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  "title": "स्मार्ट सिटी मुरादाबाद के कोठीवाल नगर में गंदगी और चोक नालों से बेहाल लोग",
  "summary": "उत्तर प्रदेश के स्मार्ट सिटी मुरादाबाद के कोठीवाल नगर क्षेत्र में खराब सफाई व्यवस्था के कारण स्थानीय लोग गंदे पानी और कचरे के ढेर के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं।",
  "content": "उत्तर प्रदेश का मुरादाबाद एक तरफ जहां स्मार्ट सिटी के रूप में जाना जाता है, वहीं दूसरी तरफ इसी स्मार्ट सिटी के कोठीवाल नगर क्षेत्र की असल तस्वीर काफी बदहाल नजर आती है। यहां गंदगी के कारण नाले और नल पूरी तरह चोक हो चुके हैं, जिसकी वजह से थोड़ी सी बारिश होने पर भी नालों का गंदा पानी सड़कों पर फैल जाता है। सड़कों पर जमा होने वाला यह बदबूदार पानी लोगों के घरों के अंदर तक घुस जाता है, जिससे स्थानीय निवासियों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जनता का आरोप है कि नगर निगम के अधिकारी इस समस्या को लेकर पूरी तरह लापरवाह बने हुए हैं और सफाई कर्मचारी कभी-कभार ही इस इलाके का रुख करते हैं, जिसके चलते लोगों को मजबूरी में इसी नारकीय स्थिति के बीच अपना जीवन बिताना पड़ रहा है।\n\n \n\nनिवासियों का दर्द और बदतर होती सड़कें\n स्थानीय निवासी फैज और विनय ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि इलाके में साफ-सफाई न के बराबर होती है और यहां की सड़कों की हालत भी बेहद जर्जर हो चुकी है। बारिश के मौसम में हालात और भी ज्यादा भयावह हो जाते हैं, जब चारों तरफ कचरा तैरने लगता है और असहनीय बदबू उठने लगती है। लोगों का कहना है कि आने वाले चुनावों के दौरान नेता बड़े-बड़े वादे करते हैं लेकिन चुनाव बीत जाने के बाद सब कुछ भुला दिया जाता है। नालों की नियमित सफाई की मांग को लेकर जनता कई बार नगर निगम में शिकायत दर्ज करा चुकी है, लेकिन निगम के कर्मचारी कभी-कभार खानापूर्ति करके भूल जाते हैं। अंदर की गलियों में कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं और अधिकारी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे मुख्य रास्ते से गुजरना भी दूभर हो गया है।\n\n \n\nमहीनों में एक बार आती है निगम की टीम\n क्षेत्र के लोगों ने जानकारी दी कि नगर निगम की सफाई टीम छह महीने में या कभी-कभार तीन से चार महीने में सिर्फ एक बार ही यहां नजर आती है। बरसात के दिनों में जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि गंदा पानी रिहायशी घरों में भर जाता है। बारिश थमने के बाद भी नाले में कचरे के ढेर ज्यों के त्यों बने रहते हैं, जिससे उठने वाली तीव्र दुर्गंध के कारण इस सड़क से पैदल निकलना भी असंभव सा हो जाता है। यह इलाका अब धीरे-धीरे कई गंभीर बीमारियों का घर बनता जा रहा है। विनय नामक स्थानीय युवा ने बताया कि निगम की गाड़ी जब महीनों बाद आती भी है, तो वह केवल आधा-अधूरा कचरा ही उठाती है और बाकी का मलबा वहीं छोड़ जाती है, जिससे न तो नालियों की ठीक से सफाई हो पाती है और न ही सड़कों पर सुधार दिखता है।\n\n \n\nफैक्ट्रियों का कचरा और अधिकारियों की लापरवाही\n स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस नाले में केवल घरेलू कचरा ही नहीं बल्कि आसपास की फैक्ट्रियों से निकलने वाला अपशिष्ट भी डाला जाता है, जो बहकर यहीं जमा हो जाता है। इसके अलावा, आसपास की नालियों का सारा गंदा पानी भी इसी मुख्य नाले में आकर गिरता है, जिसके कारण यह नाला कचरे के एक बड़े ढेर में तब्दील हो चुका है। बारिश के दौरान जब पानी का निकास बंद हो जाता है, तो यह ओवरफ्लो होकर सीधे लोगों के घरों में प्रवेश कर जाता है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। इन तमाम समस्याओं के लिए सीधे तौर पर नगर निगम के अधिकारी जिम्मेदार हैं, जिनकी उदासीनता और लापरवाही के कारण जनता इस दयनीय स्थिति में जीने को मजबूर है।