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  "type": "article",
  "title": "सिलेंडर का हाइड्रो टेस्ट प्रमाण पत्र मांगने पर कर्मियों पर हमला, हापुड़ में दो घायल",
  "summary": "हापुड़ में दिल्ली-लखनऊ हाईवे स्थित सीएनजी पंप पर सुरक्षा जांच के तहत हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट मांगने पर चालक ने साथियों के साथ मिलकर कर्मचारियों को लाठियों से पीट दिया।",
  "content": "उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित एक सीएनजी स्टेशन पर सुरक्षा नियमों का पालन कराने को लेकर भारी बवाल हो गया। कार में लगे सीएनजी सिलेंडर की तकनीकी जांच का प्रमाण पत्र मांगने पर वाहन चालक आपा खो बैठा और उसने कर्मचारियों के साथ तीखी नोकझोंक शुरू कर दी। विवाद इतना अधिक बढ़ गया कि चालक ने फोन करके अपने दर्जनों परिचितों को मौके पर बुला लिया, जिसके बाद उन्होंने पंप कर्मचारियों पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला बोल दिया। इस अचानक हुए हमले में स्टेशन के दो कर्मचारी गंभीर रूप से चोटिल हो गए। पूरी वारदात परिसर में सक्रिय सुरक्षा कैमरों में रिकॉर्ड हो गई, जिसके दृश्य अब सामने आ रहे हैं।\n\nदस्तावेज मांगने पर शुरू हुई कहासुनी\nयह हिंसक घटना गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सरोपुर गांव के पास स्थित सीएनजी पंप की है। स्टेशन के प्रबंधक कासिब के अनुसार, वैठ गांव का रहने वाला एक युवक अपनी निजी कार में गैस भरवाने के लिए पंप पर आया था। सीएनजी भरते समय सुरक्षा प्रोटोकॉल और अनिवार्य मानकों के तहत ड्यूटी पर तैनात कर्मियों ने चालक से सिलेंडर का वैध हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट दिखाने का अनुरोध किया। नियमों के मुताबिक बिना इस जांच प्रमाण पत्र के गैस भरना सुरक्षा की दृष्टि से बेहद खतरनाक माना जाता है। आरोप है कि चालक ने निर्धारित कागजात दिखाने से साफ मना कर दिया और कर्मियों के साथ बदसलूकी करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी।\n\nलाठी-डंडों से हमला और मची भगदड़\nविवाद बढ़ने पर कार चालक ने अपने गांव और आसपास के परिचितों को संपर्क करके मौके पर एकत्रित कर लिया। कुछ ही देर में लाठी और डंडे लेकर कई हमलावर स्टेशन परिसर में घुस आए और वहां मौजूद कर्मचारियों को घेरकर पीटना शुरू कर दिया। हमले के कारण पूरे पंप परिसर में अफरा-तफरी मच गई और वहां मौजूद अन्य वाहन चालक व राहगीर दहशत में आ गए। इस मारपीट में स्टेशन के सुपरवाइजर मनीष और कर्मचारी दीपेंद्र को गंभीर चोटें आईं। सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि किस तरह भीड़ ने कर्मियों को निशाना बनाया, जबकि कुछ स्थानीय लोग बीच-बचाव का प्रयास भी कर रहे थे। हमलावर जाते समय कर्मियों को जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए।\n\nसीसीटीवी साक्ष्यों से आरोपियों की तलाश\nघटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली के प्रभारी देवेंद्र सिंह बिष्ट ने घटना के संबंध में बताया कि पीड़ितों की औपचारिक शिकायत दर्ज कर ली गई है और मामले की वैधानिक जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर हमलावरों की शिनाख्त की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद चिन्हित किए गए सभी आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।\n\nइसका आप पर असर\nइस घटना से सीएनजी वाहन चालकों के लिए सुरक्षा नियमों का पालन करने और पंप कर्मियों की कार्यस्थल सुरक्षा पर सीधा असर पड़ता है।\n\n• भारत में: सभी सीएनजी वाहन मालिकों को अपने सिलेंडर का वैध हाइड्रो टेस्टिंग प्रमाण पत्र साथ रखना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर पंपों पर ईंधन भरवाने से रोका जा सकता है और चालान का सामना करना पड़ सकता है।\n• हापुड़ में: स्थानीय सीएनजी स्टेशनों पर सुरक्षा जांच और पुलिस निगरानी सख्त हो सकती है। विवाद से बचने के लिए जिले के वाहन चालकों को अपने वैध दस्तावेज हमेशा साथ रखने की सलाह दी जाती है।\n• सुरक्षा प्रोटोकॉल: सीएनजी सिलेंडर की समय पर जांच न कराने से गंभीर विस्फोट का खतरा बना रहता है। प्रत्येक तीन वर्ष में मान्यता प्राप्त केंद्र से हाइड्रो परीक्षण करवाना कानूनी रूप से आवश्यक है।\n• कर्मियों की सुरक्षा: सार्वजनिक सेवा में लगे कर्मचारियों के साथ हिंसा करने पर कड़ी कानूनी धाराओं में गिरफ्तारी हो सकती है। किसी भी विवाद की स्थिति में कानून हाथ में लेने के बजाय स्टेशन प्रबंधन या पुलिस से संपर्क करना चाहिए।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह हिंसक टकराव तब शुरू हुआ जब सुरक्षा नियमों के तहत वाहन चालक से जरूरी तकनीकी दस्तावेज की मांग की गई, जिसे उसने अपनी प्रतिष्ठा का विषय बना लिया।\n\n• प्रत्यक्ष कारण: कार चालक ने अपने सीएनजी सिलेंडर का अनिवार्य हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट दिखाने से मना कर दिया और कर्मचारियों से उलझ पड़ा। कर्मचारियों द्वारा नियमों का पालन करने के आग्रह पर उसने गाली-गलौज की और साथियों को बुला लिया।\n• हिंसा भड़कने की परिस्थितियां: चालक द्वारा फोन कर स्थानीय परिचितों को बुलाने से एक साधारण बहस ने संगठित भीड़ हमले का रूप ले लिया। हमलावरों के पास लाठी-डंडे मौजूद थे, जिससे परिसर में अचानक अराजकता फैल गई।\n• सुरक्षा नियमों की अनदेखी: अक्सर कई वाहन चालक नियमित हाइड्रो परीक्षण कराने से बचते हैं और जांच मांगे जाने पर आक्रामक हो जाते हैं। स्टेशन कर्मियों पर बिना वैध कागजात के गैस न भरने का वैधानिक दबाव रहता है।\n• आगामी कार्रवाई: घटना की सीसीटीवी फुटेज मौजूद होने के कारण पुलिस आरोपियों की पहचान कर रही है। आरोपियों के खिलाफ कानूनी धाराओं में मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. हापुड़ के सीएनजी पंप पर मारपीट की यह घटना कहां हुई?\nयह घटना गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली क्षेत्र में दिल्ली-लखनऊ हाईवे के पास सरोपुर गांव स्थित सीएनजी पंप पर हुई।\n\n2. विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ था?\nगाड़ी में गैस भरवाने पहुंचे चालक से कर्मचारियों ने सीएनजी सिलेंडर का हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट दिखाने को कहा था, जिस पर विवाद शुरू हुआ।\n\n3. इस हमले में कौन-कौन घायल हुए हैं?\nहमले में सीएनजी स्टेशन के सुपरवाइजर मनीष और कर्मचारी दीपेंद्र घायल हुए हैं।\n\n4. पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई कर रही है?\nपुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई कर रही है।",
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  "category": "उत्तर प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-10-22",
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    "सीएनजी पंप",
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