प्रतापगढ़ में सीएसपी संचालिका मंजू यादव की घर में निर्मम हत्या, पुलिस को पति की भूमिका पर भी संदेह प्रतापगढ़ के फतनपुर में मिनी बैंक संचालिका की ईंट से वार कर जान ले ली गई, वहीं पुलिस ने लूट के दावे को खारिज कर पति की भूमिका सहित सभी पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में फतनपुर थाना अंतर्गत स्थानीय बाजार में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक टाइनी बैंक संचालिका की उनके ही आवास के भीतर घुसकर बेरहमी से जान ले ली गई। मृतका की पहचान लगभग 40 वर्षीय मंजू यादव के रूप में हुई है, जो इलाके में मिनी बैंक शाखा चलाती थीं। आधी रात को जब वह नित्यक्रिया के लिए उठी थीं, तभी घात लगाकर पहले से छिपे हमलावरों ने उन पर अचानक हमला बोल दिया। हमलावरों ने ईंट से प्रहार कर मंजू को मौत के घाट उतार दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटनास्थल से मिले साक्ष्य और पति से पूछताछ वारदात के समय मंजू के पति अजय कुमार यादव भी घर में मौजूद थे। अजय पेशे से फार्मासिस्ट हैं और घटनास्थल के ठीक बगल में अपनी दवाओं की दुकान का संचालन करते हैं। उन्होंने दावा किया कि हमलावरों ने उन्हें बंधक बना लिया था और उनके साथ भी मारपीट की। हालांकि, मामले की सूचना पाकर जब अपर पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार और क्षेत्राधिकारी भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे, तो घटनाक्रम के कई पहलुओं पर सवाल खड़े हो गए। पुलिस ने पास ही स्थित एक कुएं के निकट से कुछ कपड़े और वह ईंट बरामद की है, जिससे महिला के सिर पर वार किया गया था। फोरेंसिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और पति की संलिप्तता की संभावना की भी गहन पड़ताल कर रही है। लूट के दावों पर पुलिस का रुख और टाइनी बैंक का स्वरूप पीड़ित परिवार के सदस्यों ने घर के अंदर लूटपाट की बात कही है, परंतु शुरुआती तफ्तीश के बाद पुलिस प्रशासन ने लूट की किसी भी घटना से स्पष्ट इनकार किया है। अधिकारियों का कहना है कि वारदात के पीछे आपसी विवाद या कोई अन्य गहरी साजिश हो सकती है। मंजू यादव जिस टाइनी बैंक का संचालन करती थीं, वह ग्रामीण अथवा कस्बाई इलाकों में बड़े वित्तीय संस्थानों जैसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया या बैंक ऑफ बड़ौदा के अधिकृत ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) होते हैं। इन केंद्रों पर संचालक आधार कार्ड और बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से लोगों के खाते खोलते हैं और नकदी जमा या निकासी की सुविधा उपलब्ध कराते हैं। वित्तीय लेनदेन और बीमा पॉलिसियों के काम पर इन संचालकों को कमीशन प्राप्त होता है, जिससे इनके पास नियमित रूप से नकदी का प्रवाह बना रहता है। बुलंदशहर और मुरादाबाद में भी हत्या की घटनाएं प्रदेश के अन्य हिस्सों से भी संगीन अपराधों की घटनाएं सामने आई हैं। बुलंदशहर के नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित देवीपुरा इलाके में रुपयों के लेनदेन को लेकर छिड़े विवाद में एक युवक पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार कर दिए गए। विवाद के दौरान गंभीर रूप से जख्मी हुए हनी नाम के युवक को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। वहीं, हाल ही में मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा क्षेत्र में भी एक व्यक्ति की उसकी ही पत्नी द्वारा प्रेमी के साथ मिलकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया था, जिसमें पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया