{
  "type": "article",
  "title": "ऑपरेशन प्रहार में दिल्ली से गाजियाबाद तक फैला ड्रग नेटवर्क ध्वस्त, महिला सरगना सहित 4 गिरफ्तार",
  "summary": "गाजियाबाद के शालीमार गार्डन में पुलिस ने एक करोड़ रुपये की स्मैक बरामद कर चार तस्करों को पकड़ा है। दिल्ली से नशीला पदार्थ लाकर किराए के फ्लैट से पुड़ियों में बेचने का अवैध धंधा चल रहा था।",
  "content": "गाजियाबाद के शालीमार गार्डन इलाके में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली से मादक पदार्थ लाकर गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर बेचने वाले इस सिंडिकेट की महिला सरगना सहित कुल चार लोगों को हिरासत में ले लिया गया है। इनके पास से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग एक करोड़ रुपये की अनुमानित कीमत वाली 969 ग्राम स्मैक, नकदी, मोबाइल फोन और सोने जैसी पीली धातु की अंगूठियां बरामद की गई हैं।\n\nकिराए के फ्लैट से संचालित हो रहा था अवैध कारोबार\nजांच के दौरान यह बात सामने आई कि यह गिरोह कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचने के लिए बेहद सतर्कता से काम कर रहा था। पकड़े गए आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलते रहते थे ताकि किसी को उन पर शक न हो। जिस फ्लैट से इन आरोपियों को दबोचा गया, उसे भी महज एक महीने पहले ही किराए पर लिया गया था। अल्पकालिक किराए के मकानों और फ्लैटों का सहारा लेकर गिरोह के सदस्य गुप्त रूप से अपनी अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे और स्थानीय स्तर पर नशे के आदी युवाओं तक अपना नेटवर्क फैला रहे थे।\n\nतस्करों की पहचान और गिरोह का ढांचा\nपकड़े गए चारों आरोपियों में 32 वर्षीय समीना मुख्य संचालक बताई गई है, जो दिल्ली की रहने वाली है। उसके साथ दिल्ली के सीमापुरी का निवासी 25 वर्षीय इमरान, और गाजियाबाद के शालीमार गार्डन क्षेत्र के रहने वाले दो युवक, 20 वर्षीय आर्यन तथा 19 वर्षीय ईमामुद्दीन शामिल हैं। पूछताछ और प्रारंभिक जांच में पता चला है कि समीना दिल्ली से अवैध रूप से स्मैक की खेप जुटाती थी। इसके बाद वह गिरोह के अन्य पुरुष सदस्यों के जरिए गाजियाबाद की विभिन्न बस्तियों और चिन्हित इलाकों में माल की आपूर्ति सुनिश्चित कराती थी।\n\nछोटी पुड़िया बनाकर फुटकर बिक्री का तरीका\nमादक पदार्थ बेचने की कार्यप्रणाली के संबंध में आरोपियों ने बताया कि वे स्मैक को सफेद रंग की छोटी पॉलिथीन थैलियों में भरकर अलग-अलग खुराक की पुड़िया तैयार करते थे। मौके से ऐसी कुल 860 तैयार पुड़ियां भी बरामद हुई हैं। इन पुड़ियों को स्थानीय नशा करने वालों को 300 से 400 रुपये प्रति पुड़िया के हिसाब से बेचा जाता था। इस धंधे से होने वाली अवैध कमाई का एक बड़ा हिस्सा नकद रखा जाता था और कुछ हिस्सा आभूषणों में लगाया जाता था। आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने स्मैक की बिक्री से प्राप्त मुनाफे से ही पीली धातु की तीन अंगूठियां खरीदी थीं।\n\nबरामदगी और दर्ज आपराधिक इतिहास\nछापेमारी के दौरान पुलिस दल ने कुल 969 ग्राम स्मैक जब्त की, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके साथ ही मादक पदार्थों की बिक्री से अर्जित 1 लाख 74 हजार 990 रुपये की नकद राशि, चार विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन और पीली धातु की तीन अंगूठियां जब्त की गई हैं। आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि समीना के खिलाफ अकेले दिल्ली के सीमापुरी थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत 11 आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। इसके अलावा इमरान पर भी दिल्ली और गाजियाबाद में चोरी के चार मामले दर्ज हैं। शालीमार गार्डन थाने में चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है, जबकि इनके पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगाला जा रहा है।