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  "title": "सहारनपुर नगर सीट पर कांटे का इतिहास, जानिए क्यों 2027 की चुनावी लड़ाई में बीजेपी और सपा के बीच होगा कड़ा मुकाबला",
  "summary": "सहारनपुर नगर विधानसभा सीट पर 2008 के परिसीमन के बाद से हुए चार चुनावों में बीजेपी ने तीन और सपा ने एक बार जीत दर्ज की है। चुनावी इतिहास और वोट आंकड़ों से समझिए 2027 के विधानसभा चुनाव के समीकरण।",
  "content": "उत्तर प्रदेश के पश्चिमी छोर पर स्थित सहारनपुर जिले की सहारनपुर नगर विधानसभा सीट राज्य की उन चुनिंदा सीटों में शुमार है, जहां जीत और हार का फैसला अक्सर बेहद नजदीकी अंतर से तय होता है। वर्ष 2008 में नए परिसीमन के तहत अस्तित्व में आई विधानसभा संख्या 3, सहारनपुर लोकसभा क्षेत्र का अहम हिस्सा है। इस सीट के गठन से लेकर अब तक यहां तीन आम विधानसभा चुनाव और एक उपचुनाव संपन्न हो चुके हैं। चुनावी आंकड़े गवाह हैं कि इस निर्वाचन क्षेत्र में मुख्य लड़ाई हमेशा भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के इर्द-गिर्द सिमटी रही है। आम चुनावों में यहां जीत का अधिकतम अंतर 12 हजार 626 वोटों का रहा है, जिससे साफ जाहिर होता है कि मतदाताओं का मिजाज हर चुनाव में दोनों मुख्य दलों को कड़ी टक्कर में उलझाए रखता है। वर्ष 2027 के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से इस सीट पर राजनीतिक हलचल तेज होने लगी है।\n\nपरिसीमन के बाद 2012 में बीजेपी ने खोला था जीत का खाता\nसाल 2008 के परिसीमन के बाद सहारनपुर नगर सीट पर पहला विधानसभा चुनाव वर्ष 2012 में आयोजित हुआ था। इससे पहले अविभाजित सहारनपुर सीट से विधायक रह चुके राघव लखनपाल पर बीजेपी ने भरोसा जताया और उन्हें अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाया। इस मुकाबले में उनके सामने बहुकोणीय चुनौती थी। कांग्रेस पार्टी ने सलीम अहमद को मैदान में उतारा था, जबकि बहुजन समाज पार्टी की ओर से संजय गर्ग ताल ठोक रहे थे। वहीं समाजवादी पार्टी ने मजाहिर हसन पर अपना दांव खेला था।\n\nजब मतगणना के नतीजे सामने आए तो बीजेपी के राघव लखनपाल ने 85 हजार 170 वोट हासिल कर शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के सलीम अहमद को 12 हजार 626 मतों के अंतर से पराजित किया। कांग्रेस प्रत्याशी सलीम अहमद 72 हजार 544 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे। इस चुनाव में बसपा और सपा मुख्य मुकाबले से काफी पीछे छूट गईं। बसपा के संजय गर्ग को 36 हजार 140 वोट मिले, जबकि सपा उम्मीदवार मजाहिर हसन महज 19 हजार 755 वोटों पर सिमट कर चौथे पायदान पर रहे। इस तरह नवगठित सहारनपुर नगर विधानसभा सीट के पहले विधायक बनने का कीर्तिमान बीजेपी के राघव लखनपाल के नाम दर्ज हुआ।\n\n2014 के उपचुनाव में राजीव गुंबर ने बरकरार रखा भगवा परचम\nसहारनपुर नगर सीट की राजनीति में साल 2014 के दौरान एक बड़ा मोड़ आया। मौजूदा विधायक राघव लखनपाल 2014 के लोकसभा चुनाव में सहारनपुर संसदीय सीट से बीजेपी के टिकट पर सांसद निर्वाचित हो गए। सांसद बनने के बाद उनके विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के कारण यह सीट रिक्त हो गई और 2014 में ही यहां उपचुनाव कराना पड़ा। इस बार बीजेपी ने नए चेहरे के तौर पर राजीव गुंबर को चुनावी समर में उतारा।\n\nउपचुनाव में समाजवादी पार्टी ने बसपा छोड़कर आए संजय गर्ग को अपना उम्मीदवार बनाकर मजबूत घेराबंदी की, जबकि कांग्रेस ने मुकेश कुमार पर भरोसा जताया। भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस उपचुनाव में बीजेपी प्रत्याशी राजीव गुंबर को 1 लाख 8 हजार 306 वोट मिले। सपा के संजय गर्ग ने कड़ा संघर्ष करते हुए 81 हजार 639 वोट जुटाए, लेकिन वे जीत से दूर रह गए। राजीव गुंबर ने यह उपचुनाव 26 हजार 667 मतों के बड़े अंतर से जीतकर सीट पर बीजेपी का दबदबा कायम रखा। कांग्रेस के मुकेश कुमार तीसरे स्थान पर रहे और उन्हें केवल 28 हजार 533 मतों से संतोष करना पड़ा।