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  "type": "article",
  "title": "नोएडा की हाउसकीपिंग वर्कर से आठ किलो गांजा बरामद, कानपुर में पुलिस ने दबोचा",
  "summary": "कानपुर पुलिस ने चेकिंग के दौरान नोएडा में हाउसकीपिंग का काम करने वाली बाइस साल की चांदनी जोशी को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से आठ किलो से ज्यादा गांजा बरामद हुआ है। आरोपी युवती यह खेप ओडिशा के भुवनेश्वर से लाई थी और इसे कानपुर में किसी अज्ञात व्यक्ति को सौंपना था।",
  "content": "उत्तर प्रदेश के कानपुर में मादक पदार्थों की अवैध आवाजाही पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत स्थानीय पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। रेलबाजार थाना क्षेत्र की पुलिस ने नियमित चेकिंग के दौरान एक युवती को हिरासत में लिया है, जिसके कब्जे से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पकड़ी गई युवती के पास से कुल आठ किलो 295 ग्राम गांजा मिला है, जिसे वह एक बड़े ट्रॉली बैग और पिट्ठू बैग में छिपाकर ले जा रही थी। प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपी युवती इस अवैध खेप को ओडिशा के भुवनेश्वर से ट्रेन या अन्य माध्यमों से लेकर कानपुर पहुंची थी और उसे यहां किसी अन्य व्यक्ति को सुपुर्द करना था। पुलिस अब इस पूरे आपराधिक नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने के लिए गहन छानबीन में जुटी हुई है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस अवैध धंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।\n\n इससे पहले भी कानपुर में बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की बरामदगी के मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें कुछ दिन पहले ही लगभग पंद्रह लाख रुपये कीमत का गांजा बरामद करते हुए एक युवक को पकड़ा गया था जो ओडिशा से दिल्ली की तरफ जा रहा था। ताजा मामले में रेलबाजार थाने की टीम क्षेत्र में सक्रिय थी और अवैध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी।\n\n \n\nशिव नारायण टंडन पुल के पास संदिग्ध गतिविधियों से खुला राज\n दस सितंबर दो हजार छब्बीस को रेलबाजार थाने के प्रभारी अमान सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल शिव नारायण टंडन पुल के आसपास वाहनों और राहगीरों की सघन चेकिंग कर रहा था। उसी समय पैराशूट फैक्ट्री की तरफ से एक युवती अपने साथ एक बड़ा ट्रॉली बैग और एक पिट्ठू बैग लेकर आती हुई दिखाई दी। पुलिस दल को देखकर युवती अचानक असहज हो गई और घबराकर पीछे मुड़ने तथा वहां से चुपचाप निकलने की कोशिश करने लगी। उसकी इस संदिग्ध हरकत पर तुरंत पुलिसकर्मियों का ध्यान गया, जिसके बाद महिला पुलिसकर्मियों की सहायता से उसे घेरकर रोक लिया गया। जब्ती और तलाशी की औपचारिक कार्रवाई शुरू करते ही मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों के होश उड़ गए क्योंकि किसी को अंदेशा नहीं था कि एक साधारण दिखने वाली युवती के बैग में इतना बड़ा अवैध माल छिपा हो सकता है।\n\n \n\nट्रॉली बैग की तलाशी में मिले सेलो टेप से लिपटे चार पैकेट\n मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने नियमानुसार और पूरी सावधानी के साथ युवती के ट्रॉली बैग की तलाशी लेनी शुरू की। जब बैग की चेन खोली गई तो उसके भीतर भूरे रंग के मोटे सेलो टेप से कसकर लपेटे गए चार बड़े पैकेट बरामद हुए। पुलिस के मुताबिक उन पैकेटों के पास आते ही एक तेज और विशिष्ट प्रकार की गंध महसूस हुई जो गांजे की होती है। जब इन सभी पैकेटों को थाने लाकर विधिवत जांचा गया और उनका वजन कराया गया, तो उसमें कुल आठ किलो दो सौ पचानवे ग्राम मादक पदार्थ पाया गया। इतनी बड़ी खेप मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए युवती को तुरंत हिरासत में ले लिया और उससे कड़ाई से पूछताछ शुरू कर दी ताकि इस खेप के असली मालिक और प्राप्तकर्ता का पता चल सके।