# सीतापुर में गणेश उत्सव के दौरान धर्मशाला की रेलिंग गिरी, दो महिला श्रद्धालुओं की मौत

> उत्तर प्रदेश के सीतापुर स्थित पंजाबी धर्मशाला में गणेश आरती के दौरान तिरपाल पर जमा बारिश के पानी के भारी दबाव से रेलिंग ढह गई, जिसमें दो महिलाओं की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-09-23 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/sitapur-men-ganesha-utsava-ke-daurana-dharmashala-ki-relinga-giri-do-mahila-shraddhaluon-ki-mauta-37167 · **Language:** Hindi
**Tags:** सीतापुर, गणेश उत्सव, हादसा, पंजाबी धर्मशाला, उत्तर प्रदेश, रेलिंग हादसा

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में बुधवार को गणेश उत्सव के दौरान एक अत्यंत दर्दनाक दुर्घटना सामने आई। शहर कोतवाली इलाके में स्थित पंजाबी धर्मशाला के आंगन में गणेश उत्सव का भव्य आयोजन चल रहा था, जहां बड़ी संख्या में लोग दोपहर की मंगल आरती में शामिल होने के लिए एकत्र हुए थे। इसी दौरान ऊपर से अचानक भारी रेलिंग और छज्जा नीचे खड़े श्रद्धालुओं पर भरभराकर गिर पड़ा। इस अप्रत्याशित हादसे में दो महिला श्रद्धालुओं की जान चली गई, जबकि लगभग 30 से 35 लोग मलबे की चपेट में आकर घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे परिसर में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई।

## आरती की तैयारी के बीच अचानक हुआ हादसा
पंजाबी धर्मशाला के खुले आंगन में गणेश महोत्सव के उपलक्ष्य में लगभग डेढ़ फीट ऊंची भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई थी। बुधवार को स्थानीय श्रद्धालु रोज की तरह पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए पहुंच रहे थे। दोपहर करीब 12.30 बजे मंगल आरती की तैयारियां पूरी की जा रही थीं और काफी संख्या में महिलाएं तथा पुरुष आंगन में जमा थे। माहौल पूरी तरह भक्तिमय था, लेकिन अचानक चीखों और भारी मलबे के गिरने की गड़गड़ाहट से पूरा इलाका दहल उठा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पलक झपकते ही रेलिंग और कंक्रीट का हिस्सा नीचे खड़े लोगों पर आ गिरा, जिससे कई लोग सीधे मलबे के नीचे दब गए।

## तिरपाल पर जमा बारिश का पानी बना हादसे की वजह
इस हादसे के पीछे का कारण भारी बारिश और जलभराव का अत्यधिक वजन बताया जा रहा है। आयोजन स्थल को भीगने से बचाने के लिए आयोजकों ने तीसरी मंजिल की रेलिंग और छज्जे के सहारे बरसाती तिरपाल बांध रखी थी। आरती के समय अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। आंगन के ऊपर तनी हुई तिरपाल पर लगातार बारिश का पानी जमा होने लगा। पानी का भार इतना अधिक बढ़ गया कि तीसरी मंजिल की रेलिंग उस भारी खिंचाव को झेल नहीं पाई। नतीजतन, रेलिंग तिरपाल के साथ टूट गई और नीचे पूजा कर रहे लोगों के ऊपर आ गिरी।

## स्थानीय लोगों का बचाव अभियान और दो महिलाओं की मौत
दुर्घटना होते ही पंजाबी धर्मशाला के आसपास रहने वाले स्थानीय नागरिक बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचे और तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। लोगों ने मलबे के नीचे दबे घायलों को बाहर निकाला और वाहनों के जरिए आनन-फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने 60 वर्षीय उमा कपूर को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से जख्मी कई अन्य श्रद्धालुओं को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ भेजा गया, जहां उपचार के दौरान एक और महिला श्रद्धालु नीति मेहरोत्रा ने दम तोड़ दिया। मलबे से निकाले गए अन्य घायलों का उपचार विभिन्न चिकित्सा केंद्रों में चल रहा है।

## प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा, जांच के आदेश
घटना की जानकारी मिलते ही जिले के प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। डीएम राजा गणपति आर, एसपी अंकुर अग्रवाल और एडीएम आयुष चौधरी सहित वरिष्ठ अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद अधिकारियों ने जिला अस्पताल पहुंचकर उपचाराधीन श्रद्धालुओं की स्थिति का जायजा लिया और चिकित्सकों को उचित निर्देश दिए। डीएम राजा गणपति आर ने बताया कि इस घटना में आठ लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं, जिनमें से एक अत्यंत नाजुक स्थिति वाले मरीज को लखनऊ भेजा गया है। पुलिस और प्रशासनिक टीम पूरे मामले के तकनीकी व सुरक्षा कारणों की विस्तृत जांच कर रही है।

