राम मंदिर दान विवाद: वकील सड़क पर, चंपत राय समेत तीन पदाधिकारियों पर एफआईआर की मांग तेज़ अयोध्या में राम मंदिर दान चोरी मामले में वकील सड़कों पर उतरे और ट्रस्ट महासचिव चंपत राय, सदस्य अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की, जबकि एसआईटी की जांच भी और तेज हो गई है. अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में हुई कथित चोरी और गड़बड़ी को लेकर माहौल गरमाया हुआ है. वकीलों ने ट्रस्ट के तीन बड़े पदाधिकारियों पर सीधे मुकदमा दर्ज करने की मांग शुरू कर दी है, वहीं दूसरी तरफ राज्य की विशेष जांच टीम यानी एसआईटी ट्रस्ट के पूरे वित्तीय ढांचे की जांच को और आगे बढ़ा रही है. वकील थाने पहुंचे, एफआईआर के लिए अड़े अयोध्या के वकील सड़क पर उतर आए और मांग करने लगे कि राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्ट सदस्य डॉक्टर अनिल मिश्रा और विशेष सदस्य गोपाल राव के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो. जिला प्रशासन ने पहले कचहरी परिसर में ही वकीलों को समझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी. इसके बाद बड़ी संख्या में अधिवक्ता सिविल लाइन थाने पहुंच गए, जहां थाना रामपुर प्रभारी ने सिविल लाइन चौकी पर उनसे शिकायती पत्र लिया. पांच वकीलों का एक अलग डेलिगेशन थाना राम जन्मभूमि के लिए भी रवाना हुआ. वकीलों ने साफ कहा कि उनकी नाराजगी सीधे राम मंदिर ट्रस्ट से है और आरोप लगाया कि जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश हो रही है. उनके आवेदन में चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है, और संकेत हैं कि ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर थोड़ी देर में मुकदमा दर्ज भी हो सकता है. एसआईटी की अब तक की जांच के मुताबिक इस मामले में आठ आरोपियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है. अधिवक्ता कालिका प्रसाद मिश्र ने बताया कि पुलिस को उनकी शिकायत मिल चुकी है और पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि एफआईआर दर्ज की जाएगी. उन्होंने कहा कि शिकायत में चार लोगों के नाम हैं, जिनमें चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव शामिल हैं, लेकिन फिलहाल सिर्फ शिकायत ही दर्ज हुई है, एफआईआर अभी पंजीकृत नहीं हुई है. फैजाबाद बार एसोसिएशन संघ पहले ही एक बैठक में तय कर चुका था कि चंपत राय के खिलाफ थाना राम जन्मभूमि में तहरीर दी जाएगी और जब तक मुकदमा दर्ज नहीं होता, वकील वहीं डटे रहेंगे. योजना के मुताबिक अधिवक्ता गुरुवार सुबह 11 बजे कचहरी परिसर से थाना राम जन्मभूमि के लिए निकलने वाले थे. संघ पहले ही चेतावनी दे चुका था कि अगर चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ मुकदमा नहीं लिखा गया तो वकील आंदोलन करेंगे. इसी बीच, राम मंदिर दान गबन मामले के विवेचना अधिकारी भी राम जन्मभूमि परिसर पहुंचे और वहां जुड़े लोगों से पूछताछ की. केजरीवाल का दावा, करोड़ों की जमीन और 40 फीसदी कमीशन का आरोप आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कांफ्रेंस करके आरोप लगाया कि साल 2021 में मंदिर परियोजना से जुड़ी जमीन में बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ. उनके मुताबिक पाठक परिवार ने दो करोड़ रुपए की जमीन सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े एक व्यक्ति को बेची, और महज़ दस मिनट के भीतर वही जमीन 18 करोड़ रुपए में ट्रस्ट को बेच दी गई. उन्होंने