# शाहजहांपुर में पकड़ा गया नकली ब्रिगेडियर: NEET में फेल 21 साल का युवक वर्दी पहनकर बना सेना अफसर, बाउंसरों को बताता था NSG कमांडो

> शाहजहांपुर पुलिस ने पूर्व सैनिकों की मदद से एक मोटिवेशनल स्पीच का जाल बिछाकर खुद को ब्रिगेडियर बताने वाले 21 वर्षीय आर्यन वर्मा को धर दबोचा, जो SUV, सैन्य झंडों और दो बाउंसरों के रुतबे के साथ घूमता था।

**Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-06-13 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/shahajahanpura-men-pakara-gaya-nakali-brigediyara-neet-men-phela-21-sala-ka-yuva-330

## रुतबा ऐसा कि अफसरों का माथा ठनका
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक 21 साल के युवक का दिखावा इतना बड़ा था कि बड़े-बड़े अधिकारी भी हैरान रह गए। पिता बागवानी विभाग में अधिकारी और मां स्कूल टीचर हैं, लेकिन बेटे ने न कोई परीक्षा दी, न कोई ट्रेनिंग ली और सीधे खुद को भारतीय सेना का ब्रिगेडियर बताकर घूमने लगा। उसके आगे-पीछे दो बाउंसर तैनात रहते थे और वह हर किसी पर अपना ऊंचा ओहदा झाड़ता था। पुलिस को कई दिनों से इस शख्स की शिकायतें मिल रही थीं, और आखिरकार यह झूठ का घड़ा फूट गया।

## नाम आर्यन वर्मा, पहचान फर्जी ब्रिगेडियर
आरोपी की पहचान आर्यन वर्मा के रूप में हुई है। वह अक्सर ब्रिगेडियर की सेरेमोनियल ड्रेस पहने नजर आता और खुद को बेहद ऊंचे पद का सैन्य अफसर बताकर लोगों पर रौब जमाता था। पुलिस के पास लगातार यह सूचना पहुंच रही थी कि यह व्यक्ति वर्दी पहनकर खुलेआम घूम रहा है और सेना के अधिकारी होने का स्वांग रच रहा है।

## पूर्व सैनिकों के साथ बुना गया जाल
आर्यन को सीधे पकड़ने के बजाय पुलिस ने सेना के पूर्व सैनिकों के साथ मिलकर एक पूरी रणनीति तैयार की। ताकि उसे किसी तरह का शक न हो, अधिकारियों ने आम नागरिक बनकर उससे संपर्क साधा और उसे एक कार्यक्रम में बुलाया, जहां भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे युवा उम्मीदवारों को मोटिवेशनल स्पीच देनी थी। यह आयोजन छावनी इलाके के शहीद म्यूजियम में रखा गया।

शुक्रवार सुबह जैसे ही आर्यन ब्रिगेडियर की वर्दी में सजकर कार्यक्रम स्थल पहुंचा, घात लगाए बैठे अधिकारियों ने उसे दबोच लिया। उसके पास से फर्जी आईडी और ब्रिगेडियर की वर्दी बरामद की गई। आरोपी के खिलाफ सदर बाजार थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है।

## SUV, सैन्य झंडे और 'NSG कमांडो'
अधिकारियों के मुताबिक, वर्मा एक SUV (हैरियर) में पहुंचा था, जिस पर सीनियर अफसरों जैसे मिलिट्री स्टार और झंडे लगे हुए थे। उसके साथ दो बाउंसर भी मौजूद थे, जिन्हें वह नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) का कमांडो बताता था। उसका दावा था कि वह एक हाई-प्रोफाइल सैन्य अफसर है, इसी वजह से सुरक्षा में उसे कमांडो दिए गए हैं।

तलाशी में उसके पास से एक पहचान पत्र भी मिला, जिस पर आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज के डीन की मुहर लगी थी, जिसे जांचकर्ता फर्जी मान रहे हैं। इसके अलावा उसके कब्जे से सेना की रेजिमेंटल केन और एक नकली पिस्तौल भी जब्त की गई।

## बरेली की आर्मी इंटेलिजेंस ने संभाली कमान
अब इस मामले की जांच बरेली की आर्मी इंटेलिजेंस टीम ने अपने हाथ में ले ली है और आरोपी से पूछताछ कर रही है। टीम यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर इतना बड़ा स्वांग रचने के पीछे उसका असली मकसद क्या था, उसने कब-कब और कहां-कहां इस तरह की हरकत की, फर्जी दस्तावेज और वर्दी उस तक कैसे पहुंचे, और कहीं इसमें कोई और तो शामिल नहीं था।

पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने बताया कि फिलहाल सेना के अधिकारी ही वर्मा से पूछताछ कर रहे हैं, और सेना की जांच पूरी होने के बाद उसे पुलिस की कस्टडी में सौंपा जाएगा। चौंकाने वाली बात यह है कि यह कथित ब्रिगेडियर असल में दिल्ली में रहकर नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET) की तैयारी कर रहा था, जिसमें वह कथित तौर पर कई बार फेल हो चुका था।

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