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  "type": "article",
  "title": "राम मंदिर दान गड़बड़ी की पड़ताल अभी खत्म नहीं, 15 दिन में सरकार को मिलेगी अंतिम रिपोर्ट",
  "summary": "अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही एसआईटी ने प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है, लेकिन जांच आगे भी जारी रहेगी और अंतिम रिपोर्ट 15 दिन में दी जाएगी।",
  "content": "अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि के कथित गबन को लेकर चल रही जांच का पहला पड़ाव पूरा हो गया है, लेकिन यह कहानी अभी थमी नहीं है। मामले की पड़ताल कर रही विशेष जांच दल यानी एसआईटी ने मंगलवार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंप दी। यह रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को दी गई। साफ कर दिया गया है कि यह केवल शुरुआती आख्या है और असली जांच आगे भी चलती रहेगी।\n\nएसआईटी का नेतृत्व कर रहे लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने बताया कि फिलहाल जो दस्तावेज सौंपा गया है, वह प्रारंभिक प्रतिवेदन भर है। उन्होंने कहा कि टीम ने अपने दौरे के दौरान जो भी तथ्य जुटाए और जो फाइंडिंग सामने आई, उसे ज्यों का त्यों सरकार के सामने रख दिया गया है।\n\n15 दिन में आएगी अंतिम रिपोर्ट\nपंत ने स्पष्ट किया कि जांच का काम खत्म नहीं हुआ है। उनके मुताबिक मामले की पड़ताल आगे भी जारी रहेगी और अंतिम रिपोर्ट 15 दिन के भीतर सरकार को सौंपी जाएगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर इस दौरान कोई नए तथ्य सामने आते हैं, तो टीम सरकार से और समय मांगने में हिचकेगी नहीं।\n\nरिपोर्ट को बताया गोपनीय\nजब रिपोर्ट में क्या है, यह पूछा गया तो पंत ने इसे साझा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह गोपनीय जांच रिपोर्ट है और इसकी बातें बताने के लिए टीम इस समय अधिकृत नहीं है। गबन से जुड़े सवालों पर भी उन्होंने यही दोहराया कि जो जांच हुई है, उसका पूरा ब्योरा शासन को उपलब्ध करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि शासन की ओर से बनाई गई तीन सदस्यीय एसआईटी की यह रिपोर्ट इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव (गृह) को दी गई है।\n\n13 जून को बनी थी टीम\nगौरतलब है कि राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन और दान राशि से जुड़े आरोपों की पड़ताल के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया था। यह कदम श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से मिले अनुरोध के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उठाया गया। टीम को तीर्थ क्षेत्र में रखे दानपात्रों को लेकर लग रहे आरोपों की जांच कर अपनी रिपोर्ट सरकार को देने की जिम्मेदारी दी गई थी।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: राम मंदिर में देश भर से चढ़ावा भेजने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह जांच तय करेगी कि उनके दान का हिसाब पारदर्शी तरीके से रखा जा रहा है या नहीं।\n• अयोध्या/उत्तर प्रदेश में: मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय प्रशासन पर दानपात्रों के प्रबंधन को लेकर नजर बढ़ेगी, और अंतिम रिपोर्ट से आगे की कार्रवाई की दिशा तय होगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. एसआईटी ने रिपोर्ट किसे और कब सौंपी?\nएसआईटी ने मंगलवार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंपी।\n\n2. क्या जांच पूरी हो गई है?\nनहीं, यह केवल प्रारंभिक रिपोर्ट है और मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी।\n\n3. अंतिम रिपोर्ट कब आएगी?\nएसआईटी प्रमुख के अनुसार अंतिम रिपोर्ट 15 दिन के भीतर सरकार को सौंपी जाएगी।\n\n4. एसआईटी का नेतृत्व कौन कर रहा है?\nलखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत इस तीन सदस्यीय एसआईटी के अध्यक्ष हैं।\n\n5. रिपोर्ट में क्या लिखा है, यह क्यों नहीं बताया गया?\nविजय विश्वास पंत ने इसे गोपनीय जांच रिपोर्ट बताया और कहा कि इसकी बातें बताने के लिए टीम अभी अधिकृत नहीं है।\n\n6. एसआईटी का गठन कब और क्यों हुआ?\nउत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन और दान राशि से जुड़े आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी बनाई।\n\n7. एसआईटी बनाने का फैसला किसके निर्देश पर हुआ?\nश्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एसआईटी बनाई गई।",
  "url": "https://trendkia.com/uttar-pradesh/ram-mndira-dana-garabari-ki-paratala-abhi-khatma-nahin-15-dina-men-sarakara-ko-milegi-antima-riporta-2535",
  "category": "उत्तर प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-06-24",
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    "राम मंदिर दान जांच",
    "एसआईटी रिपोर्ट",
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