रिजल्ट पर फटकार के बाद गाजियाबाद में दसवीं के छात्र ने उठाया आत्मघाती कदम गाजियाबाद में पैरेंट टीचर मीटिंग के बाद पिता की डांट से क्षुब्ध दसवीं के छात्र ने घर पर फांसी लगा ली, वहीं रांची में IIIT के प्रथम वर्ष के छात्र का शव हॉस्टल में फंदे से लटका मिला। शैक्षणिक प्रदर्शन को लेकर पारिवारिक तनाव और परीक्षाओं के दबाव का एक दुखद परिणाम उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में देखने को मिला है। शनिवार देर शाम को इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के अंतर्गत कनावनी इलाके में स्थित चमन कॉलोनी में 14 वर्ष के एक नाबालिग छात्र ने अपने घर के भीतर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस किशोर की पहचान कल्याण सिंह के पुत्र दीपांशु के रूप में की गई है। दीपांशु अमरपाली स्कूल में दसवीं कक्षा का छात्र था। शुरुआती पड़ताल के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि शनिवार के दिन स्कूल परिसर में पैरेंट टीचर मीटिंग (पीटीएम) बुलाई गई थी, जहां परीक्षा परिणामों में कम अंक आने की बात को लेकर पिता ने दीपांशु को कड़ी फटकार लगाई थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद से पुलिस मामले के प्रत्येक पहलू की गहनता से तफ्तीश कर रही है। कनावनी की चमन कॉलोनी में पसरा मातम पुलिस से प्राप्त विवरण के मुताबिक, दीपांशु अपने माता-पिता और एक भाई के साथ चमन कॉलोनी में निवास करता था। शनिवार को जब स्कूल में शिक्षक और अभिभावक बैठक संपन्न हुई, तो उसमें सामने आए कम नंबरों को लेकर पिता बेहद नाराज हो गए और उन्होंने दीपांशु को डांट दिया। पिता की इस डांट से वह गहरे मानसिक आघात और नाराजगी में आ गया। शनिवार रात लगभग आठ बजे उसने अपने ही कमरे में फंदे से लटककर अपनी जान दे दी। जब परिजनों ने उसे इस हालत में देखा तो घर में कोहराम मच गया और चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग एकत्र हो गए। इसके तुरंत बाद इंदिरापुरम थाना पुलिस को सूचित किया गया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने फंदे से उतारकर शव को कब्जे में ले लिया और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। इस अप्रत्याशित हादसे के बाद से पूरे परिवार में गहरा शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है। जांच प्रक्रिया और पुलिस का आधिकारिक बयान इस पूरे मामले की वैधानिक जांच को लेकर एसीपी इंदिरापुरम सूर्य बलि मौर्य ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि प्रारंभिक छानबीन में यह बात उजागर हुई है कि शनिवार को हुई पीटीएम के उपरांत पिता द्वारा की गई डांट-फटकार से किशोर अत्यंत आहत और नाराज चल रहा था। घटना स्थल की बारीकी से ली गई तलाशी में पुलिस को कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस दल मृतक के परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रहा है, ताकि उस शाम के पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को आपस में जोड़ा जा सके। एसीपी के अनुसार, पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के पश्चात ही कानूनी रूप से आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। रांची स्थित ट्रिपल आईटी में छात्र ने हॉस्टल में दी जान विद्यार्थियों पर हावी होते पढ़ाई के तनाव से जुड़ा एक अन्य झकझोर देने वाला मामला झारखंड की राजधानी रांची से सामने आया है। वहां भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) के प्रथम वर्ष के एक छात्र का शव उसके हॉस्टल के कमरे में छत से लटका हुआ बरामद किया गया। यह दर्दनाक घटना भी शनिवार की रात को उस समय उजागर हुई जब हॉस्टल में रहने वाले अन्य साथी छात्रों ने देखा कि उसका कमरा काफी देर से अंदर से बंद है। दरवाजा खटखटाने पर भी कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर उन्होंने संस्थान के प्रशासन को सतर्क किया। मृतक छात्र की शिनाख्त आदित्य के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के पूर्णिया जिले का रहने वाला था। परीक्षा के तनाव की ओर इशारा करती पुलिस जांच घटना की सूचना पाकर खेलगांव पुलिस स्टेशन के