उत्तर प्रदेश के छह संगठनात्मक क्षेत्रों में भाजपा का तीन दिवसीय मार्च, दिग्गज नेता सड़कों पर उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर भारतीय जनता पार्टी ने छह संगठनात्मक क्षेत्रों में व्यापक पदयात्रा अभियान शुरू किया है। इस कार्यक्रम के तहत शीर्ष नेता और मुख्यमंत्री विभिन्न शहरों में सीधे जनता से संवाद करेंगे। उत्तर प्रदेश में आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को धार देते हुए भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार से एक व्यापक जनसंपर्क अभियान की शुरुआत की है। इस राजनीतिक पहल का नाम लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा रखा गया है। विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक के विरोध में तैयार किए गए इस कार्यक्रम के तहत अगले तीन दिनों तक पार्टी के शीर्ष नेता, केंद्रीय मंत्री और संगठन के प्रमुख पदाधिकारी राज्य के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों में सड़कों पर उतर रहे हैं। प्रमुख शहरों में केंद्रीय मंत्रियों और नेताओं का कार्यक्रम इस तीन दिवसीय अभियान के पहले दिन मंगलवार सुबह 11 बजे राजधानी लखनऊ में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में पदयात्रा आयोजित की गई। इस रैली में स्थानीय जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। वहीं ब्रज क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बरेली में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने पदयात्रा का मोर्चा संभाला। पार्टी का यह प्रयास केवल रैलियों तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनाव पूर्व व्यापक जनसंपर्क साधने के लिए नेता संबंधित क्षेत्रों में रात्रि विश्राम भी करेंगे ताकि बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को पूरी तरह सक्रिय किया जा सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय अध्यक्ष की रैलियां अभियान के दूसरे दिन यानी बुधवार 5 नवंबर को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद गाजियाबाद में मार्च का नेतृत्व करेंगे। उसी दिन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन गोरखपुर में पदयात्रा निकालेंगे। प्रदेश में कुछ ही महीनों में चुनावी बिगुल बजने वाला है, जिसे देखते हुए संगठन ने सभी छह संगठनात्मक संभागों में अपनी पूरी शक्ति झोंक दी है। अन्य राज्यों में भी दिखा अभियान का असर उत्तर प्रदेश से पहले इस राष्ट्रव्यापी राजनीतिक अभियान की झलक अन्य राज्यों में भी देखी गई। सोमवार को गृह मंत्री अमित शाह ने हैदराबाद पहुंचकर कार्यकर्ताओं के साथ मार्च में हिस्सा लिया। इसी क्रम में बिहार के भागलपुर में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में एनडीए का विशाल मार्च निकाला गया था। इसके अलावा कोलकाता में नितिन नवीन और सीएम शुभेंदु ने संयुक्त पदयात्रा की, जबकि महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने संविधान बचाओ, अराजकता हटाओ रैली का आयोजन कर शक्ति प्रदर्शन किया। इसका आप पर असर इस तीन दिवसीय राजनीतिक अभियान से प्रदेश भर में चुनावी गतिविधियां तेज होंगी और आम नागरिकों को प्रमुख मार्गों पर यातायात बदलाव का सामना करना पड़ सकता है। • भारत में: आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राष्ट्रीय दलों के बीच राजनीतिक मुकाबला और तेज होगा। देश भर के राजनीतिक विश्लेषक इसे विपक्षी गठबंधन और एनडीए के बीच शक्ति परीक्षण के रूप में देख रहे हैं। • उत्तर प्रदेश में: लखनऊ, बरेली, गाजियाबाद और गोरखपुर जैसे बड़े शहरों में रैलियों के चलते प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रभावित हो सकता है। स्थानीय निवासियों को राजनीतिक यात्राओं के समय यात्रा योजना बनाते समय अतिरिक्त समय लेकर चलने की सलाह है। • राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए: पार्टी नेताओं के रात्रि प्रवास और बूथ बैठकों से स्थानीय कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाई जाएगी। इसके माध्यम से आगामी चुनावों के लिए मतदाता संपर्क अभियान को गति मिलेगी। • आम मतदाताओं के लिए: विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में नेताओं के सीधे संवाद से स्थानीय समस्याएं और चुनावी मुद्दे सीधे मंच पर उठाए जाएंगे। मतदाता अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और नेताओं के रुख को करीब से समझ सकेंगे। ऐसा क्यों हुआ भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक संभागों में अपनी जमीनी पकड़ मजबूत करने और विपक्षी इंडिया ब्लॉक को चुनौती देने के लिए यह पदयात्रा शुरू की है। • आगामी विधानसभा चुनाव: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव कुछ ही महीनों में होने वाले हैं। चुनाव की आधिकारिक घोषणा से पहले संगठन को निचले स्तर तक सक्रिय करना इसका मुख्य उद्देश्य है। • विपक्षी इंडिया ब्लॉक को काउंटर करना: पार्टी इस अभियान के माध्यम से विपक्ष के विमर्श का जवाब जनता के बीच जाकर सीधे देना चाहती है। इस उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख नेताओं को मैदान में उतारा गया है। • बूथ स्तर के संगठन को सक्रिय करना: पदयात्रा के दौरान वरिष्ठ नेताओं के रात्रि विश्राम और बैठकों का कार्यक्रम रखा गया है। इससे बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरने और जनसंपर्क तेज करने में मदद मिलेगी। सवाल-जवाब 1. उत्तर प्रदेश में भाजपा का कौन सा अभियान शुरू हुआ है? भाजपा ने राज्य में 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' नाम से तीन दिवसीय पदयात्रा अभियान शुरू किया है। 2. लखनऊ और बरेली में पदयात्रा का नेतृत्व किसने किया? लखनऊ में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने और बरेली में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने पदयात्रा का नेतृत्व किया। 3. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किस शहर में मार्च निकालेंगे? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार 5 नवंबर को गाजियाबाद में मार्च का नेतृत्व करेंगे। 4. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का कार्यक्रम कहां है? नितिन नवीन बुधवार को गोरखपुर में पदयात्रा निकालेंगे। 5. हाल ही में अन्य किन राज्यों में इस तरह के मार्च आयोजित किए गए? सोमवार को हैदराबाद में अमित शाह, बिहार के भागलपुर और कोलकाता में नितिन नवीन, तथा महाराष्ट्र में महायुति द्वारा रैलियां निकाली गईं। https://trendkia.com/uttar-pradesh/up-ke-chhaha-sngathanatmaka-kshetron-men-bjp-ka-tina-divasiya-marcha-diggaja-neta-sarakon-para-55383 TrendKia — Har trend, sabse pehle.