# गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर में 30 अक्टूबर को बांटेगा बीजों की मिनी किट, 30 हजार किसानों को मिलेगा नई किस्मों का लाभ

> उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद 30 अक्टूबर दिन शुक्रवार को शाहजहांपुर में विशेष किसान मेले का आयोजन कर रहा है। इसमें ऑनलाइन बुकिंग कराने वाले 30 हजार किसानों को गन्ने की दो नई किस्मों की मिनी सीड किट वितरित की जाएगी।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-10-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/shahjahanpur-sugarcane-research-council-30-october-ko-bantega-beej-mini-kit-30-hazar-kisano-ko-milega-nai-kismo-ka-labh-51276 · **Language:** Hindi
**Tags:** गन्ना खेती, शाहजहांपुर, किसान मेला, उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद, गन्ना बीज, कृषि विकास

उत्तर प्रदेश के गन्ना उत्पादक किसानों की पैदावार और आय बढ़ाने के उद्देश्य से शाहजहांपुर स्थित उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद परिसर में आगामी 30 अक्टूबर दिन शुक्रवार को एक विशाल किसान मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष मेले का प्राथमिक ध्येय राज्य के किसानों को गन्ने की नई और उन्नत किस्मों के प्रामाणिक बीज सुलभ कराना है। हाल ही में शोध परिषद ने गन्ने की दो बंपर पैदावार देने वाली अगेती किस्मों को विकसित कर जारी किया है, जिन्हें हासिल करने के लिए किसानों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। इस वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से ही इस किसान मेले की रूपरेखा तैयार की गई है।

## नई अगेती प्रजातियां और सीमित बीज की चुनौती
उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ गोरखनाथ गुप्ता के अनुसार, परिषद ने हाल के दिनों में गन्ने की दो उत्कृष्ट अगेती किस्मों को रिलीज किया है, जिनके नाम को.शा. 23232 और को.शा. 19231 हैं। ये दोनों ही प्रजातियां अपनी अधिक उपज क्षमता और बेहतर शर्करा मात्रा के लिए जानी जाती हैं। हालांकि, जब भी कोई नई किस्म शोध केंद्र से व्यावसायिक खेती के लिए पहली बार जारी की जाती है, तो शुरुआती चरण में उसका बीज सीमित मात्रा में ही उपलब्ध होता है। अत्यधिक मांग के बावजूद सभी किसानों को एक साथ बड़ी मात्रा में बीज मुहैया कराना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं हो पाता है। इसी वजह से परिषद ने सभी इच्छुक किसानों तक समान रूप से लाभ पहुंचाने और कालाबाजारी को रोकने के लिए डिजिटल बुकिंग का रास्ता अपनाया है।

## ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था और चीनी उद्योग सट्टा पात्रता
पारंपरिक वितरण प्रणालियों में अक्सर वास्तविक और जरूरतमंद किसानों तक समय पर नया बीज नहीं पहुंच पाता था। इस चुनौती से निपटने के लिए गन्ना शोध परिषद ने हाल के वर्षों में डिजिटल तकनीक का सहारा लिया है। इस नई व्यवस्था के तहत केवल वही किसान बीज बुकिंग के लिए पात्र माने जाते हैं, जिनका राज्य के चीनी उद्योग में सट्टे पर वैध पंजीकरण होता है। इस वर्ष 9 अक्टूबर से ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल खोला गया था। इस प्रक्रिया में परिषद ने को.शा. 23232 किस्म के 2 लाख बड और को.शा. 19231 किस्म के 1 लाख बड ऑनलाइन आवंटन के लिए निर्धारित किए थे। प्रत्येक किसान के लिए अधिकतम 100 बड की एक मिनी किट की सीमा तय की गई थी। इस पारदर्शी ऑनलाइन प्रक्रिया में लगभग 30 हजार किसानों ने सफलता पूर्वक अपनी किट बुक की थी।

