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  "title": "पानी बेचने वाला अविनाश शुक्ला कैसे पहुंचा राम मंदिर के दान कोष तक, योग शिक्षिका ने बताई पूरी कहानी",
  "summary": "राम मंदिर दान चोरी मामले में अब तक आठ गिरफ्तारियों के बीच उस योग केंद्र की कहानी सामने आई है जहां अविनाश और अभिषेक शुक्ला करीब पांच साल से रह रहे थे और जहां से लगभग 20 लाख रुपए बरामद हुए।",
  "content": "राम मंदिर दान चोरी मामले में अयोध्या पुलिस अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें अविनाश शुक्ला और अभिषेक शुक्ला भी शामिल हैं, जो अयोध्या के एक योग केंद्र में करीब पांच साल से रह रहे थे। इसी योग केंद्र से पुलिस ने करीब 20 लाख रुपए नकद बरामद किए थे। अब इस केंद्र से जुड़े स्थानीय लोगों और केंद्र चलाने वाली महिला का बयान सामने आया है, जिसमें उस रात की पूरी कहानी खुलकर सामने आई है, जब पुलिस अविनाश को लेकर वहां पहुंची थी।\n\nबक्से से निकले 20 लाख रुपए, बगल में रखा मिला दान का बक्सा\nवह बक्सा जिससे कथित तौर पर 20 लाख रुपए बरामद हुए, उसी योग केंद्र में रखा था जहां अविनाश शुक्ला रहते थे। पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक यही रकम इसी बक्से से बरामद हुई थी। इसी बक्से के ठीक बगल में एक 'राम राज्य कोष' भी नजर आया, जिस पर एक पेटीएम क्यूआर कोड चिपका हुआ रखा था। यानी उसी कमरे में जहां लाखों रुपए नकद छिपाए गए थे, वहीं डिजिटल दान लेने के लिए क्यूआर कोड वाला दान पात्र भी मौजूद था।\n\nरात 7:30 बजे पुलिस की दस्तक, साथ आए थे चार लोग\nयोग केंद्र में सफाई और अन्य सेवा का काम देखने वाले एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि पुलिस 5 जून की शाम करीब 7:30 बजे वहां पहुंची थी। उनके मुताबिक पुलिस अविनाश को साथ लेकर आई थी और कुल चार लोग मौजूद थे, दो पुलिसकर्मी और दो अन्य लोग। पुलिस ने कमरे का ताला खुलवाया और बक्से से दो बैग निकाले, जिन्हें बक्से के ऊपर रख दिया गया। इसके बाद पुलिस ने वहां मौजूद स्थानीय व्यक्ति से कमरे से बाहर जाने को कहा। वह बाहर आ गए और दरवाजा बंद कर दिया गया। इसके तुरंत बाद उन्होंने अभिषेक को फोन कर बताया कि उनके भाई अविनाश को पुलिस लेकर आई है और वह अंदर मौजूद है, साथ ही अभिषेक से खुद आकर स्थिति देखने को कहा।\n\nउसी व्यक्ति के मुताबिक अभिषेक शुक्ला इस योग केंद्र में करीब 10 साल से, यानी 2017 से रह रहे थे, जबकि अविनाश शुक्ला यहां करीब डेढ़ साल से रह रहे थे।\n\nपानी बेचने से राम मंदिर की गिनती तक का सफर\nस्थानीय व्यक्ति के अनुसार अभिषेक शुरू से ही मेहनती और सीधा-सादा लड़का माना जाता था। उन्होंने बताया कि अभिषेक ने मेहनत से पढ़ाई की और मेहनत से ही नौकरी हासिल की। इसके बाद वह अपने बेरोजगार भाई अविनाश को भी अपने साथ ले आए और शुरुआत में उसे पानी बेचने के काम में लगाया। अविनाश हनुमान गुफा के पास बोतलबंद पानी बेचा करते थे। हालांकि इस काम में वह कामयाब नहीं हो पाए। इसके बाद कहीं से जुगाड़ लगा और अविनाश को राम मंदिर में गिनती यानी 'गणना' के काम में लगवा दिया गया, जिसके बाद वह वहां काम करने लगे। स्थानीय व्यक्ति का कहना है कि उन्हें यह नहीं पता कि आखिर अविनाश की यह नौकरी किसने और कैसे लगवाई, लेकिन उनका अनुमान है कि इसमें अभिषेक के किसी परिचित या रिश्तेदार का हाथ हो सकता है।\n\nयोग शिक्षिका बोलीं, चंपत राय से मुलाकातें वजह हो सकती हैं\nयोग केंद्र चलाने वाली महिला ने बताया कि अविनाश जब पहली बार यहां आए थे, तब वह पानी बेचने का ही काम करते थे। बाद में उन्हें पता चला कि अविनाश को राम मंदिर में नौकरी मिल गई है। उनके मुताबिक अभिषेक ने एक बार उनसे इस बारे में चर्चा भी की थी कि उनके भाई को वहां नौकरी मिल गई है, हालांकि यह किस माध्यम या सोर्स से मिली, यह वह खुद नहीं बता पाईं। उन्होंने बताया कि उनका आना-जाना चंपत राय जी से रहा है और कई कार्यक्रमों में उनकी मुलाकात होती रही है, जहां अविनाश और अभिषेक भी जुड़े हुए थे। उनका मानना है कि शायद यही संपर्क अविनाश की नौकरी की वजह बना हो, हालांकि इसकी पुष्टि उन्होंने खुद नहीं की।