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  "title": "प्रयागराज में पूर्व ब्लाक प्रमुख दिलीप मिश्रा को झटका, गैंगस्टर एक्ट में सवा करोड़ की जमीन कुर्क",
  "summary": "प्रयागराज पुलिस ने माफिया और पूर्व ब्लाक प्रमुख दिलीप मिश्रा की मेजा तहसील में स्थित एक करोड़ ग्यारह लाख चौबीस हजार रुपये की जमीन गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क कर दी है, जो उसने अपनी भाभी और बहू के नाम खरीदी थी.",
  "content": "प्रयागराज में अपराधियों और माफिया पर पुलिस कमिश्नरेट की सख्ती एक बार फिर तेज हो गई है. इसी कड़ी में मंगलवार को यमुनानगर जोन की औद्योगिक थाना पुलिस ने पूर्व ब्लाक प्रमुख और माफिया दिलीप मिश्रा की वह जमीन कुर्क कर दी, जिसे उसने अपराध की कमाई से खड़ी की गई दौलत से खरीदा था. यह कार्रवाई मेजा तहसील के खीरी थाना क्षेत्र के सिलौंधी कला गांव में स्थित अचल संपत्ति पर की गई और इसका आधार बना गैंगस्टर एक्ट.\n\nकुर्की के दौरान पुलिस ने मौके पर मुनादी कराई और संपत्ति पर नोटिस बोर्ड भी लगा दिया, ताकि आसपास के लोगों को इस कार्रवाई की जानकारी मिल सके.\n\nकितनी कीमत की संपत्ति हुई जब्त\nडीसीपी यमुनानगर जोन विवेक चंद्र यादव के अनुसार, कुर्क की गई जमीन की अनुमानित कीमत एक करोड़ ग्यारह लाख चौबीस हजार रुपये आंकी गई है. यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के अंतर्गत पुलिस कमिश्नर कोर्ट प्रयागराज के आदेश पर की गई है.\n\nडीसीपी ने बताया कि दिलीप मिश्रा के खिलाफ औद्योगिक थाने में अपराध संख्या 218/2 के तहत यूपी गिरोहबन्द एवं समाजविरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1986 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज है. इस मामले की विवेचना कर रहे प्रभारी इंस्पेक्टर नैनी की जांच में सामने आया कि गैंग लीडर दिलीप मिश्रा ने अपने भय और दबंगई के दम पर लोगों को डरा धमकाकर अपराध से कमाए धन से यह अचल संपत्ति खड़ी की थी.\n\nभाभी और बहू के नाम चढ़ी थी जमीन\nजांच में यह भी पता चला कि दिलीप मिश्रा ने इस संपत्ति को सीधे अपने नाम पर न रखकर अपनी भाभी पुष्पा मिश्रा और उनकी पुत्रवधू वीरा मिश्रा के नाम से खरीदा था. इसी आधार पर इसे गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1986 के तहत कुर्क करने के लिए पुलिस कमिश्नर के समक्ष आख्या प्रस्तुत की गई थी.\n\nपुलिस कमिश्नर कोर्ट ने अभिलेखों और साक्ष्यों के आधार पर त्वरित सुनवाई करते हुए कुर्की का आदेश पारित किया. इसके बाद डीसीपी यमुनानगर जोन विवेक चंद्र यादव की अगुवाई में औद्योगिक थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया. अदालत ने संपत्ति की देखरेख के लिए थाना प्रभारी खीरी को प्रशासक नियुक्त किया है.\n\n54 मुकदमे और मंत्री पर हमले का आरोप\nगौरतलब है कि दिलीप मिश्रा के खिलाफ कुल 54 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और फिलहाल वह जेल में बंद है. हिस्ट्रीशीटर दिलीप मिश्रा का नाम योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी पर रिमोट बम से हुए हमले के मामले में भी आरोपी के तौर पर शामिल है.\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: यह कार्रवाई दिखाती है कि गैंगस्टर एक्ट के तहत अपराध की कमाई से बनी संपत्ति, चाहे रिश्तेदारों के नाम पर ही क्यों न हो, जब्त की जा सकती है.\n• प्रयागराज में: मेजा और आसपास के इलाकों के लोगों के लिए राहत की बात है कि माफिया दिलीप मिश्रा की दबंगई से जुड़ी संपत्ति पर पुलिस का शिकंजा कसा गया है.\n\nसवाल-जवाब\n\n1. दिलीप मिश्रा की कितनी कीमत की संपत्ति कुर्क हुई?\nएक करोड़ ग्यारह लाख चौबीस हजार रुपये की अनुमानित कीमत वाली जमीन कुर्क की गई है.\n\n2. यह संपत्ति किसके नाम पर खरीदी गई थी?\nदिलीप मिश्रा ने यह जमीन अपनी भाभी पुष्पा मिश्रा और उनकी पुत्रवधू वीरा मिश्रा के नाम से खरीदी थी.\n\n3. दिलीप मिश्रा के खिलाफ कितने मुकदमे दर्ज हैं?\nउसके खिलाफ कुल 54 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और फिलहाल वह जेल में बंद है.\n\n4. किस कानून के तहत यह कार्रवाई की गई?\nयह कार्रवाई उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत पुलिस कमिश्नर कोर्ट प्रयागराज के आदेश पर की गई है.",
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  "category": "उत्तर प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-06-17",
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    "दिलीप मिश्रा",
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    "प्रयागराज पुलिस",
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    "यमुनानगर जोन",
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