# उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले स्वामी प्रसाद मौर्य ने राहुल गांधी से की मुलाकात, INDIA ब्लॉक में शामिल होने की घोषणा

> अपनी जनता पार्टी के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने नई दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात के बाद INDIA गठबंधन में शामिल होने का आधिकारिक ऐलान किया है।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-10-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/uttar-pradesh-chunava-se-pahale-swami-prasad-maurya-ne-rahul-gandhi-se-ki-mulakata-india-bloka-men-shamila-hone-ki-ghoshana-42328 · **Language:** Hindi
**Tags:** स्वामी प्रसाद मौर्य, राहुल गांधी, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव, अपनी जनता पार्टी, इंडिया गठबंधन, पडरौना, कुशीनगर, कांग्रेस

उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो चुकी है, जिसके बीच राज्य की राजनीति में एक नया समीकरण सामने आया है। अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने नई दिल्ली में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से अहम मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक के तुरंत बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने आधिकारिक घोषणा की कि उनका राजनीतिक दल अब राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय INDIA गठबंधन का हिस्सा बनेगा। चुनावी मैदान में संयुक्त रूप से उतरने का निर्णय लेते हुए उन्होंने साफ किया कि साझा विचारधारा और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है।

## सीट बंटवारे और साझा चुनावी एजेंडे पर रुख
राहुल गांधी के साथ हुई विस्तृत वार्ता के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने गठबंधन की आगामी प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य की चुनावी रणनीति और पार्टी कितनी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी, इन तमाम पहलुओं पर विस्तृत चर्चा बाद के चरणों में की जाएगी। इस दौरान उन्होंने गठबंधन के मुख्य राजनीतिक नारों को दोहराते हुए कहा कि उनका केंद्रीय संकल्प 'बीजेपी हटाओ, देश बचाओ' और 'संविधान बचाओ, बीजेपी हटाओ' पर केंद्रित रहेगा। मौर्य का मानना है कि वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस पार्टी ही एक प्रभावी विकल्प के रूप में मौजूद है, जिसके चलते INDIA ब्लॉक के साथ जुड़ने का यह निर्णय लिया गया है।

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## सामाजिक न्याय और साझा विचारधारा का आधार
स्वामी प्रसाद मौर्य ने जोर देकर कहा कि राहुल गांधी जिस प्रकार देशभर में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए मुखर होकर संघर्ष कर रहे हैं, ठीक उसी तरह उनकी अपनी जनता पार्टी भी उत्तर प्रदेश के भीतर इन्हीं वर्गों के उत्थान के लिए लगातार सक्रिय है। इसी वैचारिक समानता को देखते हुए दोनों पक्षों ने हाथ मिलाने का फैसला किया है। मौर्य ने संकेत दिया कि समान सोच वाले राजनीतिक दलों और नेताओं को एकजुट करने की दिशा में यह मुलाकातों का पहला चरण है। चुनावी समीकरणों और सीटों के समायोजन को लेकर आगे की योजनाएं उचित समय पर साझा की जाएंगी।

## स्वामी प्रसाद मौर्य का राजनीतिक सफर और प्रभाव क्षेत्र
राज्य की राजनीति में स्वामी प्रसाद मौर्य का लंबा और बहुआयामी करियर रहा है। वह बहुजन समाज पार्टी के कद्दावर नेताओं में गिने जाते थे, जहां वे मायावती सरकार में कैबिनेट मंत्री रहने के साथ-साथ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। बाद में बसपा का साथ छोड़कर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली थी और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली कैबिनेट में मंत्री बने। कुछ समय बाद बीजेपी से अलग होकर उन्होंने समाजवादी पार्टी का दामन थामा, लेकिन वैचारिक मतभेदों के चलते सपा छोड़कर उन्होंने अंततः अपनी जनता पार्टी का गठन कर लिया। अपने बयानों को लेकर भी वह कई बार सियासी चर्चा में रहे हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में उनका मजबूत राजनीतिक प्रभाव माना जाता है, जहां की पडरौना सीट से वह पहले भी विधायक निर्वाचित हो चुके हैं। ऐसी प्रबल संभावना जताई जा रही है कि वह इसी पडरौना विधानसभा क्षेत्र से आगामी चुनाव में फिर किस्मत आजमा सकते हैं, जिसके फरवरी और मार्च के दौरान आयोजित होने के संकेत मिल रहे हैं।

