नोएडा में पुलिस मुठभेड़ के दौरान कुख्यात शूटर मारा गया, तीन जवान घायल नोएडा में पुलिस और अपराधियों के बीच हुई भीषण गोलीबारी में 50 हजार रुपये का इनामी शूटर ढेर हो गया, जबकि इस मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। नोएडा में पुलिस और शातिर अपराधियों के बीच हुई एक मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी शूटर मारा गया। इस कार्रवाई के दौरान दोनों पक्षों से हुई भारी गोलीबारी में तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुठभेड़ और गोलीबारी का घटनाक्रम नोएडा पुलिस क्षेत्र में वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस दल का सामना हथियारबंद बदमाशों से हुआ। पुलिस द्वारा घेराबंदी किए जाने पर बदमाशों ने बचने के लिए सीधे फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस बल ने मोर्चा संभाला और आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं, जिसमें गंभीर रूप से घायल होकर इनामी शूटर मौके पर ही ढेर हो गया। मुठभेड़ में घायल तीनों पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उनकी स्थिति पर चिकित्सक नजर रखे हुए हैं। अपराध जगत और गिरोहों से जुड़ाव मारे गए बदमाश की पहचान अमन त्यागी उर्फ माया त्यागी के रूप में हुई है, जिस पर 50 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित था। यह अपराधी रणदीप भाटी गिरोह का सक्रिय शार्प शूटर था और इसका संबंध अनिल दुजाना गिरोह से भी जुड़ा रहा था। सुपारी लेकर हत्या करने जैसी संगीन वारदातों में लिप्त रहने के अलावा इस बदमाश पर पूर्व में नोएडा में दो पुलिसकर्मियों पर हमला करने का भी आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज था। इसका आप पर असर संगठित आपराधिक गिरोहों के कुख्यात शूटर के मारे जाने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय गिरोहों पर कानूनी शिकंजा और कड़ा हुआ है। • भारत में: संगठित अपराध और सुपारी हत्यारों के नेटवर्क के खिलाफ पुलिस कार्रवाई से अंतरराज्यीय आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगता है। सुरक्षा एजेंसियां ऐसे मामलों के जरिए भाड़े के शूटरों के पूरे तंत्र को तोड़ने की दिशा में आगे बढ़ती हैं। • नोएडा में: औद्योगिक और आवासीय इलाकों में सक्रिय अपराधियों पर कार्रवाई से स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों में सुरक्षा का माहौल मजबूत होता है। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे जांच अभियानों के चलते क्षेत्र में नाकाबंदी और गश्त में सख्ती देखने को मिल सकती है। ऐसा क्यों हुआ यह घटना तब घटी जब वांछित अपराधियों की धरपकड़ के दौरान पुलिस दल ने संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया और बदमाशों ने बचने के लिए अंधाधुंध गोलियां चला दीं। • पुलिस की घेराबंदी: 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश की तलाश में पुलिस बल इलाके में सघन चेकिंग अभियान चला रहा था। पुलिस से आमना-सामना होने पर शूटर ने आत्मसमर्पण करने के बजाय गोलियां चलाना शुरू कर दिया। • आपराधिक इतिहास: यह शूटर रणदीप भाटी और अनिल दुजाना गिरोहों से जुड़ा था और हत्या की सुपारी लेने के मामलों में वांछित था। पूर्व में पुलिसकर्मियों पर हमले की घटनाओं के चलते सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश में जुटी हुई थीं। • जवाबी आत्मरक्षा: बदमाशों द्वारा चलाई गई गोलियों में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिसके बाद पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इसी गोलीबारी में गंभीर चोटें आने से इनामी अपराधी मारा गया। सवाल-जवाब 1. मुठभेड़ में मारे गए बदमाश की पहचान क्या है? मारे गए बदमाश की पहचान रणदीप भाटी गिरोह के शार्प शूटर अमन त्यागी उर्फ माया त्यागी के रूप में हुई है। 2. अपराधी पर कितना इनाम घोषित था? इस वांछित बदमाश पर पुलिस प्रशासन की ओर से 50 हजार रुपये का नकद इनाम रखा गया था। 3. इस मुठभेड़ में कितने पुलिसकर्मी घायल हुए? अपराधियों की ओर से हुई गोलीबारी में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। 4. मारे गए बदमाश का किन गिरोहों से संबंध था? वह रणदीप भाटी गिरोह का शूटर था और उसका जुड़ाव अनिल दुजाना गिरोह से भी रहा था। https://trendkia.com/uttar-pradesh/noida-men-pulisa-muthabhera-ke-daurana-kukhyata-shutara-mara-gaya-tina-javana-ghayala-54145 TrendKia — Har trend, sabse pehle.