प्रयागराज में स्वामीनारायण मंदिर का बड़ा हिस्सा गिरा, भारी बारिश बनी वजह प्रयागराज में शुक्रवार देर रात भारी बारिश के बीच स्वामीनारायण मंदिर का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त वहां सो रहे लोग बाल-बाल बच गए और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर में स्थित स्वामीनारायण मंदिर का एक प्रमुख हिस्सा भारी बारिश के चलते अचानक भरभराकर गिर गया। यह घटना शुक्रवार देर रात की है, जब मंदिर परिसर में लोग विश्राम कर रहे थे। एक तेज और भयानक धमाके की गूंज के साथ मंदिर के अगला विशाल भाग जमींदोज हो गया। इस अचानक हुई दुर्घटना की आवाज से गहरी नींद में सो रहे लोगों की आंखें खुल गईं और वे तुरंत सुरक्षित स्थान की ओर भागे। संतोष की बात यह रही कि मलबे की चपेट में कोई व्यक्ति नहीं आया और किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। अतिथि निवास के रूप में होता था उपयोग मिली जानकारी के अनुसार, प्रयागराज के इस मंदिर के जिस हिस्से में यह हादसा हुआ, उसका उपयोग मुख्य रूप से दूर-दराज से आने वाले मेहमानों और यात्रियों को ठहराने के लिए किया जाता था। मंदिर परिसर से लगे हुए क्षेत्र में एक बड़ा तीन मंजिला कमर्शियल-कम-रेसिडेंशियल अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य प्रस्तावित था। इसके लिए जमीन में काफी गहरा गड्ढा खोदा गया था। स्थानीय निवासियों के अनुसार, क्षेत्र में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश की वजह से इस खुदे हुए गड्ढे में भारी मात्रा में पानी भर गया था। पानी के जमा होने के कारण मंदिर की नींव के आसपास की मिट्टी अत्यधिक नम हो गई, जिससे ढांचे का बेस बेहद कमजोर हो गया। इसी तकनीकी कमजोरी और जलभराव के चलते मंदिर का अगला हिस्सा अचानक ढहकर नीचे आ गिरा। इस घटना से जुड़ा वीडियो और अपडेट एक्स पर साझा किया गया है। इलाके में फैली दहशत और जांच शुरू घटना के एक चश्मदीद मोइन अली ने मीडिया को जानकारी दी कि मंदिर के पिछले हिस्से की संरचना अभी भी अपनी जगह पर खड़ी हुई है, जबकि उसका आगे का बड़ा हिस्सा पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो चुका है। इस अचानक हुए हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और लोग दहशत में आ गए। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला और संबंधित राहत टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और स्थिति का बारीकी से मुआयना किया। फिलहाल अधिकारी और तकनीकी दल इस बात की गहराई से जांच कर रहे हैं कि इस दुर्घटना की असली वजह क्या थी और आसपास चल रहे निर्माण कार्य का मंदिर की पुरानी संरचना पर कितना नकारात्मक प्रभाव पड़ा था। राहत इस बात की है कि रात के वक्त इतनी बड़ी दुर्घटना होने के बावजूद किसी भी नागरिक को शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा है। इसका आप पर असर प्रयागराज में हुए इस मंदिर हादसे का असर स्थानीय निवासियों और निर्माण स्थलों के आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर सीधा पड़ता है। - भारत में: देश भर में भारी बारिश के दौरान पुराने और कमजोर ढांचों के पास चल रहे अनियोजित गहरे निर्माण कार्यों पर प्रशासनिक निगरानी सख्त होनी चाहिए। इससे इस तरह के अचानक होने वाले हादसों और जानमाल के नुकसान को रोका जा सकता है। - प्रयागराज में: स्थानीय प्रशासन को शहर के सभी इलाकों में बारिश के कारण कमजोर हुई इमारतों और पास की खुदाई वाले स्थानों की तुरंत जांच करनी चाहिए। निवासियों को भी सलाह दी जाती है कि वे जलभराव और बेसमेंट की खुदाई वाले स्थलों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। सवाल-जवाब 1. प्रयागराज में स्वामीनारायण मंदिर का कौन सा हिस्सा ढहा है? मंदिर का अगला विशाल हिस्सा और मेहमानों के ठहरने के लिए इस्तेमाल होने वाला कमरा ढह गया है। 2. यह हादसा किस समय हुआ? यह दुर्घटना शुक्रवार देर रात भारी बारिश के दौरान हुई। 3. क्या इस हादसे में कोई घायल हुआ है? गनीमत यह रही कि इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई सूचना नहीं है। 4. हादसे की मुख्य वजह क्या थी? लगातार बारिश और पास में चल रहे निर्माण कार्य के लिए खोदे गए गड्ढे में पानी भरने से नींव कमजोर हो गई थी। 5. चश्मदीद मोइन अली ने क्या जानकारी दी? मोइन अली ने बताया कि मंदिर का पिछला हिस्सा खड़ा है जबकि सामने का बड़ा हिस्सा पूरी तरह गिर चुका है। https://trendkia.com/uttar-pradesh/prayagraj-men-swaminarayan-temple-ka-bara-hissa-gira-bhari-barisha-bani-vajaha-24068 TrendKia — Har trend, sabse pehle.