\n\nइसका आप पर असर\nइस समस्या का सीधा असर कोठीवाल नगर और आसपास के इलाकों में रहने वाले आम नागरिकों के दैनिक जीवन, स्वास्थ्य और आवागमन पर पड़ रहा है।\n\n• भारत भर में: देश के अन्य स्मार्ट शहरों और शहरी इलाकों में भी समय पर सफाई न होने पर ऐसी ही बुनियादी समस्याएं आम नागरिकों को झेलनी पड़ती हैं।\n\n• मुरादाबाद में: कोठीवाल नगर के निवासियों को जलभराव, संक्रामक बीमारियों के खतरे और टूटी सड़कों के कारण रोजमर्रा के कामकाज में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।\n\n• स्वास्थ्य जोखिम: नालों के गंदे पानी और कचरे के ढेरों से उठने वाली दुर्गंध के कारण इलाके में मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा काफी बढ़ गया है।\n\n• नागरिक प्रतिक्रिया: स्थानीय जनता नगर निगम के खिलाफ अपनी शिकायतें दर्ज करा रही है और आगामी चुनावों के मद्देनजर जनप्रतिनिधियों से जवाब मांग रही है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nकोठीवाल नगर में जलभराव और गंदगी की यह स्थिति नगर निगम की लचर कार्यप्रणाली और अनियोजित कचरा प्रबंधन के कारण पैदा हुई है।\n\n• अनियमित सफाई व्यवस्था: नगर निगम की टीमों का महीनों तक न आना और सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति करना इस बदहाली का मुख्य कारण है।\n\n• औद्योगिक और घरेलू कचरा: मुख्य नाले में आसपास की फैक्ट्रियों और घरों का कचरा बिना किसी रोक-टोक के लगातार डाले जाने से नाला पूरी तरह चोक हो चुका है।\n\n• अधिकारियों की उदासीनता: स्थानीय लोगों द्वारा बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद निगम अधिकारियों द्वारा स्थायी समाधान न निकाला जाना इस संकट को और बढ़ाता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. मुरादाबाद के किस क्षेत्र में गंदगी और जलभराव की गंभीर समस्या सामने आई है?\nकोठीवाल नगर क्षेत्र में गंदगी और जलभराव की गंभीर समस्या देखने को मिली है।\n\n2. बारिश होने पर कोठीवाल नगर में क्या स्थिति बन जाती है?\nबारिश होने पर नालों का गंदा पानी सड़कों पर आ जाता है और लोगों के घरों के अंदर तक घुस जाता है।\n\n3. स्थानीय निवासियों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली के बारे में क्या बताया है?\nनिवासियों के अनुसार नगर निगम की टीम 3 से 6 महीने में एक बार आती है और आधा-अधूरा कचरा ही उठाकर ले जाती है।\n\n4. नाले के चोक होने का एक अन्य प्रमुख कारण क्या है?\nइस नाले में स्थानीय घरों के साथ-साथ आसपास की फैक्ट्रियों का कचरा भी आकर जमा होता है।\n\n5. इस पूरी बदहाली के लिए स्थानीय लोग किसे जिम्मेदार मानते हैं?\nस्थानीय लोग इस स्थिति के लिए नगर निगम और उसके अधिकारियों की लापरवाही को जिम्मेदार मानते हैं।",
  "url": "https://trendkia.com/uttar-pradesh/residents-suffer-amid-choked-drains-and-filth-in-kothiwal-nagar-moradabad-33190",
  "category": "उत्तर प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-09-18",
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    "मुरादाबाद",
    "कोठीवाल नगर",
    "नगर निगम",
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