था। इसका आप पर असर इस घटना से ग्रामीण वित्तीय सेवा केंद्र चलाने वाले संचालकों और स्थानीय निवासियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। • सीएसपी संचालकों के लिए: ग्रामीण क्षेत्रों में मिनी बैंक चलाने वाले व्यक्तियों को अपने पास मौजूद नकदी और सुरक्षा व्यवस्था का पुनः मूल्यांकन करना चाहिए। अधिक मात्रा में नकदी घर में रखने के बजाय उसे निर्धारित समय सीमा में मुख्य बैंक शाखा में जमा कराना आवश्यक है। • प्रतापगढ़ में: फतनपुर और आसपास के स्थानीय व्यापारियों को रात के समय सुरक्षा सतर्कता बढ़ाने की जरूरत है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस बीट अधिकारी को देनी चाहिए। • घरेलू सुरक्षा के संबंध में: सुनसान या बाजार क्षेत्र में बने मकानों में मजबूत दरवाजों और सुरक्षा कैमरों की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। रात के समय अवांछित प्रवेश रोकने के लिए सुरक्षा ताले ठीक से जांच लें। • कानूनी प्रक्रिया के लिहाज से: संदिग्ध मौतों के मामलों में फॉरेंसिक साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचना चाहिए। जांच में सहयोग करने से पुलिस को असली दोषियों तक पहुंचने में मदद मिलती है। ऐसा क्यों हुआ यह घटना आधी रात को घर में घात लगाकर किए गए हमले और उसके बाद उपजे संदिग्ध घटनाक्रम के कारण घटित हुई। पुलिस इस मामले में लूटपाट के स्थान पर आपसी विवाद या सुनियोजित साजिश की दिशा में जांच कर रही है। • घात लगाकर हमला: मृतका मंजू यादव आधी रात को नित्यक्रिया के लिए जैसे ही कमरे से बाहर निकलीं, हमलावरों ने अचानक ईंट से उनके सिर पर प्रहार कर दिया। सिर पर गंभीर चोट लगने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई। • लूट के दावे पर संदेह: परिजनों ने घर में लूट होने की बात कही, परंतु पुलिस को कमरे में लूटपाट के स्पष्ट निशान नहीं मिले। इसी कारण पुलिस लूट की थ्योरी को नकार कर अन्य कारणों की पड़ताल कर रही है। • पति की भूमिका पर शक: महिला के पति ने स्वयं को बंधक बनाए जाने की बात कही है, परंतु पुलिस उनके बयानों और घटनास्थल की परिस्थितियों के आधार पर उनकी संलिप्तता की भी जांच कर रही है। पास के कुएं से बरामद कपड़े और ईंट इस दिशा में महत्वपूर्ण साक्ष्य माने जा रहे हैं। सवाल-जवाब 1. प्रतापगढ़ में किस महिला की हत्या हुई और वह क्या करती थीं? प्रतापगढ़ के फतनपुर बाजार में 40 वर्षीय मंजू यादव की हत्या हुई, जो वहां टाइनी बैंक यानी ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) का संचालन करती थीं। 2. वारदात के समय घर में कौन मौजूद था? वारदात के समय मृतका के पति अजय कुमार यादव घर में मौजूद थे, जो पेशे से फार्मासिस्ट हैं और बगल में दवा की दुकान चलाते हैं। 3. क्या पुलिस ने घर में लूट की पुष्टि की है? अपर पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार के अनुसार पुलिस ने लूट की बात से इनकार किया है, जबकि परिवार के लोग लूट का आरोप लगा रहे हैं। 4. घटनास्थल के पास से पुलिस को क्या बरामद हुआ है? पुलिस ने पास के एक कुएं के पास से कुछ कपड़े और वह ईंट बरामद की है, जिससे महिला पर जानलेवा हमला किया गया था। 5. बुलंदशहर के देवीपुरा में क्या घटना घटी? बुलंदशहर के देवीपुरा में रुपयों के लेनदेन के विवाद में हनी नाम के युवक की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई। https://trendkia.com/uttar-pradesh/pratapagarha-men-csp-snchalika-manju-yadav-ki-ghara-men-nirmama-hatya-pulisa-ko-pati-ki-bhumika-para-bhi-sndeha-48530 TrendKia — Har trend, sabse pehle.