# प्रयागराज में नीट में असफलता के खौफ से 18 साल की छात्रा ने पिता की रिवॉल्वर से खुद को मारी गोली

> प्रयागराज के त्रिवेणीपुरम में नीट की तैयारी कर रही 18 वर्षीय ऋतु शर्मा ने परीक्षा में फिर से असफल होने के डर से पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मारकर जान दे दी। कमरे से मिले सुसाइड नोट में उसने परिजनों से माफी मांगी है।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-11-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/prayagraj-men-neet-men-asaphalata-ke-khaupha-se-18-sala-ki-chhatra-ne-pita-ki-revolver-se-khuda-ko-mari-goli-55281 · **Language:** Hindi
**Tags:** प्रयागराज, नीट परीक्षा, ऋतु शर्मा, झूंसी, उत्तर प्रदेश पुलिस, छात्र आत्महत्या

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में प्रतियोगी परीक्षा के भारी मानसिक तनाव और असफलता के डर के चलते एक दुखद घटना सामने आई है। झूंसी थाना क्षेत्र के त्रिवेणीपुरम इलाके में 18 साल की एक छात्रा ने अपने ही घर में पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। मृतका की पहचान ऋतु शर्मा के रूप में हुई है, जो मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट की तैयारी में जुटी हुई थी। मौके पर पहुंची पुलिस को मृतका के पास से एक भावुक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने लिखा कि वह कभी इस परीक्षा को पास नहीं कर पाएगी और इसके लिए उसने अपने परिजनों से माफी मांगी है।

## तैयारी का भारी दबाव और पहले का प्रयास
पुलिस उपायुक्त (नगर) सागर जैन ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि ऋतु शर्मा पहले भी नीट की परीक्षा में बैठ चुकी थी। उस प्रयास में वह सफल नहीं हो सकी थी, जिसके बाद उसने एक बार फिर पूरे समर्पण के साथ दोबारा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। हालांकि तीसरे चरण की काउंसिलिंग प्रक्रिया में उसका चयन भी हुआ था, लेकिन वह अपने प्रदर्शन और आगामी परीक्षा को लेकर गहरे मानसिक दबाव में थी। मृतका के पिता देवराज शर्मा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) में बतौर इंजीनियर अपनी सेवाएं दे चुके हैं और वहां से सेवानिवृत्त हैं।

## देर रात तक पढ़ाई और दोपहर में शव मिलने का घटनाक्रम
परिजनों के अनुसार, ऋतु का पढ़ाई करने का एक निश्चित शेड्यूल था। वह रातभर जागकर सुबह करीब 4 से 5 बजे तक पढ़ाई किया करती थी और उसके बाद सोने जाती थी। आमतौर पर उसकी दिनचर्या ऐसी थी कि वह दोपहर ढाई बजे तक सोकर उठ जाती थी। सोमवार को जब दोपहर के 3 बज गए और वह अपने कमरे से बाहर नहीं आई, तो घर वालों को अनहोनी की चिंता सताने लगी। जब परिजनों ने कमरे के भीतर जाकर देखा तो ऋतु का खून से लथपथ शव पड़ा हुआ था। यह खौफनाक मंजर देखकर पूरे परिवार में चीख-पुकार मच गई और कोहराम फैल गया।

## सुसाइड नोट बरामद और पुलिस की कानूनी कार्रवाई
घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस ने छात्रा के पास से छोड़ा गया सुसाइड नोट अपने कब्जे में ले लिया है। इस नोट में छात्रा ने अपनी गहरी निराशा व्यक्त करते हुए साफ लिखा था कि वह कभी नीट की परीक्षा पास नहीं कर पाएगी, इसलिए उसे माफ कर दिया जाए। शुरुआती जांच और परिस्थितियों के आधार पर पुलिस का मानना है कि परीक्षा में दोबारा असफल होने की आशंका और अत्यधिक तनाव ही इस घातक कदम की मुख्य वजह बना। पुलिस अधिकारियों ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाकर पूरे मामले की विधिक और विस्तृत जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

## इसका आप पर असर
यह घटना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों में बढ़ते मानसिक दबाव और घरों में हथियारों की आसान पहुंच के गंभीर खतरों को सामने लाती है।