\n\nअभिषेक का नाम मत जोड़िए, महिला ने दी सफाई\nपूरे मामले पर योग शिक्षिका ने साफ कहा कि अभी तक इस केस में सिर्फ अविनाश का ही नाम आया है और अभिषेक का नाम इसमें नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उनका कहना है कि अभिषेक को इस पूरे मामले की जानकारी थी या नहीं, यह तो भगवान ही जानें, लेकिन उन्हें खुद लगता है कि अभिषेक को इसकी जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर अभिषेक को पता भी था, तो इसका फैसला भी वही ऊपरवाला करेगा।\n\nसीसीटीवी फुटेज देखकर टूटा भरोसा, महिला बोलीं हम सब आहत हैं\nयोग केंद्र से जुड़ी महिला ने बताया कि 5 जून की ही तारीख का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया और वायरल हुआ है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्हें इस पूरी घटना पर यकीन ही नहीं हुआ, लेकिन जब सीसीटीवी फुटेज सामने आया तो उन्हें समझ आ गया कि यहीं से रकम बरामद हुई है। उनका कहना है कि इस बात से वह और केंद्र से जुड़े सभी लोग बेहद आहत हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आमतौर पर वह सोशल मीडिया पर नहीं आतीं, लेकिन इस बार सही जानकारी सामने रखने के लिए खुद आगे आई हैं। उनके मुताबिक इस योग केंद्र में ऐसी घटना पहली बार हुई है, इससे पहले कभी ऐसा कुछ नहीं हुआ और इस बात से पूरा केंद्र दुखी है।\n\nमहिला ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र में अभिषेक ही सबसे ज्यादा समय से, यानी पिछले करीब 10 साल से रह रहे थे। अविनाश करीब डेढ़ साल पहले ही यहां आए थे, जब अभिषेक उन्हें लेकर आए थे और उनसे कहा था कि भाई की कहीं नौकरी लगवा दें ताकि वह कुछ काम-धंधा शुरू कर सकें। महिला ने अंत में यह भी पुष्टि की कि वही अविनाश राम मंदिर में काम करते थे और वहीं यह पूरा मामला सामने आया।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: राम मंदिर जैसे बड़े धार्मिक ट्रस्टों में दान की सुरक्षा और स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया को लेकर देशभर के श्रद्धालुओं का भरोसा जुड़ा है, ऐसे मामले दान प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करते हैं।\n• अयोध्या में: स्थानीय निवासियों और मंदिर से जुड़े संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों की पृष्ठभूमि जांच पर अब और सख्ती की मांग उठ सकती है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. राम मंदिर दान चोरी मामले में अब तक कितने आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है?\nअयोध्या पुलिस अब तक इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।\n\n2. अविनाश शुक्ला के पास से कितनी रकम बरामद हुई?\nपुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक उनके पास से करीब 20 लाख रुपए नकद बरामद हुए।\n\n3. पुलिस उस योग केंद्र में कब पहुंची थी?\nस्थानीय व्यक्ति के मुताबिक पुलिस 5 जून की शाम करीब 7:30 बजे वहां पहुंची थी।\n\n4. अविनाश और अभिषेक शुक्ला योग केंद्र में कब से रह रहे थे?\nअभिषेक करीब 10 साल यानी 2017 से और अविनाश करीब डेढ़ साल से वहां रह रहे थे।\n\n5. अविनाश शुक्ला पहले क्या काम करते थे?\nवह पहले हनुमान गुफा के पास बोतलबंद पानी बेचा करते थे, बाद में उन्हें राम मंदिर में गिनती के काम में लगाया गया।\n\n6. क्या अभिषेक शुक्ला का नाम भी इस मामले में शामिल है?\nयोग केंद्र चलाने वाली महिला के मुताबिक अभी तक इस मामले में सिर्फ अविनाश का ही नाम सामने आया है।\n\n7. बरामदगी वाले बक्से के बगल में और क्या रखा मिला?\nउसके बगल में एक 'राम राज्य कोष' रखा था, जिस पर पेटीएम क्यूआर कोड भी चिपका था।\n\n8. सीसीटीवी फुटेज किस तारीख का है?\nवायरल हो रहा सीसीटीवी फुटेज 5 जून का बताया जा रहा है।",
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  "category": "उत्तर प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-07-01",
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