# यूपी में 22 जुलाई तक झमाझम बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग ने 62 जिलों के लिए जारी की चेतावनी

> उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर अपना उग्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है, जिसके चलते मौसम विज्ञान विभाग ने बड़े पैमाने पर अलर्ट जारी किया है। राजधानी लखनऊ और अयोध्या सहित 62 जिलों में भारी बारिश,…

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-07-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/up-men-22-julai-taka-jhamajhama-barisha-ka-alarta-mausama-vibhaga-ne-62-jilon-ke-lie-jari-ki-chetavani-8910 · **Language:** Hindi
**Tags:** उत्तर प्रदेश मौसम, यूपी मानसून, आईएमडी अलर्ट, भारी बारिश, लखनऊ का मौसम, मौसम का पूर्वानुमान, मानसून 2026

उत्तर प्रदेश के मौसम में एक बार फिर से बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पूरे राज्य में मानसूनी हवाओं ने दोबारा जोर पकड़ लिया है, जिससे बीते कुछ दिनों से लगातार तेज बौछारें पड़ रही हैं। नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र ने एक ताजा चेतावनी जारी की है। इस सूचना के मुताबिक आज भी राज्य के कई हिस्सों में बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली चमकने के साथ जोरदार बारिश होने की प्रबल संभावना है, जिसके लिए प्रशासन को पूरी तरह से सतर्क कर दिया गया है।

## बारिश के ताजा आंकड़े और प्रभावित इलाके

राजधानी लखनऊ सहित कई जिलों में बारिश का सिलसिला सप्ताहांत से ही तेज हो गया था। रविवार शाम पांच बजे तक लखनऊ शहर में पांच मिलीमीटर तक पानी बरसा। हालांकि, ग्रामीण और तराई वाले क्षेत्रों में इसका असर ज्यादा व्यापक रहा। मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों पर नजर डालें तो लखीमपुर खीरी में सबसे अधिक 65.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसी तरह बहराइच में 23.2 मिलीमीटर और सुल्तानपुर में 20.4 मिलीमीटर पानी गिरने से जनजीवन प्रभावित हुआ।

अन्य इलाकों की बात करें तो गोरखपुर में 8.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि आजमगढ़ और हरदोई में यह आंकड़ा क्रमशः 6.6 और 6.4 मिलीमीटर रहा। उरई के निवासियों को 5.4 मिलीमीटर बारिश का सामना करना पड़ा। इसके अलावा बाराबंकी में 3.8 मिलीमीटर, फुरसतगंज में 3.2 मिलीमीटर और मुरादाबाद में 3 मिलीमीटर पानी बरसा है। ये सटीक आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि बादलों का डेरा समूचे राज्य में किस कदर फैला हुआ है।

## मौसम बिगड़ने का मुख्य कारण

इस अचानक आई मौसमी तब्दीली के पीछे के वैज्ञानिक कारणों को भी स्पष्ट किया गया है। मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने स्थिति की गंभीरता को समझाया है। उनके अनुसार वर्तमान में मानसून ट्रफ लाइन काफी शक्तिशाली स्थिति में आ गई है। यह मौसमी रेखा अपनी सामान्य जगह के बेहद करीब श्रीगंगानगर से होते हुए रोहतक, हरदोई, वाराणसी और रांची के रास्ते सागर द्वीप को पार करके सीधे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक जा रही है।

विशेषज्ञों का आकलन है कि इसी मजबूत मौसमी प्रणाली के कारण आगामी चौबीस घंटों के दौरान समूचे प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा। कई जगहों पर सामान्य बौछारें पड़ेंगी तो कुछ स्थानों पर जलभराव वाली भीषण बारिश हो सकती है। इस अवधि में तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का भी भारी खतरा बना हुआ है। मौसम का यह उग्र रूप 22 जुलाई तक शांत होने की कोई उम्मीद नहीं है।

## खतरे के निशान वाले जिलों की सूची

भारी वर्षा से होने वाले नुकसान की आशंका को देखते हुए कुल 62 जिलों को अलर्ट पर रखा गया है। ऑरेंज अलर्ट के दायरे में वे इलाके हैं जहां अत्यधिक भारी वर्षा और वज्रपात का सबसे ज्यादा खौफ है। इनमें शामिल प्रमुख जिले सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद और ज्योतिबा फुले नगर हैं। इसके अलावा रामपुर, संभल, बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं, खीरी, पीलीभीत, बहराइच तथा सीतापुर में भी खतरा है। इसी सूची में बाराबंकी, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, गोरखपुर, संतकबीरनगर, अंबेडकरनगर के साथ-साथ सुल्तानपुर, अमेठी, अयोध्या और बस्ती को भी रखा गया है।

वहीं दूसरी तरफ येलो अलर्ट वाले जिलों में भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इस सूची की शुरुआत पश्चिमी और मध्य हिस्से से होती है जिसमें शामली, बागपत, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, कांशीरामनगर, फर्रुखाबाद, हरदोई, कन्नौज, उन्नाव, कानपुर और कानपुर देहात के नाम हैं। इसके अतिरिक्त बुंदेलखंड क्षेत्र के जालौन, झांसी, ललितपुर, बांदा, चित्रकूट और हमीरपुर को शामिल किया गया है। वहीं अवध और पूर्वांचल के इलाकों जैसे लखनऊ, फतेहपुर, कौशांबी, प्रयागराज, संतरविदासनगर, चंदौली, सोनभद्र, गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़, बलिया, देवरिया, जौनपुर, प्रतापगढ़, अमेठी और रायबरेली में भी नागरिकों को सतर्क रहने को कहा गया है।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** उत्तर भारत में मानसून की इस तीव्र गतिविधि के कारण उत्तर प्रदेश से गुजरने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों और माल ढुलाई में थोड़ी देरी का सामना करना पड़ सकता है।
- **उत्तर प्रदेश में:** अलर्ट पर रखे गए 62 जिलों के निवासियों को जलभराव के लिए तैयार रहना चाहिए, आकाशीय बिजली से बचने के लिए खराब मौसम में बाहर जाने से बचना चाहिए और बिजली कटौती का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

## सवाल-जवाब

### 1. उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का यह दौर कब तक चलेगा?
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, पूरे राज्य में यह खराब मौसम और भारी वर्षा का सिलसिला 22 जुलाई तक जारी रहेगा।

### 2. हाल ही में किस जिले में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है?
ताजा आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, लखीमपुर खीरी में सबसे अधिक 65.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।

### 3. इस क्षेत्र में मानसून अचानक इतना सक्रिय क्यों हो गया है?
वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मानसून ट्रफ लाइन काफी शक्तिशाली हो गई है और अपनी सामान्य स्थिति के करीब से गुजर रही है, जिससे भारी बारिश हो रही है।

### 4. चिन्हित जिलों के लिए जारी किए गए ऑरेंज अलर्ट का क्या मतलब है?
ऑरेंज अलर्ट निवासियों को अत्यधिक भारी बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने के भारी खतरे के प्रति आगाह करता है।

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