उत्तर प्रदेश कांग्रेस दफ्तर में बवाल के बाद ममता चौधरी ने लगाए गंभीर आरोप लखनऊ में नए प्रदेश अध्यक्ष के पदभार ग्रहण के दौरान हुए हंगामे के बाद महिला कांग्रेस नेत्री ममता चौधरी ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है. उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस संगठन के भीतर भारी खींचतान खुलकर सामने आ गई है. लखनऊ के मॉल एवेन्यू स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में रविवार, 11 नवंबर 2026 को नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना के पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान जमकर हंगामा और हाथापाई हुई. इस विवाद ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की चिंताएं बढ़ा दी हैं. घटनाक्रम के केंद्र में महिला कांग्रेस की प्रमुख नेत्री ममता चौधरी आ गई हैं, जिन्होंने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और उनके समर्थकों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. दूसरी तरफ, अजय राय खेमे का दावा है कि इस पूरे मामले को नए नेतृत्व का संरक्षण प्राप्त है. ममता चौधरी की पृष्ठभूमि और घटनाक्रम ममता चौधरी उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी से लंबे समय से जुड़ी हुई हैं और पार्टी के सांगठनिक ढांचे के साथ महिला कांग्रेस की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाती रही हैं. दल के भीतर उनकी पहचान दलित और महिला अधिकारों के मुद्दों पर मुखर रहने वाली कार्यकर्ता के तौर पर रही है. रविवार को लखनऊ कार्यालय में महिला कांग्रेस की पूरी टीम नए प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत की तैयारियों में जुटी थी. ममता चौधरी भी अन्य महिला कार्यकर्ताओं के साथ अगवानी व्यवस्था संभाल रही थीं, तभी वहां विवाद की स्थिति पैदा हो गई और देखते ही देखते पार्टी मुख्यालय का माहौल पूरी तरह बिगड़ गया. हाथापाई और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप घटना के बाद मीडिया से बातचीत में ममता चौधरी ने पूरे विवाद का सिलसिलेवार ब्योरा दिया. उन्होंने कहा कि महिलाएं आराधना मिश्रा के प्रवेश के लिए रास्ता बना रही थीं, तभी पूर्व अध्यक्ष अजय राय ने अचानक पलटकर उन पर तीखी टिप्पणी की. ममता चौधरी के अनुसार, अजय राय ने चिल्लाते हुए उनसे कहा कि अपनी औकात में रहो. इसके तुरंत बाद स्थिति हिंसक हो गई और उनके समर्थकों ने बेहद आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया. ममता चौधरी ने आरोप लगाया कि पूर्व अध्यक्ष के इशारे पर उनके समर्थकों ने विश्वविद्यालय के उपद्रवी तत्वों जैसा बर्ताव किया. उनका कहना था कि हमलावर जूते-चप्पल हाथ में लेकर आगे बढ़े और महिला कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की करने लगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल दो राजनीतिक गुटों का टकराव नहीं था, बल्कि एक तरफ पुरुष समर्थक थे और दूसरी तरफ निहत्थी महिला कार्यकर्ता खड़ी थीं. विवाद को दलित उत्पीड़न से जोड़ने की बात ममता चौधरी ने इस पूरे घटनाक्रम को दलित समुदाय के अपमान से जोड़ते हुए कहा कि विरोधी खेमे की मानसिकता हमेशा से दलित विरोधी रही है और पूर्व में भी ऐसा ही बर्ताव दोहराया जाता रहा है. उन्होंने घोषणा की कि महिला कांग्रेस की पूरी विंग इस मामले को लेकर दिल्ली जाएगी और राहुल गांधी के सामने औपचारिक शिकायत दर्ज कराएगी. उनके इन बयानों के बाद यह विवाद केवल दो नेताओं के समर्थकों के बीच की गुटबाजी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसने महिला सम्मान और दलित नेतृत्व के उत्पीड़न का रूप ले लिया है. आलाकमान के सामने नई चुनौतियां पार्टी की राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय महिला नेताओं के खुलकर सामने आने के बाद राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के सामने एक जटिल संगठनात्मक संकट खड़ा हो गया है. विधानसभा चुनाव 2027 से पहले अपने ही संगठन के भीतर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और