\n\n \n\nशाहजहांपुर की मूल निवासी है और नोएडा में करती है काम\n पकड़ी गई आरोपी युवती की पहचान बाइस वर्षीय चांदनी जोशी के रूप में हुई है जो विशाल की पत्नी है और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत अजीतगंज की रहने वाली है। पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को बताया कि वह वर्तमान में नोएडा शहर में रहकर हाउसकीपिंग का कार्य करती है। पुलिस के समक्ष दिए गए बयानों के अनुसार चांदनी ने स्वीकार किया कि वह ओडिशा के भुवनेश्वर से इस गांजे की खेप को लेकर सीधे कानपुर तक आई थी। उसका मुख्य उद्देश्य इस खेप को कानपुर शहर में किसी अज्ञात व्यक्ति को डिलीवर करना था। पुलिस अब उस अज्ञात रिसीवर की तलाश में पूरी ताकत झोंक चुकी है ताकि कानपुर में नशे का यह सामान लेने वाले व्यक्ति को बेनकाब किया जा सके।\n\n \n\nएसीपी प्रियंका बाजपेई ने दी नेटवर्क खंगालने की जानकारी\n मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए एसीपी कैंट डॉ. प्रियंका बाजपेई ने मीडिया को बताया कि चेकिंग अभियान के दौरान एक संदिग्ध युवती को भारी-भरकम ट्रॉली बैग के साथ पकड़ा गया है, जिसकी तलाशी में आठ किलो से अधिक वजन का अवैध गांजा मिला है। एसीपी के अनुसार पूछताछ में युवती ने यह भी स्वीकार किया है कि वह इससे पहले भी एक-दो बार इसी तरह ओडिशा से मादक पदार्थों की खेप कानपुर ला चुकी है, जिससे यह साफ होता है कि यह उसका पहला फेरा नहीं था बल्कि वह इस अवैध कारोबार में पहले से सक्रिय रही है। पुलिस अब उसके पुराने रिकॉर्ड और तौर-तरीकों की भी गहराई से पड़ताल कर रही है ताकि इस सिंडिकेट की गहराई तक पहुंचा जा सके।\n\n \n\nनाबालिग उम्र में भी चोरी के मामले में जा चुकी है जेल\n पुलिस अधिकारियों ने जब आरोपी युवती के पिछले आपराधिक इतिहास की कुंडली खंगाली तो एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। डॉ. प्रियंका बाजपेई ने जानकारी दी कि वर्ष दो हजार उन्नीस के आसपास जब चांदनी नाबालिग थी, तब उसके खिलाफ घर में चोरी का एक मामला दर्ज किया गया था जिसमें बाद में वह कानूनी प्रक्रिया के तहत छूट गई थी। अब वर्तमान मामले में पुलिस ने उसके पास से बरामद मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच प्रयोगशाला में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डेटा का गहन विश्लेषण किया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ओडिशा में उसे यह माल सप्लाई करने वाला मुख्य तस्कर कौन था और कानपुर में इसका रिसीवर कौन बनने वाला था।\n\n \n\nसप्लायर से लेकर रिसीवर तक हर कड़ी की हो रही है तलाश\n कानपुर पुलिस की यह कार्रवाई केवल एक गिरफ्तारी और माल जब्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस इसके पूरे सप्लाई चेन को ध्वस्त करने में जुटी है। डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल नंबरों और चैट्स के आधार पर यह खंगाला जा रहा है कि चांदनी नोएडा और अन्य शहरों में किन-किन संदिग्ध लोगों के संपर्क में थी। पुलिस का ऐसा मानना है कि कॉल डिटेल और तकनीकी सर्विलांस की मदद से ओडिशा के मूल सप्लायर से लेकर कानपुर के स्थानीय खरीदार तक सभी चेहरों को बेनकाब किया जा सकता है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस पूरी जांच के दौरान जितने भी नाम सामने आएंगे, उन सभी के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।\n\n \n\nएनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेशी\n रेलबाजार थाने की पुलिस ने आरोपी चांदनी जोशी के खिलाफ अपराध संख्या एक सौ उनचास वर्ष दो हजार छब्बीस के तहत मामला दर्ज कर लिया है। उसके ऊपर स्वापक औषधि और मनप्रभावी पदार्थ अधिनियम यानी एनडीपीएस एक्ट की धारा आठ और बीस के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने सभी आवश्यक वैधानिक और चिकित्सीय प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद आरोपी को संबंधित न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों के व्यापार और नशा तस्करी के खिलाफ उनका यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा ताकि इस अवैध धंधे को जड़ से समाप्त किया जा सके।\n\nइसका आप पर असर\nकानपुर और उत्तर प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ चल रहे पुलिस अभियानों का असर आम जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर सीधा पड़ता है।\n\n  - भारत में: देश भर में रेलवे स्टेशनों और सड़क मार्गों पर यात्रियों के सामान की सघन चेकिंग बढ़ाई जा रही है, जिससे सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने वाले आम यात्रियों को सुरक्षा जांच के दौरान अतिरिक्त समय देना पड़ रहा है।