यह भी दावा किया कि 3 करोड़ की जमीन 24 करोड़ में, 9 करोड़ की जमीन 55 करोड़ में और 24 करोड़ की जमीन 95 करोड़ रुपए में बेची गई, और कहा कि प्रधानमंत्री को इसकी भनक तक नहीं लगी. केजरीवाल ने यह भी कहा कि मंदिर निर्माण से जुड़े इंजीनियरों का आरोप है कि उनसे 40 फीसदी तक कमीशन मांगा जाता था. प्रेस कांफ्रेंस के दौरान केजरीवाल ने सवाल उठाया कि क्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में असली दोषियों को सजा मिलेगी. उन्होंने कहा कि कुछ मीडियाकर्मी कह रहे हैं कि मोदी जी किसी को नहीं बख्शेंगे, लेकिन वे लोगों से पूछना चाहते हैं कि क्या मोदी जी असली चोरों को सजा दिलवा पाएंगे. उन्होंने कहा कि उनके पास यह साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है कि पैसा मोदी जी तक पहुंचा, लेकिन घटनाक्रम बताता है कि मोदी जी ने दोषियों को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने खुद ट्रस्ट बनाया और एक-एक सदस्य को खुद चुना, और चंपत राय को मोदी जी का करीबी माना जाता है, जिन्हें मोदी जी ने ही सर्वेसर्वा बनाया. ट्रस्ट के भीतर से चंपत राय के पक्ष में उतरे महंत श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि वे चंपत राय को पिछले 12 से 15 सालों से जानते हैं और चंपत राय कभी किसी के बारे में बुरा नहीं बोलते. उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद चंपत राय से बात की है और उनके हिसाब से चंपत राय सही हैं, और यह भी कि ट्रस्ट की हर बैठक में सारी बातें बता दी जाती हैं. उन्होंने यह जानकारी भी दी कि गोविंद देव गिरी की अगुवाई में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की दो बैठकें 6 और 12 जुलाई को होने वाली हैं. निर्मोही अखाड़ा के महंत और ट्रस्ट सदस्य के तौर पर महंत दिनेंद्र दास इस विवाद में पहली बार खुलकर चंपत राय के समर्थन में सामने आए. उन्होंने कहा कि उन्हें ट्रस्ट के कामकाज में कोई गड़बड़ी नजर नहीं आती और इस्तीफे का कोई सवाल ही नहीं उठता. उनका कहना था कि ट्रस्ट के सभी सदस्य एकमत होकर काम करते हैं और बिना ट्रस्ट के सामूहिक फैसले के कोई निर्णय नहीं लिया जाता. आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि मंदिर में पूजा-पाठ व्यवस्थित तरीके से चल रहा है और श्रद्धालुओं का दान सीधे दानपात्र में जा रहा है. उन्होंने कहा कि बदनाम करने पर तुले लोग आरोप लगाते ही रहेंगे, लेकिन उन्हें खुद कोई गड़बड़ी दिखाई नहीं देती. जब उनसे चंपत राय और अनिल मिश्रा के कथित इस्तीफे के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसी किसी आधिकारिक जानकारी की खबर नहीं है, और साफ किया कि अगर किसी ने इस्तीफा दिया भी है तो वे उसे सही नहीं मानते, क्योंकि इस्तीफा तभी दिया जाता है जब कोई गलती हुई हो, जबकि उन्हें ट्रस्ट के कामकाज में कोई गलती नजर नहीं आती. ट्रस्ट के ऑफिस इंचार्ज प्रकाश गुप्ता ने इस पूरे विवाद पर संतुलित रुख अपनाते हुए कहा कि उनकी बात सीधी है, गुनहगार बचना नहीं चाहिए और कोई बेगुनाह फंसना भी नहीं चाहिए. उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे लोगों को भी इसमें घसीटा जा रहा है जिनका मामले से कोई लेना-देना नहीं था, और चूंकि एसआईटी सबको पकड़ रही है, इसलिए लोगों का रिएक्ट करना स्वाभाविक है. उन्होंने माना कि कुछ लोग वहां बिना किसी स्वार्थ के काम करते थे, लेकिन कहा कि अगर आप ऐसे मामले के बीच में फंस जाते हैं तो आपको भी चोर कह दिया जाता है. एसआईटी की