महिला कार्यकर्ताओं के बीच इस तरह की तनातनी ने राजनीतिक विरोधी भारतीय जनता पार्टी को हमला बोलने का अवसर दे दिया है. अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ममता चौधरी की शिकायत और इस अनुशासनहीनता पर पार्टी आलाकमान क्या रुख अपनाता है. इसका आप पर असर इस राजनीतिक घटनाक्रम का असर उत्तर प्रदेश के चुनावी समीकरणों और संगठनात्मक राजनीति पर साफ दिखाई देगा. • भारत में: राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के भीतर अनुशासन और महिला सुरक्षा के दावों पर सवाल उठ सकते हैं. विपक्षी दल इसे चुनावी अभियानों में आंतरिक अव्यवस्था के उदाहरण के रूप में पेश कर सकते हैं. • उत्तर प्रदेश में: राज्य में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित हो सकता है. गुटबाजी के कारण जमीनी स्तर पर चुनावी रणनीति और संगठन विस्तार की रफ्तार सुस्त पड़ने की संभावना है. • दलित और महिला कार्यकर्ताओं पर: संगठन के भीतर काम करने वाली महिला कार्यकर्ताओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर नई बहस छिड़ सकती है. शिकायत दर्ज कराने के बाद आलाकमान के फैसले पर अन्य कार्यकर्ताओं की निगाहें टिकी रहेंगी. • नेतृत्व परिवर्तन पर: नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए सभी खेमों को साथ लेकर चलना एक बड़ी संगठनात्मक चुनौती बन गया है. आने वाले दिनों में राज्य कार्यकारिणी के गठन और जिम्मेदारियों के बंटवारे में कड़ा टकराव देखने को मिल सकता है. ऐसा क्यों हुआ यह टकराव राज्य नेतृत्व में अचानक हुए बदलाव और पुराने व नए खेमों के बीच वर्चस्व की खींचतान के कारण सामने आया है. • नेतृत्व परिवर्तन: पार्टी संगठन में हाल ही में अजय राय की जगह आराधना मिश्रा मोना को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया था. पदभार ग्रहण के दिन दोनों नेताओं के समर्थकों की भारी भीड़ कार्यालय में जुटी थी, जिससे तनाव बढ़ गया. • स्वागत के दौरान अव्यवस्था: नए प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत के लिए रास्ता बनाने को लेकर महिला कार्यकर्ताओं और पूर्व अध्यक्ष के समर्थकों के बीच कहासुनी शुरू हुई. प्रत्यक्ष आरोप के अनुसार, तीखी नोकझोंक के बाद विवाद शारीरिक झड़प में बदल गया. • पुरानी गुटबाजी: दोनों खेमों के बीच लंबे समय से जारी संगठनात्मक वर्चस्व की प्रतिद्वंद्विता इस कार्यक्रम में खुलकर सामने आ गई. मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर उकसावे और राजनीतिक संरक्षण के आरोप लगाए हैं. • आगामी कदम: महिला विंग ने राहुल गांधी के समक्ष इस मामले की शिकायत रखने का ऐलान किया है. केंद्रीय नेतृत्व की ओर से रिपोर्ट तलब किए जाने और अनुशासनात्मक प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है. सवाल-जवाब 1. लखनऊ कांग्रेस कार्यालय में यह घटना कब और कहां हुई? यह घटना रविवार, 11 नवंबर 2026 को लखनऊ के मॉल एवेन्यू स्थित उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय में हुई. 2. विवाद किस मौके पर शुरू हुआ था? यह विवाद नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना के औपचारिक कार्यभार ग्रहण समारोह के दौरान हुआ. 3. ममता चौधरी ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पर क्या आरोप लगाए हैं? ममता चौधरी ने आरोप लगाया कि अजय राय ने उन पर चिल्लाते हुए अपमानजनक शब्द कहे और उनके इशारे पर समर्थकों ने महिला कार्यकर्ताओं पर हमला किया. 4. अजय राय खेमे का इस पूरे मामले पर क्या रुख है? अजय राय के खेमे का कहना है कि इस महिला नेत्री को नई प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना का समर्थन प्राप्त है. 5. ममता चौधरी इस मामले में आगे क्या कदम उठाने जा रही हैं? ममता चौधरी ने कहा है कि महिला कांग्रेस की विंग दिल्ली जाकर इस अशोभनीय व्यवहार की शिकायत राहुल गांधी से करेगी. https://trendkia.com/uttar-pradesh/up-congress-office-violence-mamta-chaudhary-levels-serious-allegations-following-lucknow-clash-46514 TrendKia — Har trend, sabse pehle.