# पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर भीषण टक्कर, शहीद सुबेदार मेजर का पार्थिव शरीर ला रहे बेटे समेत चार की मौत

> पंचकुला से देवरिया जा रही एंबुलेंस सुल्तानपुर में खड़े ट्रक से टकरा गई, जिसमें शहीद सुबेदार मेजर सत्यवान के बेटे, भाई, भतीजे और चालक की जान चली गई।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-10-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/purvanchal-expressway-para-bhishana-takkara-shahida-subedar-major-ka-parthiva-sharira-la-rahe-bete-sameta-chara-ki-mauta-42675 · **Language:** Hindi
**Tags:** सुल्तानपुर सड़क हादसा, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, सड़क दुर्घटना, शहीद सुबेदार मेजर, उत्तर प्रदेश पुलिस, देवरिया

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर 4 अक्टूबर की सुबह एक बेहद हृदयविदारक घटना घटी। पंचकुला से सेना के शहीद सुबेदार मेजर सत्यवान का पार्थिव शरीर लेकर उनके पैतृक गांव देवरिया जा रही एंबुलेंस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े एक ट्रक में पीछे से जा टकराई। इस भीषण दुर्घटना में शहीद के पुत्र, भाई और भतीजे सहित वाहन चला रहे चालक की मौत हो गई। घर पर जहां एक तरफ शहीद के अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं, वहीं इस अप्रत्याशित हादसे ने पूरे परिवार और गांव पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया।

## माइलस्टोन 79.6 के पास सुबह हुआ भीषण हादसा
यह दर्दनाक घटना 4 अक्टूबर की सुबह लगभग 8:15 बजे अयोध्या और सुल्तानपुर की सीमा के निकट हलियापुर थाना क्षेत्र में हुई। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के माइलस्टोन 79.6 के पास सड़क किनारे एक ट्रक खड़ा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एंबुलेंस काफी तेज गति में आ रही थी और अचानक संतुलन खोने के कारण वह सीधे खड़े ट्रक के पिछले हिस्से में जा समाई। टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि एंबुलेंस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और वाहन का केबिन बुरी तरह पिचक गया। चालक जसपाल का शरीर स्टेयरिंग व्हील के बीच बुरी तरह फंस गया।

## हादसे में जान गंवाने वाले चार लोग
इस भीषण सड़क दुर्घटना में चार लोगों की असामयिक मृत्यु हो गई। मृतकों में शहीद सुबेदार मेजर सत्यवान के बेटे गौरव सिंह, उनके भाई राजन चौधरी, भतीजे राम समुझ और एंबुलेंस चालक जसपाल शामिल हैं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि गौरव सिंह और चालक जसपाल की मौके पर ही सांसें थम गईं। वहीं गंभीर रूप से जख्मी हुए राजन चौधरी और राम समुझ को तत्काल राहत दल की मदद से उपचार के लिए अयोध्या के सरकारी अस्पताल भेजा गया, लेकिन चोटों की गंभीरता के चलते इलाज के दौरान उन दोनों ने भी दम तोड़ दिया।

## गैस कटर से काटकर निकाले गए शव, थाने में रखवाया गया पार्थिव शरीर
एंबुलेंस के पूरी तरह पिचक जाने के कारण अंदर फंसे शवों और घायलों को निकालने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंची टीम ने गैस कटर का इस्तेमाल कर वाहन की धातु को काटा और शवों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही हलियापुर थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके साथ ही, एंबुलेंस में मौजूद शहीद सुबेदार मेजर सत्यवान के पार्थिव शरीर को पूरे सैन्य सम्मान के साथ सुरक्षित रूप से हलियापुर थाने में रखवाया गया है।

## पंचकुला से देवरिया के लिए रवाना हुआ था परिवार
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रुद्रपुर क्षेत्र के रहने वाले सेना के सुबेदार मेजर सत्यवान कुछ दिन पहले पंचकुला में शहीद हो गए थे। सेना के इस वीर सपूत का पार्थिव शरीर सम्मानपूर्वक घर लाने के लिए उनके बेटे गौरव सिंह, भाई राजन चौधरी और भतीजे राम समुझ पंचकुला पहुंचे थे। 3 अक्टूबर की देर रात यह सभी लोग एंबुलेंस में पार्थिव शरीर को लेकर देवरिया के लिए रवाना हुए थे। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि अपने पैतृक आवास पहुंचने से कुछ घंटे पहले ही एक्सप्रेस-वे पर यह भीषण त्रासदी घट जाएगी।