- **भारत में:** राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और डिप्रेशन पर माता-पिता व शैक्षणिक संस्थानों को तुरंत सतर्कता बरतने की जरूरत है। परीक्षा के भय से जूझ रहे विद्यार्थियों को समय रहते काउंसलिंग और भावनात्मक संबल मिलना बेहद जरूरी है।
- **प्रयागराज में:** स्थानीय स्तर पर कोचिंग केंद्रों और छात्र बहुल इलाकों में मेंटल हेल्थ सपोर्ट सिस्टम को सक्रिय करने की मांग उठ रही है। इसके साथ ही लाइसेंसी हथियार रखने वाले परिवारों को अपने सुरक्षा उपकरण बच्चों की पहुंच से पूरी तरह दूर और लॉक रखने चाहिए।
- **अभिभावकों के लिए:** बच्चों की दिनचर्या में अत्यधिक नींद के बदलाव या अलगाव जैसे लक्षणों को समय पर पहचानना जरूरी है। असफलता के डर को सामान्य बनाकर छात्रों को विकल्प समझाने से ऐसे घातक कदमों को रोका जा सकता है।
- **छात्रों के लिए:** किसी भी प्रतियोगी परीक्षा का परिणाम जीवन का अंतिम फैसला नहीं होता है। लगातार तनाव होने पर साथी छात्रों, परिजनों या आधिकारिक हेल्पलाइन से मदद लेने में संकोच न करें।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना लगातार प्रतिस्पर्धी माहौल में विफलता के गहरे डर और अत्यधिक मानसिक तनाव के कारण घटी। छात्रा पर मेडिकल परीक्षा को पास करने का आंतरिक दबाव इतना हावी हो गया कि उसने जानलेवा फैसला ले लिया।

- **सीधा कारण:** छात्रा के सुसाइड नोट के अनुसार, वह नीट परीक्षा को दोबारा पास न कर पाने की आशंका और असफलता के गहरे डर से जूझ रही थी। इसी हताशा में उसने पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद पर गोली चला दी।
- **तैयारी का भारी दबाव:** वह देर रात से लेकर तड़के 5 बजे तक लगातार पढ़ाई करती थी, जिससे नींद का असंतुलन और लगातार अकेलापन बढ़ता गया। पिछले प्रयास में असफलता के बाद दोबारा तैयारी का मानसिक बोझ उसके तनाव को गहरा करता गया।
- **हथियार की आसान उपलब्धता:** घर के भीतर लाइसेंसी रिवॉल्वर की मौजूदगी और छात्रा की उस तक आसान पहुंच ने क्षणिक मानसिक आवेग को तुरंत एक जानलेवा कदम में तब्दील कर दिया।
- **जांच प्रक्रिया:** पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और घटना स्थल से बरामद सुसाइड नोट व सबूतों के आधार पर विस्तृत कानूनी पड़ताल कर रही है।

## सवाल-जवाब

### 1. प्रयागराज में यह घटना किस इलाके में हुई?
यह दुखद घटना प्रयागराज जिले के झूंसी थाना क्षेत्र के अंतर्गत त्रिवेणीपुरम इलाके में घटी।

### 2. मृतक छात्रा की पहचान क्या है?
मृतक छात्रा की पहचान 18 वर्षीय ऋतु शर्मा के रूप में हुई है, जो नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी।

### 3. छात्रा ने जान देने के लिए किस चीज का इस्तेमाल किया?
छात्रा ने अपने पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली।

### 4. छात्रा के पिता क्या काम करते हैं?
छात्रा के पिता देवराज शर्मा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से सेवानिवृत्त इंजीनियर हैं।

### 5. सुसाइड नोट में छात्रा ने क्या लिखा था?
सुसाइड नोट में छात्रा ने लिखा था कि वह कभी नीट की परीक्षा पास नहीं कर सकेगी और इसके लिए उसने परिजनों से माफी मांगी थी।

### 6. घटना के दिन परिवार वालों को अनहोनी की जानकारी कैसे हुई?
आमतौर पर दोपहर ढाई बजे उठने वाली छात्रा जब सोमवार को तीन बजे तक कमरे से बाहर नहीं आई, तब परिजनों ने अंदर जाकर देखा।

### 7. पुलिस ने मामले में क्या कानूनी कार्रवाई की है?
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मौके से सबूत व सुसाइड नोट जुटाकर मामले की जांच कर रही है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._