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  "type": "article",
  "title": "नोएडा के चोटपुर कॉलोनी में गहराया बिजली संकट, अंधेरे में रात काटने को मजबूर बुजुर्ग",
  "summary": "नोएडा के सेक्टर 63 स्थित चोटपुर कॉलोनी में लंबे समय से बिजली नहीं मिलने के कारण स्थानीय लोग गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। आरोप है कि मीटर और ट्रांसफार्मर लगवाने के नाम पर लोगों से भारी रकम वसूली गई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है।",
  "content": "नोएडा के सेक्टर 63 स्थित चोटपुर कॉलोनी में प्रशासन और शासन के दावों के बावजूद बिजली संकट गहराया हुआ है। कॉलोनी के लोग पिछले कई दिनों से अंधेरे में शाम और रातें बिताने को विवश हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि अधिकारियों और ठेकेदारों ने उन्हें केवल झूठे आश्वासन दिए हैं और उनके साथ ठगी की गई है। बुजुर्गों के चेहरों पर साफ बेबसी और दर्द देखा जा सकता है, जो अपनी जीवनभर की जमापूंजी यहां लगाकर अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।\n\n \n\nकेवल कोरे आश्वासन, तारीख का अता-पता नहीं\n बिजली की समस्या को लेकर कॉलोनीवासियों ने कई बार प्रदर्शन किए और सड़कों पर उतरे। इसके बाद स्थानीय प्रशासन की तरफ से उन्हें जल्द ही बिजली कनेक्शन देने का आश्वासन तो मिला, लेकिन किसी भी अधिकारी ने कोई निश्चित तारीख नहीं बताई। आज इस आधुनिक और विश्वविख्यात शहर के एक हिस्से के लोग वैसी ही बुनियादी परेशानियों से जूझ रहे हैं, जैसी दशकों पहले दूर-दराज के गांवों में हुआ करती थी। फर्क सिर्फ इतना है कि अब जगह बदल चुकी है, लोग वही हैं और उनकी मुश्किलें आज भी बरकरार हैं।\n\n \n\nगाड़ी कमाई और पैतृक संपत्ति लगाकर खरीदा था आशियाना\n रात के समय जब स्थिति का जायजा लिया गया, तो कॉलोनी के कई ऐसे बुजुर्ग सामने आए जिन्होंने अपने गांवों में अपनी जमीन और मकान बेचकर तथा जीवनभर की पूरी कमाई यहां प्लॉट खरीदने और घर बनाने में लगा दी थी। आज हालात यह हैं कि उन्हें अपने पैतृक गांवों की बहुत याद आती है और यह बात कहते हुए कई बुजुर्ग महिला-पुरुष भावुक हो गए। कई लोगों ने यह भी बताया कि बिजली का मीटर लगवाने के नाम पर उनसे 10 हजार, 15 हजार और 20 हजार रुपए तक ऐंठे गए, लेकिन आज तक उन्हें मीटर नहीं मिला और न ही समय से बिजली मिल रही है।\n\n \n\nपानी के लिए भी चुकानी पड़ रही भारी कीमत\n रामचंद्र प्रसाद ने अपना दर्द बयां करते हुए कुछ लोगों के नाम लिए और बताया कि उनकी मेहनत की कमाई को लोग लूटकर ले गए। उन्होंने कहा कि वे ठेला चलाकर किसी तरह पैसे जुटाते हैं और उन्होंने 18 हजार रुपए दिए थे, जिसके बाद पैसे लेने वाला व्यक्ति भाग गया। कई बुजुर्ग बीपी और शुगर जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं। ऐसी भीषण गर्मी में बिना बिजली के रहना उनकी सेहत पर भारी पड़ रहा है। उमलेश कुमार ने बताया कि बिजली न होने के कारण पानी की किल्लत भी गंभीर रूप ले चुकी है। हालत यह है कि छत पर रखी 500 लीटर की पानी की टंकी भरवाने के लिए जेनरेटर वाले को 500 रुपए देने पड़ते हैं। वहीं एक अन्य बुजुर्ग ने साझा किया कि करीब 8 साल पहले उनसे मीटर के नाम पर 10 हजार रुपए लिए गए थे, लेकिन आज तक मीटर नहीं लगाया गया।