## इसका आप पर असर
इस नए राजनीतिक गठबंधन से उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों में विपक्षी समीकरणों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।

- **भारत में:** राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष के INDIA गठबंधन को क्षेत्रीय स्तर पर गैर-यादव ओबीसी राजनीति के एक परिचित चेहरे का समर्थन प्राप्त हुआ है। इससे संसद और चुनावी राज्यों में सामाजिक न्याय और जातिगत गणना के मुद्दे पर विपक्षी एकता का संदेश मजबूत होगा।
- **उत्तर प्रदेश में:** पूर्वी उत्तर प्रदेश और विशेष रूप से कुशीनगर क्षेत्र के पिछड़े वर्ग के मतदाताओं के बीच चुनावी मुकाबला अधिक त्रिकोणीय या द्विध्रुवीय हो सकता है। पडरौना और आसपास के क्षेत्रों के मतदाताओं को अब नए चुनावी समीकरण और सीट बंटवारे के आधार पर प्रत्याशी चयन का विकल्प मिलेगा।
- **मतदाताओं के लिए:** चुनावी तालमेल के बाद मतदान केंद्रों पर साझा प्रत्याशी उतरने से वोटों का बिखराव रुकने की संभावना है। स्थानीय नागरिक फरवरी-मार्च में संभावित मतदान के दौरान नए घोषणापत्र और वादों पर विचार कर सकेंगे।
- **राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए:** कांग्रेस और अपनी जनता पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं को अब बूथ स्तर पर संयुक्त रूप से प्रचार अभियान चलाना होगा। इससे दोनों दलों के संगठनात्मक तालमेल की जमीनी परीक्षा होगी।

## ऐसा क्यों हुआ
यह राजनीतिक कदम आगामी विधानसभा चुनावों से पहले विपक्षी एकता को मजबूत करने और सामाजिक न्याय के एजेंडे को आगे बढ़ाने की रणनीति का परिणाम है।

- **वैचारिक समानता:** स्वामी प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों के मुद्दों को उठाने की नीति उनकी पार्टी के मूल एजेंडे से मेल खाती है। इसी साझा विचारधारा ने दोनों नेताओं को एक साथ आने के लिए प्रेरित किया।
- **राष्ट्रीय विकल्प की आवश्यकता:** मौर्य के अनुसार राष्ट्रीय परिदृश्य में वर्तमान सरकार के सामने कांग्रेस पार्टी ही एकमात्र मजबूत विकल्प प्रस्तुत कर रही है। सत्ताधारी दल को सीधी चुनौती देने के लिए विपक्षी दलों का एकजुट होना अनिवार्य माना गया।
- **राजनीतिक यात्रा का अगला पड़ाव:** बसपा, बीजेपी और सपा जैसी प्रमुख पार्टियों से अलग होने के बाद मौर्य को अपने नवगठित दल के लिए एक मजबूत गठबंधन मंच की दरकार थी। INDIA गठबंधन से जुड़ने से उन्हें राज्य स्तर पर बड़ा राजनीतिक आधार प्राप्त होता है।

## सवाल-जवाब

### 1. स्वामी प्रसाद मौर्य ने किस नेता से मुलाकात की है?
उन्होंने नई दिल्ली में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की।

### 2. मुलाकात के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने क्या फैसला लिया?
उन्होंने घोषणा की कि उनकी पार्टी, अपनी जनता पार्टी, अब INDIA गठबंधन का हिस्सा बनेगी।

### 3. स्वामी प्रसाद मौर्य ने गठबंधन के क्या मुख्य नारे बताए?
उन्होंने 'बीजेपी हटाओ, देश बचाओ' और 'संविधान बचाओ, बीजेपी हटाओ' को गठबंधन का मुख्य लक्ष्य बताया।

### 4. क्या सीट बंटवारे को लेकर कोई अंतिम निर्णय हो चुका है?
नहीं, उन्होंने कहा कि सीटों की संख्या और आगामी रणनीति पर आगे चर्चा की जाएगी।

### 5. स्वामी प्रसाद मौर्य किस विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं?
वह कुशीनगर जिले की पडरौना सीट से पूर्व में विधायक रहे हैं और संभवतः वहीं से आगामी चुनाव लड़ सकते हैं।

### 6. उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव कब होने की संभावना है?
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव फरवरी और मार्च के महीने में कराए जा सकते हैं।

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