प्रभारी निर्भय कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। कमरे का दरवाजा खोलकर देखा गया तो छात्र फंदे पर झूल रहा था। थाना प्रभारी निर्भय कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया, "मृतक बिहार का रहने वाला फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट था। उसकी उम्र 19 से 20 साल के बीच थी। शुरुआती जांच से पता चलता है कि स्टूडेंट ने परीक्षा के दबाव में आकर आत्महत्या की; परीक्षाएं 8 अक्टूबर से शुरू हुई थीं। उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए RIMS भेजा गया है।" पुलिस ने कमरे को सील करते हुए उसके परिजनों को घटना की सूचना दे दी है और आगे की कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। इसका आप पर असर यह घटना परीक्षा के अंकों और पढ़ाई के दबाव के बीच बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने की जरूरत को रेखांकित करती है। • अभिभावकों के लिए: रिपोर्ट कार्ड पर बच्चों को डांटने या अत्यधिक दबाव बनाने के बजाय संवाद का रास्ता अपनाना बेहद जरूरी है। कम अंक आने पर बच्चों से शांत माहौल में बात करें और उनकी मानसिक स्थिति पर निरंतर नजर रखें। • गाजियाबाद और रांची में: स्थानीय स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों के लिए तुरंत काउंसलिंग सत्र आयोजित करने की मांग उठ सकती है। हॉस्टल और रिहायशी क्षेत्रों में छात्र कल्याण के लिए सहायता तंत्र को मजबूत करना आवश्यक हो गया है। • सहायता और काउंसलिंग: गंभीर तनाव या अवसाद की स्थिति में पेशेवर परामर्शदाताओं की मदद ली जा सकती है। मानसिक स्वास्थ्य परामर्श के लिए आधिकारिक टोल-फ्री नंबर 14416 या 1800-891-4416 पर संपर्क किया जा सकता है। • छात्रों के लिए: किसी भी परीक्षा या मूल्यांकन परिणाम को जीवन से बढ़कर न समझें। तनाव महसूस होने पर तुरंत अपने शिक्षकों, दोस्तों या परामर्शदाताओं से खुलकर बात करें। ऐसा क्यों हुआ दोनों घटनाओं के पीछे शैक्षणिक प्रदर्शन को लेकर पारिवारिक डांट और परीक्षाओं का अत्यधिक दबाव प्रमुख प्रारंभिक कारण बनकर उभरे हैं। • गाजियाबाद में तत्कालिक कारण: शनिवार को आयोजित पैरेंट टीचर मीटिंग में कम अंक सामने आने के बाद पिता ने छात्र को डांट दिया था। इस डांट से आहत और नाराज होकर 14 वर्षीय छात्र ने रात आठ बजे आत्मघाती कदम उठा लिया। • रांची में परीक्षा का तनाव: आईआईआईटी रांची में 8 अक्टूबर से प्रथम वर्ष की परीक्षाएं शुरू हुई थीं। शुरुआती पुलिस पड़ताल के अनुसार परीक्षा के भारी दबाव के कारण छात्र ने हॉस्टल के कमरे में खुदकुशी की। • जांच की वर्तमान स्थिति: दोनों ही मामलों में शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और परिजनों व हॉस्टल के छात्रों से पूछताछ कर विस्तृत कारणों की पुष्टि की जा रही है। सवाल-जवाब 1. गाजियाबाद में किस कक्षा के छात्र ने आत्महत्या की? गाजियाबाद के अमरपाली स्कूल में कक्षा 10 में पढ़ने वाले 14 वर्षीय छात्र दीपांशु ने आत्महत्या की। 2. गाजियाबाद की घटना के पीछे क्या वजह सामने आई है? शनिवार को स्कूल में आयोजित पीटीएम के दौरान कम नंबर आने पर पिता द्वारा डांटे जाने से छात्र नाराज था। 3. क्या पुलिस को गाजियाबाद में कोई सुसाइड नोट मिला? एसीपी सूर्य बलि मौर्य के अनुसार घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है और जांच जारी है। 4. रांची में छात्र की मौत की घटना कहां हुई? रांची स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT) के हॉस्टल में छात्र का शव कमरे में फंदे से लटका मिला। 5. रांची में मृत छात्र की पहचान किस रूप में हुई? मृतक की पहचान बिहार के पूर्णिया जिले के रहने वाले 19 से 20 वर्षीय आदित्य के तौर पर हुई है, जो प्रथम वर्ष का छात्र था। 6. रांची पुलिस ने आत्महत्या का क्या कारण बताया? खेलगांव थाना प्रभारी निर्भय कुमार ने बताया कि 8 अक्टूबर से परीक्षाएं शुरू हुई थीं और छात्र ने परीक्षा के दबाव में यह कदम उठाया। https://trendkia.com/uttar-pradesh/rijalta-para-phatakara-ke-bada-ghaziabad-men-dasavin-ke-chhatra-ne-uthaya-atmaghati-kadama-46483 TrendKia — Har trend, sabse pehle.