## इसका आप पर असर
यह घटना धार्मिक और सार्वजनिक पंडालों में बारिश के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अत्यंत सतर्क रहने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

- **सीतापुर में:** पंजाबी धर्मशाला में हुए इस हादसे के बाद स्थानीय अस्पतालों में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था सक्रिय कर दी गई है। गंभीर रूप से घायल लोगों को तत्काल राहत देने के लिए विशेष डॉक्टरों की टीम निगरानी कर रही है।
- **उत्तर प्रदेश में:** राज्य भर में सार्वजनिक उत्सवों और पंडालों में बुनियादी ढांचे की मजबूती की जांच को लेकर सतर्कता बढ़ सकती है। आयोजकों को अस्थायी शेड और भारी बरसाती बांधते समय वजन और जलनिकासी का ध्यान रखना होगा।
- **श्रद्धालुओं के लिए:** भीड़भाड़ वाले पुराने भवनों या संकीर्ण आंगनों में आरती और पूजा के दौरान निकासी रास्तों का ध्यान रखना जरूरी है। किसी भी संभावित खतरे या पुराने ढांचे के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।
- **पंडाल आयोजकों के लिए:** पंडालों में वाटरप्रूफ तिरपाल बांधते समय जलजमाव की संभावना को पूरी तरह समाप्त करना अनिवार्य है। पुराने या कमजोर छज्जों से भारी रस्सियां और तिरपाल बांधने से तुरंत परहेज करना चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
यह दुखद दुर्घटना मुख्य रूप से मौसम की मार और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते घटित हुई। भारी बारिश के दौरान तनी हुई तिरपाल पर भारी मात्रा में पानी भर गया, जिसने कमजोर संरचना पर अप्रत्याशित खिंचाव डाला।

- **तिरपाल पर अत्यधिक जलभार:** पंडाल को बारिश से सुरक्षित रखने के लिए ऊपर लगाई गई बरसाती पर निकासी की उचित व्यवस्था नहीं थी। तेज बारिश होते ही सैकड़ों लीटर पानी तिरपाल पर जमा हो गया, जिससे अत्यधिक वजन पैदा हो गया।
- **कमजोर रेलिंग पर दबाव:** तिरपाल को सहारा देने के लिए उसे तीसरी मंजिल की रेलिंग और छज्जे से सीधे बांधा गया था। पानी के अत्यधिक खिंचाव को पुरानी रेलिंग सहन नहीं कर सकी और सीधे नीचे टूटकर गिर पड़ी।
- **आंगन में भारी भीड़:** दोपहर की आरती की तैयारी के चलते बड़ी संख्या में लोग खुले आंगन में जमा थे। रेलिंग के ठीक नीचे मौजूद होने के कारण श्रद्धालुओं को भागने या संभलने का कोई अवसर नहीं मिल सका।

## सवाल-जवाब

### 1. सीतापुर में यह दुर्घटना कहां और कब हुई?
यह दुर्घटना बुधवार दोपहर करीब 12.30 बजे शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित पंजाबी धर्मशाला के आंगन में गणेश आरती की तैयारी के दौरान हुई।

### 2. हादसे में जान गंवाने वाली महिलाओं की पहचान क्या है?
मृतक महिलाओं की पहचान 60 वर्षीय उमा कपूर और इलाज के दौरान दम तोड़ने वाली नीति मेहरोत्रा के रूप में हुई है।

### 3. धर्मशाला की रेलिंग टूटने का मुख्य कारण क्या था?
तीसरी मंजिल से बंधी तिरपाल पर भारी बारिश का पानी जमा हो गया था, जिसके अत्यधिक भार और खिंचाव से रेलिंग टूटकर नीचे गिर गई।

### 4. दुर्घटना में कितने लोग हताहत हुए हैं?
इस हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 30 से 35 श्रद्धालु घायल हुए हैं, जिनमें से आठ की हालत गंभीर बताई गई है।

### 5. गंभीर रूप से घायल लोगों को कहां भेजा गया है?
गंभीर रूप से जख्मी मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए लखनऊ रेफर किया गया है।

### 6. हादसे के बाद प्रशासनिक स्तर पर क्या कदम उठाए गए?
डीएम राजा गणपति आर और एसपी अंकुर अग्रवाल ने मौके और अस्पताल का दौरा किया और घटना के कारणों की विस्तृत जांच शुरू करवा दी है।

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