\n\n2017 की लहर में सपा के संजय गर्ग ने दर्ज की ऐतिहासिक जीत\nउत्तर प्रदेश के 2017 के विधानसभा चुनाव में पूरे राज्य में भारतीय जनता पार्टी की जबर्दस्त लहर देखने को मिली थी, लेकिन सहारनपुर नगर सीट का सियासी गणित बिल्कुल अलग साबित हुआ। बीजेपी ने अपने सिटिंग विधायक राजीव गुंबर पर पुनः भरोसा जताया, तो सपा ने एक बार फिर संजय गर्ग को मैदान में उतारकर मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया।\n\nयह मुकाबला इस सीट के चुनावी इतिहास का अब तक का सबसे कड़ा और रोमांचक संघर्ष बन गया। मतगणना में कांटे की टक्कर के बाद सपा के संजय गर्ग ने महज 4 हजार 636 वोटों के मामूली अंतर से तत्कालीन विधायक राजीव गुंबर को मात दे दी। संजय गर्ग को 1 लाख 27 हजार 210 वोट मिले, जबकि राजीव गुंबर 1 लाख 22 हजार 574 वोटों तक पहुंचे। 2017 का यह चुनाव पूरी तरह से द्विपक्षीय मुकाबले में बदल गया था, क्योंकि बसपा प्रत्याशी को केवल 17 हजार 350 वोट ही मिल सके और शेष किसी भी निर्दलीय अथवा अन्य दल के उम्मीदवार का आंकड़ा 1 हजार वोट भी पार नहीं कर पाया।\n\n2022 में राजीव गुंबर ने पलट दिया पासा\nविधानसभा चुनाव 2022 में सहारनपुर नगर सीट पर एक बार फिर पुरानी प्रतिद्वंद्विता दोहराई गई। बीजेपी के राजीव गुंबर और सपा के संजय गर्ग आमने-सामने आए। 2017 की हार का बदला लेने के इरादे से उतरे राजीव गुंबर ने इस बार आक्रामक प्रचार और बेहतर बूथ प्रबंधन के दम पर बाजी अपने नाम कर ली।\n\nवर्ष 2022 का मुकाबला भी 2017 की तरह ही बेहद तनावपूर्ण और कड़ा रहा, जिसमें राजीव गुंबर ने 7 हजार 434 मतों के अंतर से संजय गर्ग को शिकस्त दी। इस चुनाव में राजीव गुंबर को कुल 1 लाख 43 हजार 195 वोट हासिल हुए, जबकि सपा के संजय गर्ग 1 लाख 35 हजार 761 वोटों के मजबूत आंकड़े तक पहुंचे। दूसरी तरफ, बहुजन समाज पार्टी का प्रदर्शन इस चुनाव में और भी ज्यादा कमजोर रहा और उसके प्रत्याशी मनीष केवल 8 हजार 766 वोट ही जुटा पाए।\n\n2027 के लिए क्या बन रहे हैं सियासी समीकरण\nसहारनपुर नगर सीट पर 2008 के बाद से अब तक हुए चार चुनावों के विश्लेषण से साफ है कि चार में से तीन बार बीजेपी और एक बार समाजवादी पार्टी को विजय मिली है। व्यक्तिगत तौर पर राजीव गुंबर ने 2014 का उपचुनाव और 2022 का आम चुनाव जीतकर दो बार विधानसभा में इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया, जबकि संजय गर्ग 2017 में एक बार विजयी रहे। सामान्य चुनावों में जीत का सबसे बड़ा अंतर 2012 में राघव लखनपाल के नाम 12 हजार 626 वोट रहा, वहीं सबसे करीबी हार-जीत 2017 में 4 हजार 636 वोटों की रही।\n\nसहारनपुर नगर विधानसभा क्षेत्र की जनसांख्यिकी पर नजर डालें तो यहां मुस्लिम, पंजाबी, वैश्य, दलित और अन्य पिछड़े वर्ग के मतदाताओं की संख्या निर्णायक भूमिका निभाती है। इन सभी सामाजिक वर्गों का झुकाव ही यहां के चुनावी परिणाम की दिशा तय करता है। ऐसे में 2027 के आने वाले विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी और सपा के बीच सीधा और कड़ा मुकाबला देखने को मिलना तय माना जा रहा है। आगामी चुनाव का नतीजा दोनों दलों द्वारा उतारे जाने वाले प्रत्याशियों की व्यक्तिगत छवि, सामाजिक संतुलन और बूथ स्तर पर किए जाने वाले माइक्रो मैनेजमेंट पर पूरी तरह निर्भर करेगा।\n\nइसका आप पर असर\nसहारनपुर नगर विधानसभा सीट का चुनावी इतिहास स्थानीय नागरिकों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य को सीधे प्रभावित करता है।