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  "title": "राम मंदिर दान चोरी मामला: लवकुश के घर पुलिस की दबिश और आठ आरोपियों की गिरफ्तारी की पूरी कहानी",
  "summary": "अयोध्या के राम मंदिर में दान की राशि चोरी होने के मामले में एसआईटी ने अपनी जांच तेज कर दी है। अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है और संदिग्ध लेन-देन व सुरक्षा में खामियों की गहन पड़ताल जारी है।",
  "content": "राम मंदिर में हुए दान चोरी प्रकरण की जांच अब एक नए चरण में पहुंच चुकी है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपियों अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे को रात के अंधेरे में कड़ी सुरक्षा के बीच लवकुश के घर ले जाकर विस्तृत पड़ताल की। इसके अतिरिक्त, इन तीनों आरोपियों को 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित जौरा क्षेत्र ले जाया गया। जांच एजेंसियों को अंदेशा है कि इसी स्थान पर चोरी की गई नकदी को इकट्ठा करके आपस में विभाजित किया जाता था।\n\nजांच का दायरा और छापेमारी\nएसआईटी की टीम ने अयोध्या के मिल्कीपुर इलाके में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान अनुकल्प मिश्रा से जुड़े रिश्तेदारों के घरों, एक स्थानीय सर्राफा व्यापारी की दुकान और इनायतनगर में निर्माण सामग्री बेचने वाले एक कारोबारी के परिसरों पर छापे मारे गए। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि आरोपियों ने जो संपत्ति या वस्तुएं खरीदी हैं, उनके लिए भुगतान का तरीका क्या था। क्या यह लेन-देन नकदी के रूप में हुआ या फिर डिजिटल भुगतान का सहारा लिया गया, इन बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।\n\nदान की गणना और सुरक्षा व्यवस्था की खामियां\nविशेष जांच दल अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खर्चों से संबंधित सभी बिलों और वाउचरों का बारीकी से विश्लेषण कर रहा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पिछले 40 दिनों के भीतर चोरी की करीब 70 संदिग्ध घटनाएं हो सकती हैं। पुलिस इस बात की भी समीक्षा कर रही है कि मंदिर परिसर में दान राशि की गिनती की वर्तमान प्रक्रिया क्या थी और सुरक्षा में कहां-कहां चूक हुई। इसके साथ ही, मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला, जो पिछले 10 वर्षों से एक योग केंद्र में रह रहा था, की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। अब तक इस मामले में कुल आठ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, और पुलिस लाइन में आरोपियों से लगातार पूछताछ का सिलसिला जारी है। हाल ही में इन आरोपियों को पहचान के लिए नाका चुंगी भी ले जाया गया था।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: मंदिर संस्थानों को दान प्रबंधन और नकदी गिनती के लिए अधिक पारदर्शी और डिजिटल सुरक्षा प्रणालियों को अपनाने की आवश्यकता है। अयोध्या में: स्थानीय निवासियों और दानदाताओं के लिए ट्रस्ट की सुरक्षा व्यवस्था में कड़ाई का मतलब भविष्य में दान राशि की बेहतर सुरक्षा है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. राम मंदिर दान चोरी मामले में अब तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है?\nइस मामले में अब तक कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।\n\n2. जांच एजेंसियां आरोपियों को जौरा क्षेत्र क्यों ले गई थीं?\nपुलिस को संदेह है कि जौरा क्षेत्र में चोरी की गई नकदी की गिनती की जाती थी और उसका बंटवारा होता था।\n\n3. मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला के बारे में क्या जानकारी मिली है?\nआरोप है कि मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला पिछले 10 वर्षों से उसी योग केंद्र में रह रहा था।\n\n4. एसआईटी किन दस्तावेजों की जांच कर रही है?\nएसआईटी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बड़े खर्चों से जुड़े बिलों और वाउचरों की जांच कर रही है।",
  "url": "https://trendkia.com/uttar-pradesh/rama-mndira-dana-chori-mamala-lavakusha-ke-ghara-police-ki-dabisha-aura-atha-aropiyon-ki-giraphtari-ki-puri-kahani-6098",
  "category": "उत्तर प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-07-09",
  "tags": [
    "राम मंदिर",
    "अयोध्या",
    "दान चोरी",
    "एसआईटी",
    "अपराध"
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  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
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