प्रतापगढ़ के महुली गांव में भरभराकर गिरा 100 साल पुराना मकान, सो रहे एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में 6 अगस्त 2026 की तड़के 100 वर्ष पुराना जर्जर मकान ढहने से दर्दनाक हादसा हुआ। मलबे में दबकर परिवार के 6 सदस्यों की मौत हो गई, जबकि 28 वर्षीय एक युवक सुरक्षित बच निकला। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले स्थित महुली गांव में गुरुवार तड़के एक अत्यंत दुखद घटना सामने आई, जहां लगभग 100 वर्ष पुराना एक जर्जर मकान अचानक ढह गया। यह हादसा 6 अगस्त 2026 की रात लगभग 2 बजे उस वक्त हुआ जब घर के सभी सदस्य गहरी नींद में सो रहे थे। इमारत भरभराकर गिरने के कारण पूरा परिवार मलबे के नीचे दब गया। इस भीषण दुर्घटना में परिवार के 6 लोगों की मौके पर ही जान चली गई, जबकि एक युवक किसी तरह सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहा। मलबे में दबा पूरा परिवार, अस्पताल में 6 को मृत घोषित किया गया रात के सन्नाटे में मकान ढहने की जोरदार आवाज और चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। स्थानीय लोगों ने बिना देरी किए पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचित किया। राहत व बचाव दल ने ग्रामीणों के सहयोग से युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मलबे को हटाकर नीचे दबे सभी 7 लोगों को बाहर निकाला गया और तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद परिवार के 6 सदस्यों को मृत घोषित कर दिया। हादसे में जान गंवाने वाले सदस्य और सुरक्षित बचा युवक दुर्घटना में जान गंवाने वालों में 60 वर्षीय मकान मालिक प्रमोद श्रीवास्तव, उनकी पत्नी रीता, पुत्र नितिन, बहू माधुरी तथा दो मासूम बच्चे माधव और अद्विक शामिल हैं। एक ही झटके में पूरे परिवार के खत्म हो जाने से महुली गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। इस भयावह हादसे के बीच प्रमोद श्रीवास्तव का 28 वर्षीय पुत्र अमन खुशकिस्मती से बाल-बाल बच गया। रेस्क्यू टीम ने अमन को सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को पूरी तरह सामान्य और स्वस्थ बताया है। प्रतापगढ़ में हाल ही में घटित अन्य दुर्घटनाएं प्रतापगढ़ क्षेत्र में हाल के दिनों में पुरानी इमारतों और जलभराव से जुड़ी कई घटनाएं देखने को मिली हैं। इससे पहले जिले के पट्टी तहसील क्षेत्र में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण एक किसान का कच्चा मकान ढह गया था। उस हादसे में किसान गंभीर रूप से घायल हो गया था, हालांकि उसके बच्चे सुरक्षित बच गए थे। इसके अलावा लगभग 10 दिन पूर्व प्रतापगढ़ में ही घर के बाहर खेल रही 5 वर्षीय बच्ची मानसी की पानी से भरे 10 फीट गहरे गड्ढे में गिर जाने से दर्दनाक मौत हो गई थी। महुली गांव की इस ताजा घटना ने एक बार फिर जर्जर इमारतों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसका आप पर असर उत्तर प्रदेश और प्रतापगढ़ में: जर्जर और 100 साल पुरानी इमारतों में रहने वाले निवासियों के लिए यह घटना एक गंभीर चेतावनी है, जहां बारिश के मौसम में भवनों का सुरक्षा निरीक्षण कराना बेहद जरूरी हो जाता है। भारत भर में: यह हादसा मानसून के दौरान देश भर की पुरानी आवासीय बस्तियों में जर्जर मकानों के ऑडिट और प्रशासनिक सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित करता है। सवाल-जवाब 1. प्रतापगढ़ में मकान ढहने का हादसा कब और कहां हुआ? यह हादसा उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के महुली गांव में 6 अगस्त 2026 की रात लगभग 2 बजे हुआ। 2. इस दुर्घटना में कितने लोगों की जान गई? मकान के मलबे में दबने से एक ही परिवार के 6 सदस्यों की मौत हो गई। 3. हादसे में मारे गए लोगों के नाम क्या हैं? मृतकों में 60 वर्षीय प्रमोद श्रीवास्तव, रीता, नितिन, माधुरी, माधव और अद्विक शामिल हैं। 4. क्या परिवार का कोई सदस्य इस दुर्घटना में सुरक्षित बचा? हां, प्रमोद श्रीवास्तव का 28 वर्षीय पुत्र अमन इस हादसे में सुरक्षित बच गया और उसकी हालत सामान्य है। 5. प्रतापगढ़ के महुली गांव में गिरा मकान कितना पुराना था? ढह गया मकान लगभग 100 वर्ष पुराना और काफी जर्जर स्थिति में था। https://trendkia.com/uttar-pradesh/pratapgarh-ke-mahuli-ganva-men-bharabharakara-gira-100-sala-purana-makana-so-rahe-eka-hi-parivara-ke-6-logon-ki-mauta-14150 TrendKia — Har trend, sabse pehle.