\n\n• भारत में: उत्तर प्रदेश का यह क्षेत्र राष्ट्रीय राजनीति और राज्य के सत्ता संतुलन का अहम संकेतक माना जाता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बनने वाले सियासी रुझान अक्सर पूरे प्रदेश की चुनावी दिशा को प्रभावित करते हैं।\n• सहारनपुर में: दोनों प्रमुख दलों के बीच कड़े मुकाबले के कारण स्थानीय बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं पर नेताओं का ध्यान बना रहता है। मतदाताओं के पास अपने क्षेत्र के विकास कार्यों और बुनियादी समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों से जवाबदेही तय करने का मजबूत अवसर रहता है।\n• मतदाताओं की भागीदारी: बेहद कम अंतर से होने वाले फैसलों के चलते हर एक वोट का महत्व निर्णायक साबित होता है। 2027 के चुनाव में मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग कर नगर के विकास की रूपरेखा तय करनी होगी।\n• नागरिक मुद्दों पर असर: करीबी चुनावी लड़ाई स्थानीय प्रशासन को सार्वजनिक सेवाओं और व्यापारिक सहूलियतों के प्रति सजग बनाए रखती है। स्थानीय व्यापारी वर्ग और कामगार दोनों राजनीतिक दलों से बेहतर नीतियों की उम्मीद कर सकते हैं।\n\nऐसा क्यों हुआ\nसहारनपुर नगर सीट पर लगातार करीबी और द्विपक्षीय मुकाबले होने के पीछे स्पष्ट राजनीतिक और जनसांख्यिकीय कारण मौजूद हैं।\n\n• सीधा द्विपक्षीय ध्रुवीकरण: 2008 के परिसीमन के बाद से इस सीट पर मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच ही केंद्रित रहा है। कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी के कमजोर पड़ने से गैर-बीजेपी वोट काफी हद तक सपा के पक्ष में लामबंद होते रहे हैं।\n• विविध सामाजिक ताना-बाना: इस शहरी विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम, पंजाबी, वैश्य, दलित और ओबीसी समुदायों की खासी आबादी मौजूद है। यह सामाजिक बनावट दोनों प्रमुख दलों को मजबूत और प्रतिस्पर्धी वोट बैंक उपलब्ध कराती है।\n• मजबूत स्थानीय चेहरे: दोनों पार्टियों के पास राजीव गुंबर और संजय गर्ग जैसे स्थापित और अनुभवी नेता रहे हैं, जिनका क्षेत्र में सीधा जनसंपर्क है। इन नेताओं के व्यक्तिगत प्रभाव ने हर चुनाव में चुनावी अंतर को बेहद नजदीकी बनाए रखा है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सहारनपुर नगर विधानसभा सीट का गठन कब हुआ था?\nसहारनपुर नगर विधानसभा सीट वर्ष 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी और इसका विधानसभा नंबर 3 है।\n\n2. इस सीट पर पहला विधानसभा चुनाव कब और किसने जीता था?\nसाल 2012 में हुए पहले चुनाव में बीजेपी के राघव लखनपाल ने 12 हजार 626 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी।\n\n3. 2014 के उपचुनाव में कौन विजयी रहा था?\n2014 के उपचुनाव में बीजेपी प्रत्याशी राजीव गुंबर ने सपा के संजय गर्ग को 26 हजार 667 वोटों के अंतर से हराया था।\n\n4. 2017 के चुनाव में सहारनपुर नगर सीट का क्या नतीजा रहा था?\n2017 में सपा के संजय गर्ग ने बीजेपी के तत्कालीन विधायक राजीव गुंबर को महज 4 हजार 636 वोटों के करीबी अंतर से मात दी थी।\n\n5. 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत का अंतर कितना था?\n2022 में बीजेपी के राजीव गुंबर ने सपा के संजय गर्ग को 7 हजार 434 वोटों से पराजित किया था।\n\n6. सहारनपुर नगर सीट पर अब तक बीजेपी और सपा ने कितनी बार जीत हासिल की है?\n2008 के बाद से हुए चार चुनावों में बीजेपी ने तीन बार (2012, 2014 उपचुनाव, 2022) और सपा ने एक बार (2017) जीत दर्ज की है।",
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  "category": "उत्तर प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-10-01",
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