# राम मंदिर दान गड़बड़ी की पड़ताल अभी खत्म नहीं, 15 दिन में सरकार को मिलेगी अंतिम रिपोर्ट

> अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही एसआईटी ने प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है, लेकिन जांच आगे भी जारी रहेगी और अंतिम रिपोर्ट 15 दिन में दी जाएगी।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-06-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/ram-mndira-dana-garabari-ki-paratala-abhi-khatma-nahin-15-dina-men-sarakara-ko-milegi-antima-riporta-2535 · **Language:** Hindi
**Tags:** राम मंदिर दान जांच, एसआईटी रिपोर्ट, अयोध्या, विजय विश्वास पंत, संजय प्रसाद, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, योगी आदित्यनाथ, दान गबन

अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि के कथित गबन को लेकर चल रही जांच का पहला पड़ाव पूरा हो गया है, लेकिन यह कहानी अभी थमी नहीं है। मामले की पड़ताल कर रही विशेष जांच दल यानी एसआईटी ने मंगलवार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंप दी। यह रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को दी गई। साफ कर दिया गया है कि यह केवल शुरुआती आख्या है और असली जांच आगे भी चलती रहेगी।

एसआईटी का नेतृत्व कर रहे लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने बताया कि फिलहाल जो दस्तावेज सौंपा गया है, वह प्रारंभिक प्रतिवेदन भर है। उन्होंने कहा कि टीम ने अपने दौरे के दौरान जो भी तथ्य जुटाए और जो फाइंडिंग सामने आई, उसे ज्यों का त्यों सरकार के सामने रख दिया गया है।

## 15 दिन में आएगी अंतिम रिपोर्ट
पंत ने स्पष्ट किया कि जांच का काम खत्म नहीं हुआ है। उनके मुताबिक मामले की पड़ताल आगे भी जारी रहेगी और अंतिम रिपोर्ट 15 दिन के भीतर सरकार को सौंपी जाएगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर इस दौरान कोई नए तथ्य सामने आते हैं, तो टीम सरकार से और समय मांगने में हिचकेगी नहीं।

## रिपोर्ट को बताया गोपनीय
जब रिपोर्ट में क्या है, यह पूछा गया तो पंत ने इसे साझा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह गोपनीय जांच रिपोर्ट है और इसकी बातें बताने के लिए टीम इस समय अधिकृत नहीं है। गबन से जुड़े सवालों पर भी उन्होंने यही दोहराया कि जो जांच हुई है, उसका पूरा ब्योरा शासन को उपलब्ध करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि शासन की ओर से बनाई गई तीन सदस्यीय एसआईटी की यह रिपोर्ट इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव (गृह) को दी गई है।

## 13 जून को बनी थी टीम
गौरतलब है कि राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन और दान राशि से जुड़े आरोपों की पड़ताल के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया था। यह कदम श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से मिले अनुरोध के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उठाया गया। टीम को तीर्थ क्षेत्र में रखे दानपात्रों को लेकर लग रहे आरोपों की जांच कर अपनी रिपोर्ट सरकार को देने की जिम्मेदारी दी गई थी।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** राम मंदिर में देश भर से चढ़ावा भेजने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह जांच तय करेगी कि उनके दान का हिसाब पारदर्शी तरीके से रखा जा रहा है या नहीं।
- **अयोध्या/उत्तर प्रदेश में:** मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय प्रशासन पर दानपात्रों के प्रबंधन को लेकर नजर बढ़ेगी, और अंतिम रिपोर्ट से आगे की कार्रवाई की दिशा तय होगी।

## सवाल-जवाब

### 1. एसआईटी ने रिपोर्ट किसे और कब सौंपी?
एसआईटी ने मंगलवार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंपी।

### 2. क्या जांच पूरी हो गई है?
नहीं, यह केवल प्रारंभिक रिपोर्ट है और मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी।

### 3. अंतिम रिपोर्ट कब आएगी?
एसआईटी प्रमुख के अनुसार अंतिम रिपोर्ट 15 दिन के भीतर सरकार को सौंपी जाएगी।

### 4. एसआईटी का नेतृत्व कौन कर रहा है?
लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत इस तीन सदस्यीय एसआईटी के अध्यक्ष हैं।

### 5. रिपोर्ट में क्या लिखा है, यह क्यों नहीं बताया गया?
विजय विश्वास पंत ने इसे गोपनीय जांच रिपोर्ट बताया और कहा कि इसकी बातें बताने के लिए टीम अभी अधिकृत नहीं है।

### 6. एसआईटी का गठन कब और क्यों हुआ?
उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन और दान राशि से जुड़े आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी बनाई।

### 7. एसआईटी बनाने का फैसला किसके निर्देश पर हुआ?
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एसआईटी बनाई गई।

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