राम मंदिर दान पात्र मामला: SIT ने 8 घंटे की पड़ताल, 43 लोगों से अलग-अलग पूछताछ, जानिए परिसर में क्या-क्या हुआ अयोध्या के राम जन्मभूमि परिसर में दान पात्र से कथित गबन की जांच के लिए पहुंची SIT ने करीब आठ घंटे तक पड़ताल की और ट्रस्ट पदाधिकारियों समेत 43 लोगों से सवाल किए, फिलहाल न कोई हिरासत में है और न ही गिरफ्तार। अयोध्या के राम जन्मभूमि परिसर में सोमवार का दिन और देर रात तक जांच की गहमागहमी रही। राम मंदिर के दान पात्र में हुई कथित चोरी की तह तक पहुंचने के लिए बनाई गई विशेष जांच टीम यानी SIT उसी दिन अयोध्या पहुंच गई और सीधे परिसर के भीतर अपनी पड़ताल शुरू कर दी। टीम रात 11 बजे तक परिसर में डटी रही और इस दौरान करीब 8 घंटे तक एक-एक पहलू को बारीकी से खंगाला गया। परिसर में ही 43 लोगों से सवाल जांच के दौरान राम जन्मभूमि परिसर में ही कुल 43 लोगों से पूछताछ की गई और सबसे अलग-अलग सवाल किए गए, ताकि बयानों का मिलान किया जा सके। इन लोगों में राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी तो शामिल थे ही, साथ ही दान पात्र की गिनती के लिए तैनात की गई SBI बैंक के कर्मचारी भी पूछताछ के दायरे में आए। पूछताछ के समय राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव और ट्रस्ट के पदेन सदस्य यानी अयोध्या के जिलाधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। दान पात्र से बैंक खाते तक, हर कड़ी की जांच SIT ने सिर्फ पूछताछ तक खुद को सीमित नहीं रखा। परिसर में रखे गए अलग-अलग दान पात्रों का मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण किया गया। मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज को भी खंगाला गया ताकि घटनाक्रम की तस्वीर साफ हो सके। इसके अलावा कई पत्रावलियों की भी जांच की गई और बैंकों में जमा की गई धनराशि तक टीम पहुंची, यानी पैसों के लेन-देन की पूरी कड़ी को टटोला गया। जिन आरोपियों को ट्रस्ट ने कई दिनों से परिसर में ही रोक रखा था, उनसे भी समिति ने अलग-अलग सवाल-जवाब किए। रातभर रुकी जांच टीम देर रात तक राम जन्मभूमि परिसर में जांच का सिलसिला जारी रहा और इसके बाद टीम वापस लौटने के बजाय अयोध्या में ही रुक गई। समिति के सदस्यों ने रामनगरी के सरयू अतिथि गृह में रात बिताई। देर रात राम जन्मभूमि थाने के प्रभारी और अयोध्या के क्षेत्राधिकारी को भी परिसर में बुलाया गया। न हिरासत, न गिरफ्तारी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि अब तक न तो किसी को हिरासत में लिया गया है और न ही किसी को जेल भेजा गया है। यह भी सामने आया है कि राम मंदिर ट्रस्ट की तरफ से कोई औपचारिक शिकायती पत्र अभी तक नहीं दिया गया है। भारी सुरक्षा बल के घेरे में SIT की टीम परिसर से बाहर निकली। आगे क्या बताया जा रहा है कि SIT की टीम आज भी जांच को आगे बढ़ाएगी। पड़ताल पूरी होने के बाद टीम राम जन्मभूमि दान पात्र में गबन के इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट जल्द ही मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपेगी। इसका आप पर असर • भारत में: राम मंदिर को देशभर से मिलने वाले दान की निगरानी और जवाबदेही पर इस जांच का सीधा असर पड़ेगा, जिससे श्रद्धालुओं का चढ़ावे को लेकर भरोसा जुड़ा है। • अयोध्या में: स्थानीय लोगों और मंदिर आने वाले दर्शनार्थियों के लिए परिसर में सुरक्षा और दान व्यवस्था कड़ी होने की संभावना है। सवाल-जवाब 1. SIT ने कितनी देर और कितने लोगों से पूछताछ की? टीम ने राम जन्मभूमि परिसर में करीब 8 घंटे तक जांच की और परिसर में ही 43 लोगों से अलग-अलग पूछताछ की। 2. पूछताछ में कौन-कौन शामिल थे? इसमें राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी और दान पात्र की गिनती के लिए तैनात SBI बैंक के कर्मचारी शामिल थे। 3. क्या किसी को गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया? पुलिस के मुताबिक अब तक न किसी को हिरासत में लिया गया है और न ही किसी को जेल भेजा गया है, और ट्रस्ट की ओर से कोई शिकायती पत्र भी नहीं दिया गया है। 4. जांच रिपोर्ट किसे सौंपी जाएगी? SIT दान पात्र में गबन मामले की विस्तृत रिपोर्ट जल्द ही मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपेगी। https://trendkia.com/uttar-pradesh/rama-mndira-dana-patra-mamala-sit-ne-8-ghnte-ki-paratala-43-logon-se-alaga-alaga-1117 TrendKia — Har trend, sabse pehle.