जांच तेज, अविनाश शुक्ला की रिमांड की तैयारी राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी ने बीते कई दिनों में कई सबूत जुटा लिए हैं और अब उसकी जांच और तेज होने वाली है. पहले चरण की जांच में एसआईटी ने चोरी की पुष्टि कर ली थी, जिसके बाद एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच की सिफारिश की गई थी. अब दूसरे चरण में एसआईटी ट्रस्ट के ऑडिट का ऑडिट करेगी और ट्रस्ट के हर वित्तीय लेनदेन की गहनता से पड़ताल करेगी. योगी सरकार ने एसआईटी को दी गई समय सीमा बढ़ा दी है, और टीम चढ़ावा लेने, गिनने और बैंक में जमा कराने की व्यवस्था के साथ-साथ प्रशासनिक सुधार की संभावनाओं पर भी काम कर रही है. वहीं इस मामले में पहले ही गिरफ्तार हो चुके अविनाश शुक्ला को अयोध्या पुलिस अब कस्टडी रिमांड पर लेने जा रही है. मामले के विवेचक डीएसपी आशुतोष तिवारी की तरफ से अदालत में 48 घंटे की कस्टडी रिमांड की अर्जी दाखिल की गई है, जिस पर आज एंटी करप्शन स्पेशल कोर्ट अयोध्या में सुनवाई होनी है. अविनाश शुक्ला जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी जुड़ सकते हैं, जहां उनसे पहले भी पूछताछ हो चुकी है. छापेमारी में उनके घर से 20.39 लाख रुपए और 1121 डॉलर बरामद हुए थे. कस्टडी रिमांड के दौरान पुलिस उन्हें कई ठिकानों पर ले जाकर छापेमारी करेगी और चोरी से जुड़े सबूत जुटाएगी. इसी दौरान चढ़ावा चोरी के पूरे नेटवर्क की जानकारी भी ली जाएगी, यह पता लगाया जाएगा कि कुल कितनी रकम और जेवर चोरी हुए, चोरी की रकम कहां निवेश की गई इस पर भी सवाल होंगे, और ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों तथा बैंक कर्मियों की भूमिका की भी जांच होगी. आरोपी लवकुश मिश्रा के घर पहुंची पुलिस, दादी की भावुक प्रतिक्रिया पुलिस मामले के एक अन्य आरोपी लवकुश मिश्रा के पैतृक घर भी पहुंची. उनकी दादी गिरिजा देवी ने कहा कि पुलिस तरह-तरह के सवाल पूछती है, जैसे पैसा कहां रखा है, जबकि उन्हें खुद नहीं पता कि पैसे के बारे में कैसे पता हो सकता है, वह भी तब जब उनकी तबीयत ठीक नहीं है. उन्होंने पुलिस से कहा कि वे खुद जाकर जांच कर लें. गिरिजा देवी ने कहा कि उनका बच्चा ऐसा नहीं था, यह सब भगवान की मर्जी है, सब कुछ भगवान के हाथ में है और भगवान ही तय करेंगे. उन्होंने बताया कि वह हमेशा अच्छी संगति और सही रास्ते पर चलने की बात करता था और उसने ऐसा कुछ नहीं किया. मंदिर परिसर में सुरक्षा कड़ी, मीडिया कवरेज पर प्रशासन ने दी सफाई राम मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर मीडिया कवरेज को लेकर उठे विवाद के बीच सुरक्षा प्रशासन ने पूरी स्थिति साफ कर दी. एसपी सुरक्षा बलरामचारी दुबे ने कहा कि मीडिया पर किसी तरह की कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है, बस सुरक्षा कारणों से मुख्य द्वार के भीतर जाने की अनुमति नहीं है, जबकि मीडियाकर्मी स्टील की रेलिंग तक आकर सामान्य रूप से अपनी कवरेज कर सकते हैं. बिड़ला धर्मशाला के सामने स्थित मुख्य प्रवेश द्वार पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की गई है. एसपी दुबे के मुताबिक सभी सुरक्षाकर्मियों को साफ निर्देश दिए गए हैं ताकि दर्शन व्यवस्था और सुरक्षा दोनों सुचारु रूप से चलती रहें. उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं के दर्शन पर किसी तरह की कोई रोक नहीं है, सभी श्रद्धालु तय लाइन में शांतिपूर्वक मंदिर में प्रवेश कर दर्शन कर रहे हैं, और दर्शन