{
  "type": "article",
  "title": "राम मंदिर के चढ़ावे में करोड़ों का घोटाला? SIT के रडार पर 6 चेहरे, 40 से ज्यादा से पूछताछ",
  "summary": "अयोध्या के राम मंदिर में आए करोड़ों के चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोपों के बीच योगी सरकार की SIT जांच में जुटी है। 40 से ज्यादा लोगों से पूछताछ हो चुकी है और 6 संदिग्ध शिकंजे में हैं।",
  "content": "अयोध्या में जिस भव्य राम मंदिर के लिए राम भक्तों को 500 वर्षों का लंबा इंतजार करना पड़ा, जिसके लिए सैकड़ों भक्तों ने बलिदान दिया और करोड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी जमा पूंजी तक समर्पित कर दी, उसी मंदिर के चढ़ावे को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्राण प्रतिष्ठा के बाद भारत ही नहीं, दुनिया भर के राम भक्तों ने खुले दिल से दान दिया था। अब आरोप लग रहा है कि इसी दान पर डाका डाला गया, मंदिर से करोड़ों का चढ़ावा गायब हो गया और इसे सनातनियों की आस्था से खिलवाड़ बताया जा रहा है।\n\nयोगी सरकार एक्शन में, SIT की जांच शुरू\nमामला सीधे सनातनियों की आस्था से जुड़ा है, इसलिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार हरकत में आ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कर दिया है कि प्रभु राम के गुनहगारों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। मंदिर से क्या-क्या चुराया गया और कैसे चुराया गया, इसकी पूरी कहानी सामने लाने के लिए सरकार ने SIT गठित कर दी है। SIT अब तक 40 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी है और एक-एक संदिग्ध से बंद कमरे में सवाल-जवाब किए जा रहे हैं। कुछ संदिग्धों के पास से लाखों रुपये नकद मिलने का दावा भी किया जा रहा है।\n\n6 संदिग्ध जिन पर कस रहा शिकंजा\nजांच में फिलहाल 6 चेहरे SIT के रडार पर हैं। दिलचस्प बात यह है कि इनमें से कुछ नामों के सामने आने के बाद चढ़ावा गायब होने पर सबसे ज्यादा हंगामा करने वालों के सुर ही बदलने लगे हैं। आइए जानते हैं ये संदिग्ध कौन हैं और इन पर क्या आरोप हैं।\n\nटिन्नू यादव: ये श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय के सहयोगी बताए जाते हैं। मंदिर में आने वाले चढ़ावे को बैंक में जमा करने का काम इन्हीं के जिम्मे था। एक समय ऑटो चलाने वाले टिन्नू यादव के पास आज 50 करोड़ की प्रॉपर्टी होने की वजह से वे जांच के घेरे में आए।\n\nमनीष यादव: ये टिन्नू यादव के भतीजे हैं और मंदिर में चढ़ावा गिनने वालों में शामिल थे। आरोप है कि इनकी नौकरी खुद टिन्नू यादव ने लगवाई थी। मनीष यादव की निशानदेही पर 36 लाख रुपये नकद मिलने का दावा किया जा रहा है।\n\nतीसरा संदिग्ध: इसके जिम्मे मंदिर में दान में मिली सोने-चांदी की मूर्तियों और गहनों की देखरेख की जिम्मेदारी थी। इसने हाल ही में 1.5 करोड़ की जमीन खरीदी है और इस पर 5 करोड़ की संपत्ति जुटाने का आरोप है।\n\nचौथा संदिग्ध: ये चढ़ावे में आए नोटों की गिनती करने वाले कर्मचारियों में शामिल था। पिछले 5 से 6 सालों में इसकी जीवनशैली में अचानक आए बदलाव की वजह से ये शक के दायरे में आया।\n\nपांचवां संदिग्ध: ये भी नोटों की गिनती करने वालों में शामिल था। इसके घर से 10 लाख रुपये नकद बरामद होने पर ये SIT के रडार में आया।\n\nछठा संदिग्ध: ये लवकुश के जीजा हैं और नोटों की गिनती करते थे। हाल ही में करीब 65 लाख का घर खरीदने और गांव में एक फार्म हाउस बनवाने की वजह से ये जांच के दायरे में आए।