# उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले असदुद्दीन ओवैसी का तीखा रुख, कहा मुस्लिम केवल वोट बैंक नहीं बल्कि अपना राजनीतिक हक लेंगे

> उत्तर प्रदेश के चुनावी दौरे पर निकले एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि मुस्लिम समुदाय अब केवल दरी बिछाने और वोट देने तक सीमित नहीं रहेगा।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-10-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/uttar-pradesh-chunava-se-pahale-asaduddin-owaisi-ka-tikha-rukha-kaha-muslima-kevala-vota-bainka-nahin-balki-apana-rajanitika-haka--43118 · **Language:** Hindi
**Tags:** असदुद्दीन ओवैसी, उत्तर प्रदेश चुनाव, एआईएमआईएम, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, योगी आदित्यनाथ, यूपी राजनीति

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी सिलसिले में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी राज्य के विभिन्न इलाकों का दौरा कर अपनी पार्टी के लिए आधार मजबूत करने में जुटे हैं। अपने दौरे के क्रम में श्रावस्ती और लखनऊ पहुंचे ओवैसी ने विपक्षी खेमे की रणनीति पर खुलकर सवाल उठाए और साफ किया कि मुस्लिम समुदाय को अब किसी की तयशुदा सियासी जागीर नहीं माना जा सकता।

## विपक्षी दलों की मंशा पर उठाए सवाल
लखनऊ में अपनी बात रखते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के रवैये पर सीधा हमला बोला। उनका कहना था कि प्रमुख विपक्षी दल असल में यह नहीं चाहते कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में अल्पसंख्यकों को उनकी वाजिब हिस्सेदारी मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि पारंपरिक रूप से विपक्षी पार्टियां केवल यही चाहती हैं कि अल्पसंख्यक मतदाता चुनावी रैलियों में दरी बिछाएं, समर्थन में नारे लगाएं, वोट डालें और फिर चुपचाप अपने घर लौट जाएं।

## बीजेपी को रोकने के लिए एकजुटता का आह्वान
ओवैसी ने स्पष्ट किया कि बीजेपी और योगी आदित्यनाथ को सत्ता में तीसरी बार लौटने से रोकने के लिए पूरे विपक्ष को साझा मंच पर आना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि समाजवादी पार्टी अथवा कांग्रेस साथ मिलकर आगे नहीं बढ़ना चाहती हैं, तो यह पूरी तरह उनका अपना फैसला है। इसके बावजूद उन्होंने दो टूक कहा कि मुस्लिम समुदाय अब केवल एक सुरक्षित वोट बैंक बनकर नहीं रहेगा बल्कि सत्ता में अपनी ठोस हिस्सेदारी और लोकतांत्रिक हक हासिल करेगा।

## इसका आप पर असर
उत्तर प्रदेश के चुनावी परिदृश्य में अल्पसंख्यकों के प्रतिनिधित्व और राजनीतिक समीकरणों पर इस बयान का सीधा असर पड़ सकता है।

- **भारत में:** राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन के भीतर क्षेत्रीय दलों और अल्पसंख्यक केंद्रित ताकतों के बीच तालमेल की नई बहस शुरू हो सकती है। विभिन्न राज्यों में गैर-बीजेपी दलों पर अपनी रणनीतियों की समीक्षा करने का दबाव बढ़ सकता है।
- **उत्तर प्रदेश में:** राज्य में समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और एआईएमआईएम के बीच त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति में वोटों के विभाजन का खतरा बढ़ सकता है। चुनावी टिकटों के वितरण और चुनावी सभाओं में अल्पसंख्यक भागीदारी को लेकर दलों की जवाबदेही पर असर पड़ेगा।
- **मतदाताओं के लिए:** स्थानीय मतदाता अब केवल पारंपरिक वफादारी के बजाय ठोस प्रतिनिधित्व और विकास योजनाओं की मांग कर सकते हैं। राजनीतिक रैलियों में युवाओं की भागीदारी के तौर-तरीकों में भी बदलाव दिख सकता है।
- **गठबंधन की संभावनाओं पर:** चुनाव से पहले छोटे और क्षेत्रीय दलों के साथ बड़े दलों की बातचीत नए सिरे से शुरू होने के आसार बन सकते हैं। सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चाओं में दबाव की राजनीति बढ़ सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच एआईएमआईएम प्रमुख का यह आक्रामक बयान राज्य के बदलते राजनीतिक समीकरणों और विपक्षी गठबंधनों की खींचतान के चलते सामने आया है।

- **चुनावी जमीन तैयार करने की कवायद:** ओवैसी लगातार उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती और लखनऊ जैसे जिलों का दौरा कर अपनी पार्टी का जनाधार तलाश रहे हैं। ऐसे दौरों के दौरान आक्रामक तेवर दिखाकर वे समुदाय के असंतोष को सीधे आवाज देना चाहते हैं।
- **विपक्षी दलों की बेरुखी:** समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की तरफ से एआईएमआईएम को गठबंधन में शामिल करने को लेकर कोई ठोस पहल नहीं दिख रही है। इसी राजनीतिक उपेक्षा के जवाब में ओवैसी ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है।
- **प्रतिनिधित्व की पुरानी मांग:** अतीत में भी यह बहस उठती रही है कि केवल वोट बैंक बनने के बजाय अल्पसंख्यकों को संगठन और टिकट वितरण में ठोस जगह मिलनी चाहिए। ओवैसी इसी मुद्दे को केंद्र में रखकर आगामी चुनाव में अपनी पार्टी की प्रासंगिकता साबित करने की कोशिश कर रहे हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. असदुद्दीन ओवैसी उत्तर प्रदेश में किन इलाकों का दौरा कर रहे हैं?
ओवैसी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की जमीन तैयार करने के लिए लखनऊ और श्रावस्ती सहित कई इलाकों के दौरे पर हैं।

### 2. ओवैसी ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि अगर सपा और कांग्रेस साथ नहीं आना चाहतीं तो यह उनकी मर्जी है, लेकिन मुस्लिमों को केवल अपनी राजनीतिक संपत्ति समझना बंद करना होगा।

### 3. ओवैसी का 'अब्दुल दरी नहीं बिछाएगा' बयान से क्या मतलब था?
उनका आशय था कि मुस्लिम समुदाय अब केवल रैलियों में व्यवस्था करने और वोट देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अपना पूरा राजनीतिक हक हासिल करेगा।

### 4. बीजेपी और योगी आदित्यनाथ को रोकने के लिए ओवैसी ने क्या सुझाव दिया?
उन्होंने कहा कि बीजेपी और योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार सत्ता में आने से रोकने के लिए सभी विपक्षी दलों को एकजुट होना चाहिए।

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