शिवा शर्मा हत्याकांड में आरोपी श्रद्धा दुबे और अन्य नागपुर से लखनऊ लाए गए, आज दोपहर कोर्ट में पेशी शिवा शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को नागपुर से ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया गया है। इन सभी पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और इन्हें आज दोपहर 12 बजे के बाद अदालत में पेश किया जाएगा। लखनऊ के चर्चित शिवा शर्मा हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और उनके ड्राइवर दानिश को लेकर उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल यानी एसटीएफ नागपुर से लखनऊ पहुंच चुकी है। आरोपियों को लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन लाया गया है, जहां कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। दोपहर 12 बजे के बाद इन सभी को लखनऊ की अदालत में पेश किया जाएगा, जिसके लिए पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। नागपुर अदालत से मिली थी ट्रांजिट रिमांड इससे पहले नागपुर की एक अदालत ने बुधवार को सुनवाई के दौरान शिवा शर्मा हत्याकांड से जुड़े इन तीनों आरोपियों को उत्तर प्रदेश पुलिस की हिरासत में सौंप दिया था। अदालत ने उत्तर प्रदेश पुलिस को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की थी, जिसके आधार पर पुलिस टीम इन तीनों को विमान या सड़क मार्ग के जरिए नागपुर से सीधे लखनऊ लेकर पहुंची है। मंगलवार को हुई थी तीनों की गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स और लखनऊ पुलिस द्वारा चलाए गए एक संयुक्त अभियान के तहत मंगलवार को श्रद्धा दुबे, उनकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को धर दबोचा गया था। ये तीनों आरोपी घटना के बाद से ही लगातार फरार चल रहे थे और कानून की पकड़ से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहे थे। कानून की नजरों से बचकर भाग रहे इन तीनों आरोपियों में से प्रत्येक पर उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस टीमों ने कई स्थानों पर लगातार छापेमारी कर आखिरकार इन्हें दबोच लिया। हजरतगंज थाने में दर्ज है हत्या का मामला यह पूरा मामला शिवा शर्मा की हत्या से जुड़ा है। पीड़ित की मां रंजना शर्मा की तरफ से दी गई लिखित शिकायत के आधार पर 9 अक्टूबर को लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के शुरुआती दौर में लखनऊ पुलिस ने इन आरोपियों की पुख्ता जानकारी देने वाले शख्स के लिए 25,000 रुपये के इनाम की घोषणा की थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया गया था। पुलिस की कई विशेष टीमों ने की थी तलाश आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी के लिए पुलिस महकमे ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। इन्हें खोजने के लिए सर्विलांस यूनिट, स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप और स्थानीय पुलिस थानों की कई विशेष टीमों को मैदान में उतारा गया था। लगातार तकनीकी और जमीनी सुरागकशी के बाद पुलिस इन तक पहुंचने में कामयाब रही। बुर्का पहनकर और नेपाल में छिपकर काट रही थी वक्त उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए लगातार बुर्का पहनकर रहती थी। वह लोगों से बातचीत बहुत सीमित रखती थी और कम निगरानी वाले सस्ते होटलों में छिपकर अपना वक्त काटती थी ताकि किसी को शक न हो। अमिताभ यश ने यह भी जानकारी दी कि पुलिस जांच में इस बात के संकेत मिले हैं कि वापस नागपुर या अन्य जगहों पर पकड़े जाने से पहले श्रद्धा दुबे नेपाल भी गई थी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह सब सुरक्षा एजेंसियों को भ्रमित करने और उनके रूट से भटकाने के लिए चली गई चाल थी। इसका आप पर असर इस कानूनी कार्रवाई का असर मुख्य रूप से कानून व्यवस्था, सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली और संबंधित मामलों में फरार चल रहे आरोपियों पर पड़ेगा। • उत्तर प्रदेश में: इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी से राज्य में कानून का डर और अपराधियों के बीच पुलिस की सख्ती का संदेश मजबूत हुआ है। आम नागरिकों को उम्मीद है कि इस मामले में जल्द ही निष्पक्ष जांच पूरी कर अदालत के जरिए पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा। • लखनऊ में: हजरतगंज और आसपास के इलाकों में इस बड़ी कार्रवाई के बाद पुलिस चौकसी और अधिक कड़ी कर दी गई है। स्थानीय अदालत में पेशी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखा गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। ऐसा क्यों हुआ इन गिरफ्तारियों और उसके बाद की गई कानूनी कार्रवाई के पीछे लंबी तकनीकी ट्रैकिंग और पुलिस की विशेष रणनीतियां जुड़ी हुई हैं। यह पूरा घटनाक्रम पुलिस की सघन जांच और आरोपियों द्वारा गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनाए गए पैतरों का परिणाम है। • वारदात और शिकायत: 9 अक्टूबर को पीड़ित की मां रंजना शर्मा द्वारा हजरतगंज पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराने के बाद भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला कायम किया गया था। • नाम बदलने और छिपने के तरीके: मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे ने गिरफ्तारी से बचने के लिए बुर्का पहनने, सस्ते होटलों में रहने और नेपाल की यात्रा करने जैसे हथकंडे अपनाए ताकि वह पुलिस की पकड़ से दूर रह सके। • इनामी राशि में बढ़ोतरी: आरोपियों के आसानी से हाथ न आने पर पुलिस ने उन पर घोषित इनाम की राशि को शुरुआती 25,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया था जिससे सूचना जुटाने में मदद मिली। • विशेष टीमों का गठन: सर्विलांस यूनिट, स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र का उपयोग कर नागपुर में तीनों आरोपियों का सुराग लगाया। सवाल-जवाब 1. श्रद्धा दुबे और अन्य आरोपियों को कहां से गिरफ्तार किया गया था? श्रद्धा दुबे, उनकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को उत्तर प्रदेश एसटीएफ और लखनऊ पुलिस के संयुक्त अभियान में नागपुर से गिरफ्तार किया गया था। 2. आरोपियों पर कितने रुपये का इनाम घोषित था? फरार चल रहे इन तीनों आरोपियों में से प्रत्येक पर उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था। 3. शिवा शर्मा हत्याकांड का मामला किस पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था? यह मामला पीड़ित की मां रंजना शर्मा की शिकायत पर 9 अक्टूबर को लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। 4. आरोपियों को लखनऊ कोर्ट में कब पेश किया जाएगा? नागपुर से ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाए जाने के बाद सभी आरोपियों को आज दोपहर 12 बजे के बाद अदालत में पेश किया जाएगा। 5. गिरफ्तारी से बचने के लिए मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे क्या करती थी? अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमिताभ यश के अनुसार, श्रद्धा दुबे गिरफ्तारी से बचने के लिए बुर्का पहनती थी, बातचीत कम करती थी और सस्ते होटलों में छिपकर रहती थी। https://trendkia.com/uttar-pradesh/shiva-sharma-murder-case-mein-aaropi-shraddha-dubey-aur-anya-nagpur-se-lucknow-laaye-gaye-50459 TrendKia — Har trend, sabse pehle.