# राम मंदिर दान गबन मामला: इस्तीफा देने वाले चंपत राय और जेल में बंद आरोपियों पर प्रशासन की पैनी नज़र

> अयोध्या राम मंदिर में दान की गई राशि के कथित गबन मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस प्रकरण के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जबकि मामले में गिरफ्तार लोगों को जेल में कड़ी निगरानी में रखा गया है।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-06-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/ram-mandir-dana-gabana-mamala-istipha-dene-vale-champat-rai-aura-jela-men-bnda-aropiyon-para-prashasana-ki-paini-nazara-3230 · **Language:** Hindi
**Tags:** अयोध्या राम मंदिर, चंपत राय, दान गबन मामला, योगी आदित्यनाथ, यूपी राजनीति, कानूनी कार्रवाई

अयोध्या राम मंदिर से जुड़ी दान राशि के कथित गबन के मामले में लगातार बढ़ते दबाव के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अंततः अपना इस्तीफा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को सौंप दिया है। यह कदम तब उठाया गया है जब पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे के दौरान चंपत राय को उनके आधिकारिक कार्यक्रमों से दूर रखा गया था।

## संसद में गूंजेगी दान चोरी की गूंज
इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने स्पष्ट किया है कि वे अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के इस गंभीर विषय को संसद के आगामी मानसून सत्र में प्रमुखता से उठाएंगे। उनका कहना है कि यह देश के सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक है और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था इससे जुड़ी है, इसलिए सरकार को इसका जवाब देना ही होगा।

## जांच और कानूनी कार्रवाई का भरोसा
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार ने घटना को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और कानून के अनुसार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उधर, वरिष्ठ अधिवक्ता हरि शंकर जैन ने इस पर अपनी बात रखते हुए कहा कि जांच जारी है और सच सामने आना बाकी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि घोटाला होने की स्थिति में कोई भी राम भक्त इसका समर्थन नहीं कर सकता और हर कोई दोषियों के लिए सख्त सजा की मांग कर रहा है।

## जेल में आरोपियों की सुरक्षा व्यवस्था
कानूनी कार्रवाई के तहत इस मामले में आठ लोगों को जेल भेजा गया है। मंडलीय जेल अधीक्षक मुकेश कुमार के अनुसार, इन सभी आठों कैदियों को विशेष निगरानी में रखा गया है। जेल प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इन्हें अलग-अलग बैरक में बंद किया है ताकि किसी अन्य कैदी से इनका सामना न हो सके और सुरक्षा पूरी तरह बनी रहे।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** मंदिर ट्रस्टों और दान प्रबंधन में पारदर्शिता की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी बहस तेज हो सकती है, जिससे धार्मिक संस्थानों के वित्तीय नियम और कड़े किए जा सकते हैं।

**अयोध्या में:** स्थानीय प्रशासन और ट्रस्ट के कामकाज पर अब सख्त निगरानी रखी जा रही है, जिसका सीधा असर आने वाले समय में मंदिर की प्रशासनिक प्रक्रियाओं में बड़े बदलावों के रूप में दिखेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा क्यों दिया?
लगातार बढ़ते दबाव के कारण उन्होंने ट्रस्ट के महासचिव और अन्य पदों से इस्तीफा दिया है।

### 2. आठ कैदियों को जेल में कैसे रखा गया है?
आठों आरोपियों को जेल में अलग-अलग बैरक में रखा गया है और उनकी सुरक्षा के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

### 3. क्या कांग्रेस इस मुद्दे को उठाएगी?
हाँ, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने इस मुद्दे को संसद के मानसून सत्र में उठाने की घोषणा की है।

### 4. इस मामले पर सरकार का क्या रुख है?
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा है कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है और कानून के अनुसार निष्पक्ष जांच व कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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