# स्वतंत्रता दिवस पर सहारनपुर की 50 महिलाएं तैयार कर रहीं 25 हजार राष्ट्रीय ध्वज, लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश के कई जिलों में होगी आपूर्ति

> स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सहारनपुर में 'हर घर तिरंगा अभियान 2026' के तहत स्वयं सहायता समूह की 50 महिलाएं दिन-रात सिलाई करके 25 हजार तिरंगे बना रही हैं। डूडा से मिले इस लक्ष्य में से 10 हजार झंडे तैयार हो चुके हैं।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-08-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/svatntrata-divasa-para-saharanpur-ki-50-mahilaen-taiyara-kara-rahin-25-hajara-rashtriya-dhvaja-lucknow-sahita-uttar-pradesh-ke-kai-14997 · **Language:** Hindi
**Tags:** सहारनपुर, हर घर तिरंगा अभियान, स्वतंत्रता दिवस 2026, उत्तर प्रदेश, डूडा, महिला स्वयं सहायता समूह, राष्ट्रीय ध्वज

भारत की स्वतंत्रता के 79 वर्ष पूरे होने के पावन अवसर पर 15 अगस्त को लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है। उत्तर प्रदेश के अंतिम सीमावर्ती जिले सहारनपुर में इस राष्ट्रीय पर्व को अभूतपूर्व ढंग से मनाने की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस वर्ष पूरे राज्य को तिरंगे के रंग में रंगने की योजना के तहत सहारनपुर की महिला स्वयं सहायता समूहों को बड़े पैमाने पर राष्ट्रीय ध्वज बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। यह महिलाएं दिन-रात पूरी लगन से तिरंगे तैयार कर रही हैं, जिससे उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में ध्वजारोहण के लिए झंडों की आपूर्ति की जाएगी।

## स्वयं सहायता समूह की 50 महिलाओं को मिला रोजगार
जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के माध्यम से स्थानीय प्रेरणा क्षेत्र स्तरीय समिति को कुल 25,000 राष्ट्रीय ध्वज तैयार करने का लक्ष्य सौंपा गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा करने के लिए लगभग 10 स्वयं सहायता समूहों की 50 महिलाएं लगातार कार्यरत हैं। इस अभियान ने न केवल स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों को गति दी है, बल्कि स्थानीय महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता का एक सुदृढ़ अवसर भी प्रदान किया है। महिलाएं पूरे गर्व के साथ राष्ट्रध्वज के निर्माण में जुटी हुई हैं।

## अब तक 10,000 झंडे बनकर तैयार, लखनऊ भेजे जाएंगे लाखों तिरंगे
प्रेरणा क्षेत्र स्तरीय समिति से जुड़ी पूनम यादव ने कार्य की प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अब तक 10,000 तिरंगे सिलाकर तैयार किए जा चुके हैं। बाकी बचे 15,000 झंडों को भी बहुत जल्द अंतिम रूप दे दिया जाएगा। सहारनपुर में निर्मित इन राष्ट्रीय ध्वजों का उपयोग स्थानीय नगर निगम, विभिन्न सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में किया जाएगा। इसके साथ ही, सहारनपुर से कई लाख तिरंगे तैयार करके राज्य की राजधानी लखनऊ तथा उत्तर प्रदेश के अन्य विभिन्न जिलों में भेजने की व्यापक योजना है।

## हर घर तिरंगा अभियान 2026 का व्यापक उद्देश्य
केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की संयुक्त पहल पर 'हर घर तिरंगा अभियान 2026' को व्यापक स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। इस राष्ट्रीय अभियान का मूल उद्देश्य केवल इमारतों पर तिरंगा फहराना मात्र नहीं है, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के हृदय में राष्ट्रभक्ति, आपसी भाईचारे, राष्ट्रीय एकता और तिरंगे के प्रति अगाध सम्मान की भावना को पुनः जागृत करना है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की अपील के अनुसार, हर नागरिक को अपने घर, दुकान, विद्यालय और कार्यालय में तिरंगा लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, और इसी संकल्प को साकार करने के लिए महिला समूह ताबड़तोड़ मेहनत कर रहे हैं।

## इसका आप पर असर
**पाठकों पर प्रभाव:**

- **भारत में:** नागरिक स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर अपने घरों और कार्यालयों में फहराने के लिए गुणवत्तापूर्ण राष्ट्रीय ध्वज आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
- **उत्तर प्रदेश (सहारनपुर) में:** स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों को सीधे रोजगार मिलने से ग्रामीण व शहरी आजीविका में सुधार हुआ है।

## सवाल-जवाब

### 1. सहारनपुर में महिलाओं को कितने तिरंगे बनाने का लक्ष्य मिला है?
जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) ने प्रेरणा क्षेत्र स्तरीय समिति के माध्यम से 25,000 राष्ट्रीय ध्वज बनाने का लक्ष्य दिया है।

### 2. इस अभियान में कितनी महिलाएं और कितने समूह शामिल हैं?
इस कार्य में लगभग 10 स्वयं सहायता समूहों की करीब 50 महिलाएं दिन-रात सिलाई के काम में लगी हुई हैं।

### 3. अब तक कितने राष्ट्रीय ध्वज बनकर तैयार हो चुके हैं?
पूनम यादव के अनुसार अब तक 10,000 तिरंगे तैयार किए जा चुके हैं और बाकी झंडे भी जल्द तैयार हो जाएंगे।

### 4. सहारनपुर में बने तिरंगों की आपूर्ति कहां-कहां की जाएगी?
इन झंडों का उपयोग स्थानीय नगर निगम, सरकारी दफ्तरों के अलावा लखनऊ और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में किया जाएगा।

## प्रेरणा और सबक
**प्रेरणा और सीख:**

- **सामूहिक प्रयास में शक्ति:** 50 महिलाओं ने 10 समूहों में संगठित होकर 25,000 झंडे बनाने की बड़ी चुनौती को सफलता से स्वीकार किया।
- **आत्मनिर्भरता का मार्ग:** राष्ट्रीय पर्वों के अवसरों का उपयोग करके स्थानीय स्तर पर स्थायी रोजगार और आय के साधन निर्मित किए जा सकते हैं।
- **लगन और देशसेवा का संगम:** दिन-रात काम करके महिलाओं ने साबित किया कि कड़ी मेहनत से देशभक्ति और आजीविका दोनों साथ-साथ चल सकती हैं।

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