\n\nइसका आप पर असर\nइस कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर रिहायशी कॉलोनियों में अवैध नशे की आपूर्ति पर कड़ा अंकुश लगेगा।\n\n• भारत में: अंतरराज्यीय सीमाओं पर सक्रिय मादक पदार्थ गिरोहों पर पुलिस की निगरानी और जांच प्रक्रिया और कड़ी की जा रही है। इससे महानगरों के सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध पदार्थों के परिवहन पर लगाम लगाने में सहायता मिलेगी।\n• गाजियाबाद में: शालीमार गार्डन और आसपास के इलाकों में किराए के फ्लैटों में रहने वाले नए किरायेदारों का पुलिस सत्यापन अब और अधिक सख्ती से किया जाएगा। मकान मालिकों को बिना पूरी पहचान और सत्यापन के मकान किराए पर देने से बचना होगा।\n• अभिभावकों के लिए: 300 से 400 रुपये में बिकने वाली छोटी पुड़ियों का चलन स्थानीय किशोरों को लक्षित करता है, इसलिए युवाओं के खर्च और व्यवहार पर नजर रखना जरूरी है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दी जानी चाहिए।\n• किरायेदारों और पड़ोसियों के लिए: रिहायशी सोसाइटी में लगातार संदिग्ध अनजान लोगों की आवाजाही दिखने पर सतर्क रहें। अपने आसपास होने वाली असामान्य गतिविधियों के प्रति सजग रहकर अपराध रोकने में सहयोग करें।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह गिरोह दिल्ली से गाजियाबाद की भौगोलिक निकटता और किराए के फ्लैटों की गोपनीयता का फायदा उठाकर ड्रग्स का सिंडिकेट चला रहा था।\n\n• दिल्ली से आसान आपूर्ति: गिरोह की मुख्य आरोपी दिल्ली से कम मात्रा में माल आसानी से जुटा लेती थी और सड़क मार्ग से गाजियाबाद तक लाती थी। अंतरराज्यीय सीमा पार करते समय भारी चेकिंग से बचने के लिए यह तस्करी निजी स्तर पर की जा रही थी।\n• किराए के फ्लैटों का दुरुपयोग: पुलिस की नजरों से दूर रहने के लिए आरोपी लगातार नए मकान बदलते थे और पहचान छिपाकर रहते थे। महज एक महीने पहले किराए पर लिए गए फ्लैट को ठिकाना बनाने से स्थानीय पड़ोसियों को भी तुरंत शक नहीं हो सका।\n• पुड़ियों में खुदरा बिक्री: बड़ी खेप एक साथ बाजार में उतारने के बजाय छोटी-छोटी थैलियों में 300 से 400 रुपये में बेचना जोखिम कम करने और मुनाफा बढ़ाने का एक सुनियोजित तरीका था। इस तरीके से नशेड़ियों तक माल पहुंचाना आसान हो जाता था।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. गाजियाबाद में पुलिस ने किस अभियान के तहत यह कार्रवाई की?\nशालीमार गार्डन पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत कार्रवाई करते हुए इस मादक पदार्थ गिरोह का पर्दाफाश किया।\n\n2. गिरफ्तार आरोपियों से कितनी मात्रा में स्मैक बरामद की गई है?\nपुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 969 ग्राम स्मैक बरामद की है, जिसमें 860 तैयार पुड़ियां भी शामिल थीं।\n\n3. बरामद की गई स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत क्या है?\nबरामद स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग एक करोड़ रुपये आंकी गई है।\n\n4. गिरोह की सरगना कौन है और उसका क्या आपराधिक रिकॉर्ड है?\nगिरोह की सरगना 32 वर्षीय समीना है, जिसके खिलाफ दिल्ली के सीमापुरी थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत 11 मामले पहले से दर्ज हैं।\n\n5. आरोपी स्मैक की एक पुड़िया कितने रुपये में बेचते थे?\nआरोपी नशे के आदी लोगों को स्मैक की छोटी पुड़िया 300 से 400 रुपये में बेचते थे।\n\n6. पुलिस ने मौके से नकदी और अन्य सामान में क्या-क्या जब्त किया?\nपुलिस ने 1,74,990 रुपये नकद, पीली धातु की तीन अंगूठियां और विभिन्न कंपनियों के चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं।",
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  "category": "उत्तर प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-11-01",
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    "गाजियाबाद पुलिस",
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