नहीं बल्कि भावना से निभाए जाते हैं।
- **सकारात्मक निर्णय लेने का साहस:** कठिन समय में बच्चों और महिला के दीर्घकालिक भविष्य को प्राथमिकता देना ही सच्चा सामाजिक सुधार है।

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