\n\n \n\nचंदे के पैसों से लगवाया था ट्रांसफार्मर\n बुजुर्गों का गला अपना दर्द सुनाते हुए भर आता है। उनका कहना है कि स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि न तो रात में नींद आती है और न ही दिन में आराम मिलता है। न तो समय पर खाना पचता है और न ही पीने के लिए पर्याप्त पानी मिलता है। महिला बुजुर्गों ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अपने गांवों की संपत्ति बेची थी और यहां घर बसाया था, लेकिन आज यह जगह उनके लिए नरक जैसी बन गई है। उन्होंने यह भी बताया कि कॉलोनी की हर गली के लोगों ने आपस में पैसे इकट्ठा करके ट्रांसफार्मर रखवाया था, और मीटर के लिए भी पैसे दिए थे, लेकिन उसके बावजूद आज भी हालात जस के तस बने हुए हैं।\n\nइसका आप पर असर\nनोएडा के चोटपुर कॉलोनी के निवासियों पर इस बिजली संकट का सीधा और गंभीर असर पड़ रहा है, जहां लोगों को भीषण गर्मी में अंधेरे और पानी की किल्लत के बीच जीवन गुजारना पड़ रहा है।\n\n• उत्तर प्रदेश में: स्थानीय नागरिकों और विशेषकर बुजुर्गों को बिना बिजली के स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे बीपी और शुगर के मरीजों की हालत बिगड़ रही है।\n\n• चोटपुर कॉलोनी में: निवासियों को पीने और नहाने के पानी के लिए भी भारी मशक्कत करनी पड़ रही है, जहां 500 लीटर टंकी भरने के एवज में 500 रुपए तक चुकाने पड़ रहे हैं।\n\nऐसा क्यों हुआ\nचोटपुर कॉलोनी में यह बिजली संकट प्रशासनिक लापरवाही और बिचौलियों व ठेकेदारों द्वारा की गई कथित धोखाधड़ी के कारण पैदा हुआ है।\n\n• आश्वासन के बाद भी कार्रवाई का अभाव: स्थानीय लोगों द्वारा लगातार प्रदर्शन करने के बावजूद शासन-प्रशासन की ओर से केवल मौखिक आश्वासन दिए गए और कोई निश्चित समयसीमा तय नहीं की गई।\n\n• अवैध वसूली और ठगी: निवासियों से मीटर और ट्रांसफार्मर लगवाने के नाम पर हजारों रुपए ऐंठे गए, लेकिन जिम्मेदार लोग पैसे लेकर फरार हो गए और ढांचागत काम अधूरा रह गया।\n\n• मूलभूत सुविधाओं का अभाव: कॉलोनी के अनियोजित विकास और स्थानीय स्तर पर बुनियादी विद्युत नेटवर्क स्थापित न होने के कारण लोगों को अपने दम पर ट्रांसफार्मर लगवाने और पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. नोएडा के किस क्षेत्र में बिजली का गंभीर संकट चल रहा है?\nनोएडा के सेक्टर 63 स्थित चोटपुर कॉलोनी में बिजली का गंभीर संकट चल रहा है।\n\n2. निवासियों का प्रशासन पर क्या मुख्य आरोप है?\nनिवासियों का आरोप है कि अधिकारी और ठेकेदार केवल झूठे आश्वासन दे रहे हैं और मीटर लगवाने के नाम पर उनसे 10 हजार से 20 हजार रुपए तक ठगे गए हैं।\n\n3. कॉलोनी में पानी की क्या स्थिति है?\nबिजली न होने के कारण पानी की भारी किल्लत है और छत पर रखी 500 लीटर की टंकी भरने के लिए जेनरेटर वाले को 500 रुपए देने पड़ रहे हैं।\n\n4. ट्रांसफार्मर को लेकर स्थानीय लोगों ने क्या किया था?\nकॉलोनी की हर गली के लोगों ने आपस में पैसे इकट्ठा करके ट्रांसफार्मर रखवाया था।\n\n5. बुजुर्गों की सेहत पर इस संकट का क्या प्रभाव पड़ रहा है?\nबीपी और शुगर के मरीज बुजुर्ग बिना बिजली और गर्मी के कारण अत्यधिक कष्ट झेल रहे हैं, जिससे उनकी स्थिति गंभीर हो रही है।",
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  "category": "उत्तर प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-09-10",
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