## झपकी आने की आशंका, पुलिस जांच में जुटी
प्रशासन की ओर से इस दुखद घटना की सूचना देवरिया में मौजूद शोकाकुल परिजनों को दे दी गई है। शुरुआती जांच और परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस यह अंदेशा जता रही है कि रात भर वाहन चलाने के कारण संभवतः चालक को नींद की झपकी आ गई होगी, जिससे एंबुलेंस की गति अनियंत्रित हो गई। हालांकि पुलिस और संबंधित एजेंसियां दुर्घटना के सटीक कारणों, वाहन की गति और तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही हैं ताकि स्पष्ट हो सके कि हादसा कैसे हुआ।

## इसका आप पर असर
इस भीषण हादसे से एक्सप्रेस-वे पर यात्रा करने वाले लोगों और वाहन चालकों के लिए लंबी दूरी के सुरक्षित सफर के नियम अत्यंत आवश्यक हो जाते हैं।

- **भारत में:** लंबी दूरी तय करने वाले चालकों के लिए रात में लगातार वाहन चलाने के दौरान नियमित अंतराल पर विश्राम लेना जीवन रक्षक साबित हो सकता है। व्यावसायिक और आपातकालीन वाहनों में दो चालकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने से झपकी आने के खतरों को टाला जा सकता है।
- **सुल्तानपुर और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर:** एक्सप्रेस-वे के किनारे भारी वाहनों के खड़े होने पर कड़ी निगरानी रखने की आवश्यकता उजागर हुई है। मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को अनपेक्षित रूप से खड़े ट्रकों से बचने के लिए गति सीमा का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
- **आपातकालीन वाहन प्रबंधन:** लंबे अंतर-राज्यीय मार्गों पर शव या मरीजों को ले जाने वाली एंबुलेंस चालकों के कार्य समय की स्पष्ट निगरानी होनी चाहिए। परिजनों को भी लंबी यात्राओं के दौरान चालक की थकान को भांपते हुए रुक-रुक कर चलने की सलाह दी जाती है।
- **राजमार्ग सुरक्षा नियम:** एक्सप्रेस-वे पर अनिवार्य पार्किंग लेन के नियमों का कड़ाई से अनुपालन किया जाना जरूरी है। खड़े वाहनों पर चेतावनी संकेतक और रिफ्लेक्टर लगे होने से पीछे से आने वाली गाड़ियों को समय रहते चेतावनी मिल सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर हुआ यह दुखद हादसा तेज गति और चालक को झपकी आने की प्राथमिक परिस्थितियों की ओर इशारा करता है। रातभर की लंबी यात्रा के बाद सुबह के समय वाहन का नियंत्रण खो जाने से यह टक्कर हुई।

- **प्राथमिक कारक:** प्रारंभिक पुलिस जांच के अनुसार एंबुलेंस चालक जसपाल को संभवतः नींद की झपकी आ गई थी। रातभर पंचकुला से चलने के कारण अत्यधिक थकान के चलते सुबह के वक्त वाहन अनियंत्रित हो गया।
- **खड़ा हुआ ट्रक और तेज गति:** प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एंबुलेंस काफी तेज गति में थी और एक्सप्रेस-वे के किनारे खड़े ट्रक से सीधे टकरा गई। सड़क किनारे खड़े भारी वाहन से बचने के लिए तेज रफ्तार के कारण चालक को संभलने का मौका नहीं मिला।
- **जांच की स्थिति:** पुलिस मामले की तकनीकी और कानूनी जांच कर रही है ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सके। खड़े ट्रक की स्थिति और सड़क सुरक्षा प्रोटोकॉल की भी पड़ताल की जा रही है।

## सवाल-जवाब

### 1. पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर यह हादसा कब और कहां हुआ?
यह दुर्घटना 4 अक्टूबर की सुबह लगभग 8:15 बजे उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में हलियापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत माइलस्टोन 79.6 के पास हुई।

### 2. एंबुलेंस कहां से कहां जा रही थी?
एंबुलेंस शहीद सुबेदार मेजर सत्यवान का पार्थिव शरीर लेकर पंचकुला से उनके गृह जनपद देवरिया जा रही थी।

### 3. इस दुर्घटना में किन लोगों की जान गई?
हादसे में शहीद के बेटे गौरव सिंह, भाई राजन चौधरी, भतीजे राम समुझ और एंबुलेंस चालक जसपाल की मौत हो गई।

### 4. शहीद सुबेदार मेजर सत्यवान के पार्थिव शरीर को कहां रखा गया है?
दुर्घटना के पश्चात शहीद सुबेदार मेजर सत्यवान के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक हलियापुर थाने में रखवाया गया है।

### 5. पुलिस के अनुसार हादसे का संभावित कारण क्या है?
शुरुआती पुलिस जांच में आशंका जताई गई है कि चालक को नींद की झपकी आने की वजह से तेज रफ्तार एंबुलेंस अनियंत्रित होकर खड़े ट्रक में जा घुसी।

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