# पीलीभीत में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर चुनाव आयोग सख्त, ERO और ऑपरेटर पर होगी कानूनी कार्रवाई

> उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में मतदाता सूची में गड़बड़ी मिलने पर चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को हटाने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-10-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/pilibhit-men-votara-lista-men-garabari-para-chunava-ayoga-sakhta-ero-aura-paretara-para-hogi-kanuni-karravai-50258 · **Language:** Hindi
**Tags:** पीलीभीत वोटर लिस्ट, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचन आयोग, यूपी चुनाव विभाग, मतदाता सूची गड़बड़ी

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में बड़ी तकनीकी खामी और गड़बड़ी उजागर होने के बाद चुनाव विभाग ने तत्काल और सख्त कदम उठाए हैं। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है और शीर्ष स्तर से सीधे तौर पर जवाबदेही तय की जा रही है।

 

## कांग्रेस की शिकायत पर हरकत में आया आयोग

बुधवार यानी 21 अक्टूबर को कांग्रेस पार्टी की तरफ से इस संबंध में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में मुख्य रूप से यह मुद्दा उठाया गया था कि जब कोई नागरिक ऑनलाइन माध्यम से वोटर आईडी कार्ड यानी EPIC नंबर के जरिए अपनी जानकारी खोजता है, तो डेटाबेस में गड़बड़ी के कारण किसी अन्य मतदाता का विवरण स्क्रीन पर दिखाई देने लगता है। इस गंभीर विसंगति का तुरंत संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बिना किसी देरी के मामले की अंदरूनी जांच के आदेश दे दिए थे।

 

## जिला निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट से पुष्टि

जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद पीलीभीत के जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से जो आधिकारिक रिपोर्ट सौंपी गई, उसने शिकायतों को पूरी तरह से सही साबित कर दिया। जांच में यह स्पष्ट हो गया कि वाकई कुछ खास मतदाताओं के EPIC नंबर ऑनलाइन सर्च करने पर सिस्टम में किसी दूसरे व्यक्ति का डेटा प्रदर्शित हो रहा था। यह डेटाबेस प्रबंधन में एक बड़ी चूक थी, जिससे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो सकते थे।

 

## लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों पर गिरी गाज

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने फौरन त्रुटियों को सुधारने के स्पष्ट आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही 127-पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी यानी ERO और वीआरसी ऑपरेटर को तत्काल प्रभाव से मतदाता सूची से जुड़े सभी कार्यों से हटा दिया गया है। इन दोनों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 और भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इतना ही नहीं, इस पूरे विधानसभा क्षेत्र के सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करने के वास्ते एक स्पष्ट और विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की गई है।

 

## पूरे प्रदेश में मतदाता सूचियों की होगी गहन जांच

पीलीभीत की इस घटना को एक चेतावनी के रूप में लेते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिले के निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिया है कि वह पूरे जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की इस विशेष बिंदु पर गहराई से जांच करवाएं। इस पूरी प्रक्रिया की एक विस्तृत रिपोर्ट अगले दो दिन के भीतर राज्य मुख्यालय को सौंपी जानी है। केवल पीलीभीत तक ही यह दायरा सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों को यह सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली सभी विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों की ऐसी ही बारीकी से जांच करवाएं और दो दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट प्रेषित करें। इस पूरी कवायद का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि पूरे प्रदेश में मतदाता सूचियां पूरी तरह त्रुटिहीन और विश्वसनीय बनी रहें।

## इसका आप पर असर
मतदाता सूची में गड़बड़ी और चुनाव आयोग की इस सख्त कार्रवाई का सीधा असर स्थानीय नागरिकों और चुनावी प्रक्रिया पर पड़ेगा।

- **उत्तर प्रदेश में:** प्रदेश के सभी जिलों में मतदाता सूचियों की दो दिन के भीतर विशेष जांच की जाएगी, जिससे अन्य जिलों में भी यदि कोई तकनीकी या डेटा संबंधी त्रुटि होगी तो वह समय रहते सामने आ जाएगी। इससे आगामी चुनावों से पहले सूची को पूरी तरह से दुरुस्त करने में मदद मिलेगी।

- **पीलीभीत में:** स्थानीय मतदाताओं के लिए अपने वोटर आईडी कार्ड के ऑनलाइन मिलान और पहचान सत्यापन में आ रही बाधाएं दूर की जाएंगी। निर्वाचन अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होने से प्रशासनिक अमले में जवाबदेही बढ़ेगी और भविष्य में डेटा प्रविष्टि में ऐसी लापरवाही से बचा जा सकेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना डिजिटल डेटाबेस में तकनीकी चूक और डेटा प्रविष्टि के दौरान हुई मानवीय लापरवाही के कारण सामने आई है। जब मतदाताओं के EPIC नंबर ऑनलाइन खोजे जा रहे थे, तब सिस्टम में किसी अन्य व्यक्ति का विवरण मैप होने के कारण यह गंभीर विसंगति उत्पन्न हुई।

- **तकनीकी त्रुटि:** ऑनलाइन पोर्टल पर डेटा मैपिंग या सॉफ़्टवेयर सिंकिंग में गड़बड़ी होने के कारण एक मतदाता का क्रेडेंशियल दूसरे के साथ प्रदर्शित होने लगा।

- **शिकायत और संज्ञान:** कांग्रेस पार्टी द्वारा 21 अक्टूबर को इस मामले की औपचारिक शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद प्रशासनिक मशीनरी हरकत में आई।

- **त्वरित जांच:** मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट तलब किए जाने पर गड़बड़ी की पुष्टि हुई, जिसके बाद तत्काल विधिक और प्रशासनिक कार्रवाई की गई।

## सवाल-जवाब

### 1. पीलीभीत में मतदाता सूची में क्या गड़बड़ी पाई गई थी?
ऑनलाइन सर्च करने पर कुछ मतदाताओं के EPIC नंबर पर किसी दूसरे मतदाता का विवरण प्रदर्शित हो रहा था।

### 2. इस मामले की शिकायत किसने और कब दर्ज कराई थी?
इस मामले की शिकायत कांग्रेस पार्टी की ओर से बुधवार यानी 21 अक्टूबर को की गई थी।

### 3. किन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं?
पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और वीआरसी ऑपरेटर को हटाने और कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

### 4. किस कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी?
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

### 5. पूरे प्रदेश के लिए चुनाव आयोग ने क्या निर्देश जारी किए हैं?
उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों को दो दिन के भीतर अपनी सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।

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