\n\n  - कानपुर में: स्थानीय स्तर पर पुलिस चेकिंग अभियान और संदिग्धों की निगरानी तेज होने से अपराधियों में खौफ बढ़ा है, वहीं आम नागरिकों को चौराहों और पुलों के पास चेकिंग के कारण हल्के ट्रैफिक बदलावों का सामना करना पड़ रहा है।\n\n  - सुरक्षा और कानून: एनडीपीएस एक्ट के तहत पकड़े जाने वाले अपराधियों पर सख्त कानूनी शिकंजा कसने से संगठित अपराधों और नशे के अवैध नेटवर्क पर लगाम कसने में मदद मिलती है।\n\n  - दैनिक जीवन: इस तरह की पुलिस कार्रवाई से शहर में नशीले पदार्थों की अवैध सप्लाई चेन कमजोर होती है, जिससे युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बचाने में अप्रत्यक्ष रूप से सहायता मिलती है।\n\n  - सतर्कता: सार्वजनिक स्थानों पर संदिग्ध गतिविधियों या अज्ञात बैग देखने पर तुरंत पुलिस को सूचना देना नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम बन गया है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nकानपुर में पकड़ी गई गांजा तस्करी की यह घटना अंतर-राज्यीय अवैध ड्रग्स सिंडिकेट और कोरियर के जरिए माल भेजने की रणनीति का परिणाम है, जिसके पीछे संगठित अपराधी गिरोह सक्रिय हैं।\n\n  - आर्थिक लालच: तस्कर कम समय में अधिक मुनाफा कमाने के लिए ओडिशा जैसे उत्पादक राज्यों से कम कीमत पर गांजा खरीदकर उत्तर प्रदेश और अन्य बड़े शहरों में ऊंचे दामों पर बेचते हैं।\n\n  - कम जोखिम वाले कोरियर: आपराधिक गिरोह पुलिस की नजरों से बचने के लिए महिलाओं, हाउसकीपिंग कर्मचारियों या सामान्य नौकरीपेशा लोगों को कोरियर के रूप में इस्तेमाल करते हैं ताकि किसी को शक न हो।\n\n  - नेटवर्क का विस्तार: भुवनेश्वर जैसे दूरदराज के इलाकों से माल लाकर कानपुर और दिल्ली जैसे बड़े परिवहन केंद्रों तक पहुंचाना एक सुनियोजित अंतर-राज्यीय आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा है।\n\n  - डिजिटल संचार: तस्कर मोबाइल फोन और विभिन्न मैसेजिंग ऐप्स के जरिए आपस में समन्वय स्थापित करते हैं, जिसके माध्यम से सप्लायर से लेकर अज्ञात रिसीवर तक की डील तय की जाती है।\n\n  - पुलिस की सक्रियता: कमिश्नरेट पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियानों और खुफिया सूचनाओं के कारण ही इस प्रकार के संदिग्ध तस्कर धड़े जा रहे हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. कानपुर में कितने किलो गांजा के साथ युवती को पकड़ा गया?\nपुलिस ने चेकिंग के दौरान युवती के पास से आठ किलो 295 ग्राम गांजा बरामद किया है।\n\n2. पकड़ी गई युवती का नाम और निवास स्थान क्या है?\nआरोपी युवती का नाम चांदनी जोशी है, जो शाहजहांपुर के अजीतगंज की रहने वाली है और वर्तमान में नोएडा में हाउसकीपिंग का काम करती है।\n\n3. गांजे की यह खेप कहां से लाई जा रही थी?\nयुवती ने पूछताछ में बताया कि वह इस गांजे की खेप को ओडिशा के भुवनेश्वर से लेकर कानपुर पहुंची थी।\n\n4. कानपुर में युवती को यह माल किसे देना था?\nपुलिस के अनुसार आरोपी युवती को यह गांजा कानपुर में किसी अज्ञात व्यक्ति को डिलीवर करना था, जिसकी तलाश की जा रही है।\n\n5. यह कार्रवाई किस पुलिस थाने द्वारा की गई है?\nयह कार्रवाई कानपुर के रेलबाजार थाना पुलिस द्वारा शिव नारायण टंडन पुल के पास चेकिंग के दौरान की गई है।\n\n6. युवती के खिलाफ कौन सा मामला दर्ज किया गया है?\nरेलबाजार पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।\n\n7. क्या युवती का कोई पुराना आपराधिक इतिहास भी है?\nहाँ, पुलिस जांच में सामने आया कि वर्ष 2019 के आसपास नाबालिग रहने के दौरान उसके खिलाफ चोरी का एक मामला दर्ज हुआ था।\n\n8. पुलिस इस मामले में आगे क्या जांच कर रही है?\nपुलिस मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच और कॉल डिटेल के जरिए ओडिशा के सप्लायर और कानपुर के रिसीवर तक नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है।",
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  "category": "उत्तर प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-09-10",
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