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  "type": "article",
  "title": "श्रंगार हाट से हनुमानगढ़ी मार्ग पर आधुनिक शेड तैयार, मौसम की मार से बचेंगे रामनगरी आने वाले भक्त",
  "summary": "अयोध्या के प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी दर्शन पथ पर श्रद्धालुओं को धूप और बारिश से बचाने के लिए 500 मीटर लंबे शेड का 90 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। पांच करोड़ रुपये से अधिक की इस परियोजना के अगले दो से तीन महीनों में पूरी तरह तैयार होने की संभावना है।",
  "content": "धार्मिक नगरी अयोध्या में भगवान हनुमान के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के अनुभव को सुखद बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर अहम बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है। कतारबद्ध होकर अपनी बारी की प्रतीक्षा करने वाले आगंतुकों को तेज चिलचिलाती धूप, उमस और मूसलाधार बारिश से सुरक्षित रखने के मकसद से लगभग 500 मीटर लंबाई वाले एक सुदृढ़ शेड का निर्माण अंतिम चरण में प्रवेश कर चुका है। इस पूरे निर्माण कार्य का तकरीबन नब्बे प्रतिशत हिस्सा धरातल पर उतारा जा चुका है, जिस पर 5 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि खर्च की जा रही है।\n\nभक्ति पथ पर श्रंगार हाट से सीधे जुड़ेगा सुरक्षित गलियारा\nयह महत्वपूर्ण छायादार ढांचा श्रंगार हाट से हनुमानगढ़ी तक जाने वाले प्रसिद्ध भक्ति पथ पर स्थापित किया जा रहा है। यहां सामान्य दिनों के अलावा विशेष पर्वों, त्योहारों और मेलों के अवसर पर भारी जनसैलाब उमड़ता है। पूर्व में कतार में लगे दर्शनार्थियों को खुले आसमान के नीचे घंटों खड़े रहना पड़ता था, जिससे महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को गंभीर शारीरिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इसी कष्ट को दूर करने के लिए दर्शन मार्ग के ऊपर मजबूत ट्रस तैयार कर शेड बिछाने का निर्णय लिया गया।\n\nवेंटिलेशन और मिस्टिंग पंखों से मिलेगी भीषण गर्मी में राहत\nइस गलियारे को केवल साधारण छत देने तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि वातावरण को ठंडा और अनुकूल बनाए रखने के आधुनिक इंतजाम भी किए जा रहे हैं। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया, \"भक्ति पथ पर श्रंगार हाट से हनुमानगढ़ी तक श्रद्धालुओं की लंबी लाइन को देखते हुए उनके ऊपर ट्रस का निर्माण कराया गया है.\" गर्मी के प्रकोप से बचाने के लिए यहां पानी की फुहार छोड़ने वाले मिस्टिंग पंखे लगाए जाने की रूपरेखा बनाई गई है। इसके अतिरिक्त हवा की सुचारू आवाजाही के लिए बेहतर वेंटिलेशन प्रणाली का संयोजन किया गया है, ताकि किसी भी भक्त को घुटन या बेचैनी का अनुभव न हो।\n\nड्रेनेज और तकनीकी मजबूती पर जोर, जल्द खुलेगा गलियारा\nमानसून के दौरान जलभराव को रोकने के लिए उचित ड्रेनेज प्रणाली भी विकसित की जा रही है। नगर आयुक्त के अनुसार, इस पूरे कार्य को श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद की पिछले साल तय की गई कार्ययोजना के तहत शामिल किया गया था और परियोजना पर करीब एक साल से निर्माण चल रहा है। इलाका बेहद संकरा और श्रद्धालुओं की आवाजाही से अत्यधिक व्यस्त होने की वजह से रफ्तार पर थोड़ा असर पड़ा, मगर अब अगले 2 से 3 महीने की समयसीमा में यह पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। आरंभ में अनुमानित बजट 5 करोड़ रुपये रखा गया था, लेकिन ढांचे की स्थिरता सुनिश्चित करने हेतु तीसरे पक्ष द्वारा तकनीकी निरीक्षण कराने तथा कुछ आवश्यक संशोधनों के चलते खर्च 5 करोड़ रुपये से कुछ अधिक हो गया है। इस सुविधा से दर्शन व्यवस्था अधिक सुगम और व्यवस्थित बनेगी।