सहारनपुर में 10.10 लाख रुपये की लूट का निकला झूठा ड्रामा, दीपक सैनी की गाड़ी से ही बरामद हुई पूरी रकम सहारनपुर में 10 लाख 10 हजार रुपये की लूट की कॉल करने वाला निजी एटीएम संचालक खुद ही आरोपी निकला। 10 लाख रुपये के कर्ज से बचने के लिए उसने फर्जी वारदात की पटकथा रची थी, लेकिन पुलिस ने उसकी गाड़ी से ही सारे पैसे बरामद कर लिए। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में 10 लाख 10 हजार रुपये की बड़ी डकैती का मामला पूरी तरह फर्जी निकला है। खुद को पीड़ित बताने वाले एक निजी एटीएम संचालक ने कर्ज से बचने के लिए दिनदहाड़े लूट की पूरी पटकथा रची थी। 17 अक्टूबर की सुबह डायल 112 पर कॉल करके पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई, लेकिन जांच टीम ने चंद घंटों के भीतर ही मामले की सच्चाई सामने लाकर पूरी रकम उसकी गाड़ी से ही बरामद कर ली। 11:50 बजे डायल 112 पर आई थी लूट की सूचना घटना सहारनपुर के बेहट थाना क्षेत्र अंतर्गत रायपुर मार्ग की है। 17 अक्टूबर की सुबह करीब 11:50 बजे आपातकालीन नंबर डायल 112 पर पुलिस को सूचना मिली कि चार अज्ञात बदमाशों ने दीपक सैनी नाम के व्यक्ति की गाड़ी को जबरन रोक लिया है। कॉल करने वाले के अनुसार, हमलावरों ने उसके साथ मारपीट की और गाड़ी में रखे 10 लाख 10 हजार रुपये छीनकर मौके से फरार हो गए। इतनी बड़ी रकम की लूट की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और स्थानीय पुलिस के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। सघन पूछताछ और गाड़ी की तलाशी से खुला राज मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीमों ने तुरंत जांच शुरू की। एसपी देहात मयंक पाठक की देखरेख में जब कथित पीड़ित दीपक सैनी से घटना के संबंध में सिलसिलेवार पूछताछ शुरू की गई, तो उसके बयानों में कई विरोधाभास देखने को मिले। संदिग्ध लगने पर जब पुलिस ने उसकी गाड़ी की सघन तलाशी ली, तो कथित तौर पर लूटी गई पूरी 10 लाख 10 हजार रुपये की नकदी गाड़ी के अंदर ही छिपी हुई मिल गई। पूरी रकम बरामद होते ही लूट के दावों की हवा निकल गई और यह बात साफ हो गई कि सड़क पर कोई वारदात हुई ही नहीं थी। 10 लाख रुपये के कर्ज के कारण रची गई साजिश कड़ाई से पूछताछ किए जाने पर दीपक सैनी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस के अनुसार, दीपक एक निजी एटीएम के संचालन का काम करता है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उस पर लगभग 10 लाख रुपये का भारी कर्ज चढ़ चुका था। इस कर्ज और नकदी के हिसाब-किताब में आ रही दिक्कतों से बचने के लिए उसने योजना बनाई कि यदि वह लूट की झूठी कहानी गढ़ देगा, तो उसे पैसे चुकाने से राहत मिल जाएगी। इसी मंशा से उसने रायपुर मार्ग पर अपनी गाड़ी रोककर खुद के साथ मारपीट और पैसों की लूट का फर्जी नाटक रचा था। झूठी सूचना देने पर शुरू हुई कानूनी कार्रवाई मामले का पर्दाफाश होने के बाद सहारनपुर पुलिस अब आरोपी के खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आपातकालीन सेवाओं और पुलिस प्रशासन को झूठी सूचना देकर गुमराह करने, फर्जी साक्ष्य गढ़ने तथा पुलिस का समय बर्बाद करने के जुर्म में दीपक सैनी के खिलाफ संबंधित धाराओं में कानूनी मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले में फर्जी क्राइम रिपोर्ट देकर कानून को गुमराह करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा। इसका आप पर असर पुलिस को आपराधिक वारदातों की फर्जी सूचना देना दंडनीय अपराध है और इसके गंभीर कानूनी परिणाम होते हैं। • भारत में: 112 जैसे आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर पर झूठी सूचना देने से पुलिस प्रशासन का समय और संसाधन बर्बाद होते हैं। कानून का उल्लंघन करने पर कानूनी धाराओं के तहत जेल और जुर्माना हो सकता है। • सहारनपुर में: स्थानीय निवासियों और व्यवसायियों को वित्तीय संकट की स्थिति में वैध और कानूनी रास्ते अपनाने चाहिए। पुलिस को गुमराह करने पर सीधे आपराधिक केस दर्ज होगा। • ऋण नियंत्रण पर: कर्ज से परेशान लोगों को वित्तीय सलाहकारों या बैंकों से बात करनी चाहिए, बजाए फर्जी वारदात रचने के। • नकदी प्रबंधन: निजी एटीएम या कैश प्रबंधन करने वालों को अपने खातों में पारदर्शिता रखनी चाहिए। ऐसा क्यों हुआ ऋण से मुक्ति पाने और नकदी का हिसाब छिपाने के उद्देश्य से यह फर्जी घटना रची गई थी। • कर्ज का भारी दबाव: आरोपी पर लगभग 10 लाख रुपये का वित्तीय कर्ज था जिसे चुकाने में वह असमर्थ था। • नकदी का हिसाब छिपाना: निजी एटीएम संचालन के दौरान मिली नकदी के मिलान और लेनदारों से बचने के लिए आरोपी ने लूट की झूठी कहानी गढ़ने की योजना बनाई। • तत्काल जांच से खुलासा: पुलिस ने 112 पर कॉल मिलते ही मौके पर पहुंचकर आरोपी के बयानों में विरोधाभास देखा और गाड़ी की तलाशी ली, जिससे वारदात का सच सामने आ गया। सवाल-जवाब 1. सहारनपुर में कितने रुपये की लूट का फर्जी दावा किया गया था? सहारनपुर में 10 लाख 10 हजार रुपये की लूट का फर्जी दावा किया गया था। 2. लूट का झूठा दावा करने वाला व्यक्ति कौन है? झूठा दावा करने वाले व्यक्ति का नाम दीपक सैनी है, जो एक निजी एटीएम का संचालन करता है। 3. पुलिस को इस मामले का सच कैसे पता चला? पूछताछ के दौरान बयानों में विरोधाभास मिलने पर पुलिस ने दीपक सैनी की गाड़ी की तलाशी ली, जहां पूरी रकम बरामद हो गई। 4. दीपक सैनी ने फर्जी लूट का ड्रामा क्यों रचा था? दीपक सैनी पर करीब 10 लाख रुपये का कर्ज था, जिससे बचने के लिए उसने यह साजिश रची थी। 5. पुलिस अब क्या कानूनी कार्रवाई कर रही है? झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने के आरोप में पुलिस दीपक सैनी के खिलाफ कानूनी मुकदमा दर्ज कर रही है। https://trendkia.com/uttar-pradesh/saharanpur-men-10-10-lakha-rupaye-ki-luta-ka-nikala-jhutha-drama-deepak-saini-ki-gari-se-hi-baramada-hui-puri-rakama-48755 TrendKia — Har trend, sabse pehle.