# प्रतापगढ़ में अजीबोगरीब मामला, परिजनों ने जिंदा बेटी की निकाली शव यात्रा और तेरहवीं की तैयारी

> उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में परिवार की मर्जी के खिलाफ दूसरी बिरादरी के युवक के साथ रहने की जिद करने पर परिजनों ने जिंदा बेटी की शव यात्रा निकाल दी और अब तेरहवीं की तैयारी कर रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-09-28 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/pratapgarh-bizarre-incident-family-carries-out-funeral-procession-and-plans-death-feast-for-living-daughter-over-interfaith-romanc-39824 · **Language:** Hindi
**Tags:** प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश, प्रेम प्रसंग, शव यात्रा, जेठवारा, अंतिम संस्कार

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में एक ऐसा हैरान करने वाला वाकया सामने आया है जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। जेठवारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में परिवार की इच्छा के विरुद्ध जाकर दूसरी बिरादरी के एक युवक से प्रेम संबंध रखने और उसी के साथ जीवन बिताने की जिद पर अड़ी एक युवती से उसके परिजनों ने इस प्रकार सारे रिश्ते तोड़ लिए कि उसकी मौजूदगी के बावजूद उसकी अंतिम यात्रा तक निकाल डाली। इस अजीबोगरीब और मार्मिक घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग इस बात पर आश्चर्य जता रहे हैं कि किस तरह सामाजिक दबाव और प्रतिष्ठा के नाम पर परिवार इस हद तक जा सकते हैं।

 

## कैसे शुरू हुआ पूरा घटनाक्रम
 प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित गांव की रहने वाली एक युवती का काफी समय से किसी अन्य समुदाय के युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस बात की भनक परिवार वालों को तब लगी जब अचानक एक दिन युवती अपने घर से बिना बताए कहीं चली गई। काफी खोजबीन करने के बाद भी जब उसका कोई अता-पता नहीं चला, तो किसी अनहोनी की आशंका से भयभीत परिजनों ने थाने का रुख किया और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराते हुए अपनी बेटी की बरामदगी की गुहार लगाई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत एक्शन लिया और जांच-पड़ताल शुरू कर दी। कुछ ही दिनों के भीतर पुलिस ने युवती को सकुशल ढूंढ निकाला, जहां वह गांव के ही अपने प्रेमी के साथ पाई गई।

 

## थाने के भीतर हुआ हाईवोल्टेज ड्रामा
 जब पुलिस इस मामले में युवती और उसके प्रेमी समेत दोनों पक्षों को थाने लेकर पहुंची, तो वहां सारा सच खुलकर सामने आ गया। पुलिस अधिकारियों और परिवार के सदस्यों के सामने युवती ने पूरी बेबाकी के साथ अपना अंतिम फैसला सुना दिया। उसने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह बालिग है और किसी के दबाव में आने के बजाय अपनी मर्जी से उसी युवक के साथ रहना चाहती है। उसने यह भी साफ कर दिया कि वह अपना आगे का पूरा जीवन उसी प्रेमी के साथ ही बिताएगी। अपनी बेटी के इस दो टूक और अडिग फैसले को सुनते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। समाज में अपनी नाक कटने के डर, लोक-लाज के भय और दूसरी बिरादरी में शादी होने के सामाजिक संताप से आहत परिवार ने पुलिस थाने के अंदर ही उससे हमेशा-हमेेशा के लिए सभी तरह के नाते तोड़ने का औपचारिक ऐलान कर दिया।

 

## जिंदा बेटी का पुतला फूंकने के बाद अब तेरहवीं का अनुष्ठान
 थाने से घर लौटने के बाद परिवार का आक्रोश और समाज का दबाव इस कदर हावी हो गया कि उन्होंने अपनी जीवित बेटी को मृत मानकर उसका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार करने का कठोर फैसला कर लिया। परिजनों ने गांव के भीतर ही जिंदा बेटी की शव यात्रा निकाली, उसकी चिता पर तस्वीर रखकर पुतले का दहन किया और अब पूरे पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उसकी तेरहवीं की तैयारियों में जुट गए हैं। यह घटना एक बार फिर से इस कड़वी सच्चाई को उजागर करती है कि आज के आधुनिक दौर में भी समाज में प्रतिष्ठा और परिवार की जिद के बीच कितना गहरा और सुलगता हुआ अंतर्द्वंद्व मौजूद है। फिलहाल यह अजीबोगरीब मामला पूरे प्रतापगढ़ जिले में चर्चा का केंद्र बना हुआ है और हर कोई इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहा है।

## इसका आप पर असर
यह घटना व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक मान्यताओं के बीच के टकराव को दर्शाती है, जिसका प्रभाव पारिवारिक और सामाजिक स्तर पर पड़ सकता है।

- **स्थानीय स्तर पर:** प्रतापगढ़ और आसपास के ग्रामीण इलाकों में इस तरह की सामाजिक घटनाओं से परिवारों के बीच तनाव और प्रशासनिक चिंता बढ़ सकती है।

- **कानूनी पहलू:** बालिग होने के कारण युवती को अपनी मर्जी से जीवनसाथी चुनने का कानूनी अधिकार है, जिस पर पुलिस और प्रशासन नजर बनाए हुए हैं।

- **सामाजिक संदेश:** यह मामला पारिवारिक प्रतिष्ठा और व्यक्तिगत अधिकारों के बीच के संवेदनशील मुद्दों को सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में लाता है।

- **सुरक्षा और व्यवस्था:** अंतर-जातीय और अंतर-धार्मिक मामलों में स्थानीय स्तर पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन को अधिक सतर्क रहना पड़ता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना समाज में रूढ़िवादी सोच और अंतर-जातीय संबंधों को लेकर बने सामाजिक दबाव के कारण सामने आई है।

- **सामाजिक दबाव और प्रतिष्ठा:** परिवार पर समाज और बिरादरी का ऐसा दबाव था कि उन्होंने रिश्ते के खिलाफ जाकर यह极端 कदम उठाया।

- **युवती का निर्णय:** बालिग होने के बाद भी युवती द्वारा अपने परिवार की इच्छा के विपरीत प्रेमी के साथ रहने के जिद पर अड़े रहने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

- **पुलिस हस्तक्षेप:** गुमशुदगी की रिपोर्ट के बाद पुलिस द्वारा युवती को बरामद किए जाने और थाने में उसके द्वारा खुला ऐलान किए जाने से परिवार को यह कठोर कदम उठाने का आधार मिला।

## सवाल-जवाब

### 1. यह घटना किस जिले की है?
यह घटना उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के जेठवारा थाना क्षेत्र की है।

### 2. परिजनों ने युवती के खिलाफ ऐसा कदम क्यों उठाया?
युवती द्वारा परिवार की मर्जी के खिलाफ दूसरी बिरादरी के युवक के साथ रहने की जिद करने पर परिजनों ने यह कदम उठाया।

### 3. पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने गुमशुदगी की शिकायत पर जांच करते हुए युवती को सकुशल बरामद कर लिया और दोनों पक्षों को थाने ले आई।

### 4. थाने में युवती ने क्या बयान दिया?
युवती ने थाने में कहा कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से अपने प्रेमी के साथ ही रहना चाहती है।

### 5. परिजनों ने इसके बाद क्या किया?
परिजनों ने जिंदा बेटी की शव यात्रा निकाली, उसका पुतला फूंका और तेरहवीं की तैयारी शुरू कर दी।

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