## 30 अक्टूबर को किसान मेले में वितरण की पूरी प्रक्रिया
जिन्होंने 9 अक्टूबर को अपनी ऑनलाइन बुकिंग पूरी कर ली थी, वे सभी किसान 30 अक्टूबर को शाहजहांपुर में आयोजित होने वाले किसान मेले में अपनी मिनी सीड किट प्राप्त कर सकेंगे। मेले के दिन वितरण व्यवस्था को सुगम बनाए रखने के लिए किसानों को प्रातः 9 बजे परिसर में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। मेले में पहुंचते ही किसानों को सर्वप्रथम मुख्य पंजीकरण काउंटर पर जाना होगा। वहां किसानों को अपनी बुकिंग के समय पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त आवेदन संख्या दिखानी होगी। इसके साथ ही अपनी पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन हेतु आधार कार्ड की मूल प्रति या छायाप्रति प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। सत्यापन पूरा होते ही काउंटर से किसान को एक विशिष्ट टोकन जारी किया जाएगा, जिसे दिखाकर वे बीज वितरण काउंटर से अपनी मिनी सीड किट आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।

## इसका आप पर असर
यह पहल उत्तर प्रदेश के हजारों गन्ना किसानों को पारदर्शी तरीके से नई और उच्च पैदावार देने वाली किस्मों का प्रामाणिक बीज समय पर उपलब्ध कराएगी।

- **उत्तर प्रदेश में:** शाहजहांपुर और आसपास के जिलों के 30 हजार पंजीकृत गन्ना किसानों को सीधे शोध केंद्र से प्रामाणिक बीज मिलेंगे। इससे बिचौलियों पर निर्भरता समाप्त होगी और गन्ने का उत्पादन बेहतर होगा।
- **भारत भर में:** डिजिटल बुकिंग और टोकन-आधारित प्रत्यक्ष वितरण मॉडल से देश भर के कृषि संस्थानों को पारदर्शी बीज वितरण व्यवस्था अपनाने की सीख मिलती है।

## ऐसा क्यों हुआ
गन्ने की नई विकसित किस्मों के शुरुआती दौर में सीमित बीज की उपलब्धता और अत्यधिक मांग के कारण ऑनलाइन बुकिंग और टोकन आधारित वितरण व्यवस्था लागू की गई है।

- **सीमित शुरुआती उत्पादन:** को.शा. 23232 और को.शा. 19231 किस्मों को हाल ही में रिलीज किया गया है, जिससे अनुसंधान केंद्र के पास शुरुआती चरण में केवल 3 लाख कुल बड ही उपलब्ध थे।
- **बिचौलियों और कालाबाजारी पर रोक:** पारंपरिक वितरण में बीज का सही किसानों तक न पहुंच पाने का जोखिम रहता था, जिसे खत्म करने के लिए चीनी उद्योग सट्टा पंजीकरण अनिवार्य किया गया।
- **समान वितरण की नीति:** प्रत्येक किसान के लिए अधिकतम 100 बड की एक किट की सीमा तय की गई ताकि कम से कम 30 हजार किसानों तक नई तकनीक पहुंच सके।

## सवाल-जवाब

### 1. शाहजहांपुर में किसान मेला किस तारीख को आयोजित हो रहा है?
यह मेला आगामी 30 अक्टूबर दिन शुक्रवार को उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद, शाहजहांपुर में आयोजित किया जा रहा है।

### 2. किसान मेले में कौन-कौन सी नई गन्ना किस्मों के बीज बांटे जाएंगे?
मेले में हाल ही में रिलीज की गई दो नई अगेती किस्मों को.शा. 23232 और को.शा. 19231 के बीज वितरित किए जाएंगे।

### 3. बीज किट प्राप्त करने के लिए किसानों को कौन से दस्तावेज साथ लाने होंगे?
किसानों को अपनी ऑनलाइन बुकिंग की आवेदन संख्या (जो मोबाइल पर प्राप्त हुई थी) और पहचान सत्यापन के लिए आधार कार्ड लाना अनिवार्य है।

### 4. मेले के दिन किसानों को कितने बजे पहुंचना होगा?
किसानों को समय पर पंजीकरण और टोकन प्राप्त करने के लिए सुबह 9 बजे मेले में पहुंचने की सलाह दी गई है।

### 5. इस ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया के तहत कितने किसानों को लाभ मिलेगा?
9 अक्टूबर से शुरू हुई बुकिंग प्रक्रिया के माध्यम से लगभग 30 हजार पंजीकृत किसानों ने अपने मिनी सीड किट बुक किए हैं।

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