\n\nअखिलेश यादव के बदलते सुर\nएक तरफ सीएम योगी सच सामने लाने के लिए एक्शन में हैं और आरोपियों पर शिकंजा कसता दिख रहा है। दूसरी तरफ इस पूरे मामले पर सबसे पहले मोर्चा खोलने वाले अखिलेश यादव के सुर बदलते नजर आ रहे हैं। जो अखिलेश यादव पहले इसे सनातनियों की आस्था से खिलवाड़ बता रहे थे और सुप्रीम कोर्ट से दखल की मांग कर रहे थे, वही अब SIT जांच को सनातन का अपमान बता रहे हैं और कैमरा बंद करके फैसला लेने की दलील दे रहे हैं।\n\nचढ़ावे के नियम और उनकी खामियां\nराम मंदिर में चढ़ावे को लेकर कुछ नियम तय हैं, लेकिन हर नियम में एक कमी भी छिपी है, जो शक को हवा देती है।\n\n• नियम: चढ़ावे की गिनती रोजाना CCTV की निगरानी में होती है। कमी: श्रद्धालु न तो गिनती देख सकते हैं और न ही CCTV फुटेज सार्वजनिक की जाती है।\n• नियम: रकम रजिस्टर में दर्ज कर लॉकर में रखी जाती है और अगले दिन बैंक में जमा होती है। कमी: चढ़ावे की कोई आधिकारिक जानकारी नियमित रूप से सार्वजनिक नहीं होती।\n• नियम: ऑडिट के बाद ही चढ़ावे की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाती है, पिछली बार यह जानकारी दिसंबर 2025 में दी गई थी। कमी: दिसंबर 2025 से जून 2026 तक कितना चढ़ावा आया, इसकी कोई जानकारी नहीं है।\n• नियम: ज्यादातर बड़े मंदिरों में ऑडिट का काम अंदरूनी लोग या सरकार करती है। कमी: यहां चढ़ावे की रकम के ऑडिट का पूरा काम प्राइवेट कंपनी TCS करती है।\n\nअब तक कितना खर्च हुआ चढ़ावा\nपिछली बार जो जानकारी सामने आई, वह 13 दिसंबर 2025 को दी गई थी। ट्रस्ट के मुताबिक अब तक 2475 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। यह रकम 5 साल 9 महीनों में मंदिर निर्माण, श्रीराम जन्मभूमि परिसर के विस्तार समेत दूसरे कामों पर खर्च की गई है।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: देश और दुनिया भर के जिन करोड़ों राम भक्तों ने मंदिर के लिए दान दिया, उनके लिए यह जांच तय करेगी कि उनका पैसा सही जगह लगा या नहीं, इसलिए चढ़ावे की पारदर्शिता पर भरोसा सीधे प्रभावित होता है।\n• उत्तर प्रदेश में: अयोध्या और यूपी के श्रद्धालुओं के लिए यह मामला अहम है, क्योंकि SIT जांच के नतीजे मंदिर प्रबंधन और चढ़ावे की निगरानी व्यवस्था को बदल सकते हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर क्या आरोप है?\nआरोप है कि मंदिर में आए करोड़ों रुपये का चढ़ावा गायब हो गया है और इसे सनातनियों की आस्था से खिलवाड़ बताया जा रहा है।\n\n2. SIT जांच में अब तक क्या हुआ है?\nSIT अब तक 40 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी है और 6 संदिग्ध इसके रडार पर हैं, कुछ के पास से लाखों रुपये नकद मिलने का दावा है।\n\n3. टिन्नू यादव कौन हैं और वे जांच में क्यों हैं?\nटिन्नू यादव चंपत राय के सहयोगी बताए जाते हैं और मंदिर का चढ़ावा बैंक में जमा करते थे। एक समय ऑटो चलाने वाले टिन्नू के पास अब 50 करोड़ की प्रॉपर्टी होने से वे जांच के घेरे में आए।\n\n4. अब तक मंदिर पर कितना पैसा खर्च हुआ है?\n13 दिसंबर 2025 को दी गई जानकारी के मुताबिक ट्रस्ट ने 5 साल 9 महीनों में मंदिर निर्माण और परिसर विस्तार समेत दूसरे कामों पर 2475 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।",
  "url": "https://trendkia.com/uttar-pradesh/rama-mndira-ke-charhave-men-karoron-ka-ghotala-sit-ke-radara-para-6-chehare-40-s-1344",
  "category": "उत्तर प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-06-16",
  "tags": [
    "राम मंदिर चढ़ावा",
    "अयोध्या",
    "SIT जांच",
    "योगी आदित्यनाथ",
    "चंपत राय",
    "अखिलेश यादव",
    "टिन्नू यादव"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}