व्यवस्था पहले की तरह ही सामान्य रूप से चल रही है. राम मंदिर दान गबन मामले के मद्देनजर तीर्थ क्षेत्र भवन और कारसेवकपुरम की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है. तीर्थ क्षेत्र भवन की सुरक्षा में सादी वर्दी में चार दरोगा और एक दस्ता पीएससी तैनात किया गया है, जबकि वर्दी में दो और दरोगा वहां तैनात किए गए हैं. तीर्थ क्षेत्र भवन में ही रहने वाले ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है. साथ ही, तीर्थ क्षेत्र भवन में मीडियाकर्मियों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है. क्या मामला सीबीआई को सौंपा जाएगा? इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच आगे चलकर केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई को सौंपी जा सकती है. हालांकि फिलहाल मामले की जांच कर रही एसआईटी को 15 दिन की और मोहलत दे दी गई है. इसका आप पर असर • भारत में: राम मंदिर ट्रस्ट के दान को लेकर उठे आरोप-प्रत्यारोप से मंदिर ट्रस्टों के वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता पर देशभर में सियासी बहस और तेज होगी. • अयोध्या में: दर्शनार्थियों के लिए दर्शन व्यवस्था फिलहाल सामान्य रूप से चल रही है, लेकिन मुख्य द्वार और तीर्थ क्षेत्र भवन में मीडिया व आम लोगों के प्रवेश पर सुरक्षा प्रतिबंध बढ़ गए हैं. सवाल-जवाब 1. राम मंदिर दान चोरी मामले में किन तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर की मांग हो रही है? वकीलों ने ट्रस्ट महासचिव चंपत राय, सदस्य डॉक्टर अनिल मिश्रा और विशेष सदस्य गोपाल राव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है. 2. वकीलों ने अपनी शिकायत कहां दर्ज कराई? थाना रामपुर प्रभारी ने सिविल लाइन चौकी पर वकीलों से शिकायती पत्र लिया, और वकीलों का एक डेलिगेशन तहरीर देने थाना राम जन्मभूमि भी गया. 3. अब तक इस मामले में कितने आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं? एसआईटी की रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में आठ आरोपियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है. 4. अरविंद केजरीवाल ने क्या आरोप लगाए हैं? केजरीवाल ने 2021 में जमीन सौदों में भारी गड़बड़ी का आरोप लगाया, जिसमें 2 करोड़ की जमीन दस मिनट में 18 करोड़ में बेचे जाने और इंजीनियरों से 40 फीसदी कमीशन मांगे जाने के दावे शामिल हैं. 5. आरोपी अविनाश शुक्ला के घर से क्या बरामद हुआ था? छापेमारी में अविनाश शुक्ला के घर से 20.39 लाख रुपए नकद और 1121 डॉलर बरामद हुए थे. 6. क्या मंदिर में श्रद्धालुओं का दर्शन प्रभावित हुआ है? नहीं, एसपी सुरक्षा बलरामचारी दुबे के मुताबिक दर्शन व्यवस्था सामान्य रूप से चल रही है, सिर्फ मुख्य द्वार के भीतर मीडिया के प्रवेश पर सुरक्षा कारणों से रोक है. 7. क्या यह मामला सीबीआई को सौंपा जाएगा? इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक ऐसी संभावना है, लेकिन फिलहाल जांच कर रही एसआईटी को 15 दिन की और मोहलत दी गई है. 8. चंपत राय के समर्थन में किसने बयान दिया? ट्रस्ट सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने खुलकर चंपत राय का समर्थन किया और ट्रस्ट के कामकाज में कोई गड़बड़ी न होने की बात कही. https://trendkia.com/uttar-pradesh/rama-mndira-dana-vivada-vakila-saraka-para-champat-rai-sameta-tina-padadhikariyon-para-ephaaiara-ki-manga-teza-4081 TrendKia — Har trend, sabse pehle.