\n\nइसका आप पर असर\nइस आधुनिक शेड के निर्माण से अयोध्या आने वाले दर्शनार्थियों को कतार में खड़े रहने के दौरान मौसम की मार से सीधी राहत मिलेगी।\n\n• भारत में: देश भर से अयोध्या धाम आने वाले श्रद्धालुओं को अब घंटों कतारबद्ध रहने पर चिलचिलाती धूप या मूसलाधार बारिश का सामना नहीं करना पड़ेगा। विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों के लिए यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित और सुगम बनेगी।\n• अयोध्या में: श्रंगार हाट से हनुमानगढ़ी मार्ग पर भीड़ नियंत्रण और कतार प्रबंधन अधिक सुचारू रूप से संचालित हो सकेगा। स्थानीय दुकानदारों और सुरक्षाकर्मियों को भी भीड़ के अव्यवस्थित फैलाव से मुक्ति मिलेगी।\n• आने वाले महीनों में: निर्माण कार्य 90 फीसदी पूरा होने के बाद अगले दो से तीन महीनों में यह सुविधा पूरी तरह शुरू हो जाएगी। आगामी गर्मी और बरसात के मौसम में आने वाले आगंतुक मिस्टिंग पंखों और शेड का लाभ उठा सकेंगे।\n• सुरक्षा और स्वच्छता: बेहतर जल निकासी प्रणाली से गलियारे में कीचड़ और जलभराव की समस्या नहीं पनपेगी। थर्ड पार्टी जांच के चलते तेज हवाओं और आंधी के दौरान भी यह ढांचा सुरक्षित रहेगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nहनुमानगढ़ी मंदिर मार्ग पर हर मौसम में भारी भीड़ जुटने के कारण खुले आसमान के नीचे श्रद्धालुओं को होने वाली असुविधा को खत्म करने के लिए इस शेड का निर्माण कराया गया है।\n\n• सीधा कारण: श्रंगार हाट से हनुमानगढ़ी तक त्योहारों और पर्वों पर लगने वाली लंबी कतारों में भक्तों को तेज धूप, बारिश और उमस का सामना करना पड़ता था। खुले मार्ग पर घंटों खड़े रहने से दर्शनार्थियों की तबीयत बिगड़ने का जोखिम बना रहता था।\n• प्रशासनिक योजना: श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद ने पिछले वर्ष अपनी कार्ययोजना में इस 500 मीटर लंबे शेड को शामिल किया था। लगभग एक वर्ष से इस मार्ग को आधुनिक सुविधाओं से युक्त करने का काम निरंतर जारी है।\n• लागत और देरी की वजह: शुरुआती अनुमानित बजट 5 करोड़ रुपये था, लेकिन तकनीकी मजबूती के लिए थर्ड पार्टी निरीक्षण और आवश्यक सुधारों के चलते लागत 5 करोड़ से कुछ अधिक हो गई। इलाके में दिनभर श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही के कारण निर्माण में कुछ महीनों की देरी हुई।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. हनुमानगढ़ी मार्ग पर कितने लंबे शेड का निर्माण किया जा रहा है?\nश्रंगार हाट से लेकर हनुमानगढ़ी मंदिर दर्शन मार्ग पर लगभग 500 मीटर लंबे शेड का निर्माण कराया जा रहा है।\n\n2. इस निर्माण कार्य पर कुल कितनी लागत आ रही है?\nइस पूरी परियोजना पर 5 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा रही है।\n\n3. वर्तमान में इस परियोजना का कितना काम पूरा हो चुका है?\nपरियोजना का लगभग 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है।\n\n4. गर्मी से बचाव के लिए शेड के नीचे क्या विशेष सुविधाएं होंगी?\nकतार में खड़े श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त वेंटिलेशन और ठंडी फुहार देने वाले मिस्टिंग पंखे लगाए जाएंगे।\n\n5. यह शेड श्रद्धालुओं के लिए कब तक पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा?\nनगर आयुक्त के अनुसार अगले दो से तीन महीनों में यह परियोजना पूरी तरह बनकर तैयार होने की संभावना है।",
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  "category": "उत्तर प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-09-24",
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