# सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद ध्वस्तीकरण पर मायावती का कड़ा रुख, उत्तर प्रदेश सरकार से की बुलडोजर कार्रवाई रोकने की मांग

> बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों को जल्दबाजी में अवैध बताकर ढहाने की कार्रवाई का विरोध किया है। सहारनपुर मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने सरकार से कानून का राज बनाए रखने की अपील की।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-09-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/saharanpur-collectorate-mosque-demolition-mayawati-demands-immediate-halt-up-government-rule-of-law-28099 · **Language:** Hindi
**Tags:** मायावती, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश, बुलडोजर कार्रवाई, मस्जिद ध्वस्तीकरण, बीएसपी

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में स्थित कलेक्ट्रेट परिसर की एक मस्जिद पर प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर राज्य में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि धार्मिक स्थलों को बिना सोचे-समझे या जल्दबाजी में अवैध घोषित कर ढहाने की मुहिम पर तुरंत रोक लगाई जाए। पूर्व मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में विवाद सुलझाने के लिए सरकार को दंडात्मक रवैया अपनाने की जगह वैकल्पिक संवाद और कानूनी रास्तों पर ध्यान देना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने अपराधियों के नाम पर पूरे परिवार के मकानों को ध्वस्त करने की कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।

## मस्जिदों पर त्वरित कार्रवाई पर मायावती का रुख
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि सहारनपुर सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में मस्जिदों के खिलाफ चलाई जा रही ध्वस्तीकरण की मुहिम पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने कहा कि जिस तरह आपाधापी में इमारतों को अवैध बताकर उन्हें तोड़ा जा रहा है, उससे समाज में नकारात्मक संदेश फैल रहा है। मायावती ने स्पष्ट किया कि किसी भी मस्जिद या धार्मिक निर्माण को इस प्रकार अचानक ध्वस्त कर देना जनहित में नहीं है। सरकार की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह राज्य में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए ऐसी किसी भी एकतरफा कार्रवाई से परहेज करे और सभी पक्षों को सुना जाए।

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## संवैधानिक दायित्व और सामाजिक सौहार्द की अपील
बसपा सुप्रीमो ने अपने संबोधन में संवैधानिक मूल्यों की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि एक धर्मनिरपेक्ष सरकार का सबसे प्राथमिक कर्तव्य सभी आस्थाओं के प्रति एकसमान सम्मान प्रकट करना है। भारत की बहुसांस्कृतिक परंपरा का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि देश में हर धर्म के पूजा स्थलों की सुरक्षा की गारंटी मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस्लाम धर्म में मस्जिदें न केवल दैनिक उपासना का केंद्र हैं, बल्कि दिन में कई बार सामूहिक नमाज अदा करने का एक अनिवार्य अंग भी हैं। इसलिए भारतीय परंपरा और संवैधानिक मर्यादाओं के अनुसार इन धार्मिक स्थलों का आदर करना समाज और देश दोनों के व्यापक हित में बेहद जरूरी है।

## बुलडोजर कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया का मुद्दा
धार्मिक स्थलों के अलावा मायावती ने राज्य में विभिन्न मुकदमों में नामजद आरोपियों के घरों पर चलाए जा रहे बुलडोजर का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति पर आरोप सिद्ध होने से पहले या उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना उसके घर को गिरा देना मानवीय अधिकारों का उल्लंघन है। इस प्रकार की कार्रवाई से आरोपी के साथ-साथ उसका पूरा परिवार बेघर हो जाता है, जो सामूहिक सजा का रूप ले लेता है। उन्होंने मांग की कि प्रदेश में बीएसपी शासनकाल की तर्ज पर 'कानून द्वारा कानून का राज' स्थापित होना चाहिए। मायावती ने इस संबंध में केवल सरकार ही नहीं बल्कि माननीय अदालतों से भी स्वतः संज्ञान लेने की अपील की है, साथ ही आम जनता से शांति बनाए रखने का अनुरोध किया है।

## सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर मामले का पूरा घटनाक्रम
यह पूरा विवाद सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में निर्मित एक मस्जिद के ढांचे से जुड़ा है। प्रशासनिक जांच के बाद सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने 17 जुलाई को उक्त निर्माण को सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण करार दिया था। इसके बाद अदालत ने इमारत को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया था। इसके अलावा सरकारी जमीन का बिना अनुमति लंबे समय तक उपयोग करने के एवज में लगभग 6.41 करोड़ रुपये के मुआवजे और जुर्माने की रकम भी तय की गई थी। इस फैसले के खिलाफ संबंधित पक्ष द्वारा दाखिल की गई अपील को उच्च स्तर पर खारिज कर दिया गया। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने भी सिटी मजिस्ट्रेट के पुराने फैसले को सही ठहराते हुए ध्वस्तीकरण के आदेश पर अपनी मुहर लगा दी, जिसके बाद प्रशासन ने मौके पर बुलडोजर की मदद से कार्रवाई शुरू की।

## प्रशासन का पक्ष और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने इलाके में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है। सहारनपुर के डीआईजी अभिषेक सिंह ने इस संबंध में बताया कि मजिस्ट्रेट अदालत ने साक्ष्यों और अभिलेखों की गहन जांच के बाद ही ढांचे को अवैध घोषित किया था। न्यायिक प्रक्रिया के तहत अपील खारिज होने के उपरांत ही यह कदम उठाया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि जिले के संवेदनशील इलाकों और संभावित हॉटस्पॉट पर पीएसी और आरएएफ की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात कर दी गई हैं। इसके अतिरिक्त इंटरनेट और सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ सामग्री फैलने से रोकने के लिए विशेष निगरानी टीम लगाई गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि पूरी प्रक्रिया अदालत के अंतिम निर्देशों के तहत ही संपन्न कराई जा रही है।

## इसका आप पर असर
यह घटनाक्रम प्रशासनिक कार्रवाइयों, धार्मिक स्थलों के कानूनी स्तर और नागरिक संपत्तियों के प्रति बुलडोजर नीति के क्रियान्वयन को सीधे प्रभावित करता है।

- **भारत में:** देश भर में सरकारी भूमि पर बने धार्मिक ढांचों और प्रशासनिक अतिक्रमण के मामलों में कानूनी मिसाल कायम होगी। अदालती फैसलों और बुलडोजर कार्रवाई के बीच संतुलन को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो सकती है।
- **उत्तर प्रदेश में:** राज्य प्रशासन द्वारा अवैध निर्माणों के खिलाफ आगे की कार्रवाई में कानूनी नोटिस और अपीलीय प्रक्रियाओं का अधिक कड़ाई से पालन किया जाएगा। सहारनपुर और आसपास के जिलों में सुरक्षा व्यवस्था चुस्त रहने से स्थानीय नागरिकों को पुलिस सतर्कता का सामना करना पड़ सकता है।
- **स्थानीय निवासियों के लिए:** सहारनपुर कलेक्ट्रेट और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पीएसी और आरएएफ बलों की मौजूदगी से यातायात और दैनिक आवाजाही पर अस्थायी असर पड़ सकता है। प्रशासन की कड़ी निगरानी के कारण अफवाह फैलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई की संभावना रहेगी।
- **धार्मिक संस्थानों के लिए:** वक्फ बोर्ड और स्थानीय प्रबंध समितियों को अपने निर्माणों के दस्तावेज और भूमि स्वामित्व रिकॉर्ड्स को समय रहते अद्यतन रखने की आवश्यकता होगी।

## सवाल-जवाब

### 1. मायावती ने उत्तर प्रदेश सरकार से क्या मांग की है?
मायावती ने प्रदेश सरकार से धार्मिक स्थलों को जल्दबाजी में अवैध घोषित कर ढहाने की कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाने और कानून के तहत समाधान तलाशने की मांग की है।

### 2. सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद मामले में अदालत ने क्या फैसला दिया था?
सिटी मजिस्ट्रेट अदालत ने 17 जुलाई को मस्जिद को सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण करार देते हुए ध्वस्तीकरण और लगभग 6.41 करोड़ रुपये मुआवजे का आदेश दिया था, जिसे 4 सितंबर को जिला जज अदालत ने बरकरार रखा।

### 3. बुलडोजर कार्रवाई पर मायावती ने क्या आपत्ति जताई?
उन्होंने कहा कि बिना समुचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए आरोपी का मकान ढहाकर पूरे परिवार को सामूहिक रूप से बेघर करना अनुचित है।

### 4. सहारनपुर में सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए हैं?
डीआईजी अभिषेक सिंह के अनुसार संवेदनशील क्षेत्रों में पीएसी और आरएएफ की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं तथा सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

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