उत्तर प्रदेश के 45 जिलों में तैनात की गईं पीएसी की 34 अतिरिक्त कंपनियां उत्तर प्रदेश में दीपावली से छठ पूजा तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के लिए पुलिस मुख्यालय ने 45 जिलों में पीएसी की 34 अतिरिक्त कंपनियां और एक प्लाटून तैनात की है। उत्तर प्रदेश में दीपावली से लेकर छठ पूजा तक के त्योहारी सीजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से चाक-चौबंद बनाए रखने के लिए पुलिस मुख्यालय ने एक बड़ा और अहम कदम उठाया है। त्योहारों के इस लंबे दौर में बाजारों, प्रमुख धार्मिक स्थलों और तमाम सार्वजनिक जगहों पर भारी भीड़ उमड़ने की पूरी संभावना रहती है, जिसे देखते हुए प्रदेश के कुल 45 जिलों में पीएसी की 34 अतिरिक्त कंपनियां और एक प्लाटून तैनात करने का निर्देश जारी किया गया है। आखिर सरकार और पुलिस प्रशासन को इतनी भारी संख्या में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने की आवश्यकता क्यों पड़ी और इसके पीछे किस तरह की प्रशासनिक तैयारियां चल रही हैं, यह अपने आप में एक बड़ा सवाल है। त्योहारों के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज और छठ जैसे बड़े और पवित्र त्योहारों के दौरान बाजारों, मंदिरों, पूजा पंडालों और नदियों के घाटों पर आम जनता का भारी हुजूम उमड़ता है। इस दौरान कानून और व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रखना पुलिस प्रशासन के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती और जिम्मेदारी होती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों और मैदानी पुलिसकर्मियों को पूरी मुस्तैदी और सतर्कता के साथ अपनी ड्यूटी निभाने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि अधिकारी लगातार फील्ड में सक्रिय रहें और सभी संवेदनशील तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पीएसी के जवानों की तैनाती हर हाल में सुनिश्चित की जाए। विभिन्न जिलों में सुरक्षा बलों का आवंटन डीजीपी मुख्यालय के स्तर से प्रदेश के 45 जिलों के साथ-साथ जीआरपी थानों को भी अतिरिक्त पीएसी बल आवंटित किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। इन सुरक्षा बलों का मुख्य उपयोग उन सभी संवेदनशील और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा घेरा मजबूत करने के लिए किया जाएगा जहाँ किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका हो सकती है। राजधानी लखनऊ, अलीगढ़ और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों में पीएसी की दो-दो कंपनियां तैनात की गई हैं। वहीं दूसरी ओर कानपुर, प्रयागराज, मेरठ, बरेली, गोरखपुर, आजमगढ़ और मुजफ्फरनगर जिलों में पीएसी की एक-एक कंपनी भेजी गई है। इसके अलावा आगरा और सहारनपुर में पीएसी की एक-एक प्लाटून को तैनात किया गया है और बाकी अन्य जिलों में भी स्थानीय जरूरतों के हिसाब से अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया है। बाजारों से लेकर घाटों तक रहेगी पैनी नजर इन अतिरिक्त पीएसी बलों का दायरा मुख्य बाजारों, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों, पूजा पंडालों, पवित्र घाटों, सार्वजनिक परिवहन अड्डों और अन्य तमाम महत्वपूर्ण सार्वजनिक जगहों तक फैला होगा। इन सभी स्थानों पर सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ-साथ नियमित रूप से फुट पेट्रोलिंग यानी पैदल गश्त भी कराई जाएगी, ताकि असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा सके। इस पूरी कवायद का मुख्य मकसद त्योहारी सीजन के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा का पुख्ता माहौल बनाए रखना और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल की पर्याप्त उपलब्धता को हर समय सुनिश्चित करना है। अयोध्या में दीपोत्सव के लिए विशेष व्यवस्था आगामी दीपोत्सव-2026 के भव्य आयोजन को पूरी तरह से सुरक्षित और शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए अयोध्या नगरी में भारी संख्या में अतिरिक्त पुलिस अधिकारियों और जवानों का कड़ा पहरा बैठाया गया है। मेला क्षेत्र और पूरे शहर की सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए यहां सात अपर पुलिस अधीक्षक यानी एएसपी, 20 क्षेत्राधिकारी यानी सीओ और 27 निरीक्षकों की तैनाती की गई है। इसके अलावा सुरक्षा और कानून व्यवस्था को संभालने के लिए 70 उपनिरीक्षक, 14 महिला उपनिरीक्षक, 300 मुख्य आरक्षी और आरक्षियों के साथ-साथ 25 महिला आरक्षियों की भी विशेष ड्यूटी लगाई गई है। अयोध्या में केवल पीएसी ही नहीं, बल्कि त्वरित कार्रवाई बल यानी आरएएफ, आतंकवाद निरोधक दस्ता यानी एटीएस, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड यानी एनएसजी और आपदा मोचन बल यानी एसडीआरएफ की विशेष टीमों को भी पूरी तरह से मुस्तैद किया गया है। चित्रकूट में दीपावली अमावस्या पर सुरक्षा का पहरा धार्मिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण स्थल चित्रकूट में भी दीपावली अमावस्या के अवसर पर जुटने वाली भारी भीड़ और मेलों के मद्देनजर सुरक्षा के अभूतपूर्व और अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं। इस पावन अवसर पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यहां पीएसी की तीन कंपनियों के साथ-साथ फ्लड रेस्क्यू टीम की दो प्लाटून भी तैनात की गई हैं। इसके अलावा यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने और जाम की समस्या से निपटने के लिए दो सीओ, चार यातायात उपनिरीक्षक और 40 मुख्य तथा आरक्षी स्तर के जवानों को विशेष रूप से तैनात किया गया है। किसी भी आपात या संदिग्ध स्थिति से निपटने के लिए चित्रकूट में बम निरोधक दस्ता यानी बीडीएस और एसडीआरएफ की एक-एक अतिरिक्त टीम को भी तैनात किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पुलिसकर्मियों के अवकाश पर रोक का आदेश त्योहारों के इस पूरे संवेदनशील दौर में सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए, इसके लिए पुलिस विभाग के सभी कर्मियों की छुट्टियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। डीजीपी राजीव कृष्ण ने एक आधिकारिक आदेश जारी करते हुए 17 नवंबर तक सभी पुलिसकर्मियों के अवकाश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि, यदि किसी पुलिसकर्मी के सामने कोई बेहद गंभीर या विशेष परिस्थिति आती है, तो संबंधित सक्षम अधिकारी की विशेष अनुमति के बाद ही उसे छुट्टी प्रदान की जा सकती है। इससे पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी आगामी त्योहारों के मद्देनजर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों तथा कर्मचारियों के सभी प्रकार के अवकाश तुरंत प्रभाव से निरस्त करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। कुल मिलाकर देखा जाए तो अतिरिक्त पीएसी बलों की यह तैनाती, अयोध्या और चित्रकूट जैसे बड़े धार्मिक केंद्रों पर की गई विशेष पुलिस व्यवस्था और पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द करने का यह पूरा प्रशासनिक निर्णय प्रदेश भर में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को पूरी तरह से चाक-चौबंद रखने की एक सोची-समझी तैयारी का अहम हिस्सा है। इसका आप पर असर उत्तर प्रदेश में त्योहारी सीजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए जाने का सीधा असर आम नागरिकों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर पड़ेगा। • उत्तर प्रदेश में: राज्य के 45 जिलों में अतिरिक्त पीएसी और पुलिस बलों की तैनाती से बाजारों, मंदिरों और घाटों पर खरीदारी और दर्शन करने आने वाले आम लोगों को अधिक सुरक्षा महसूस होगी और भीड़भाड़ वाले इलाकों में आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगेगी। • अयोध्या और चित्रकूट में: दीपोत्सव और दीपावली अमावस्या के दौरान इन धार्मिक नगरों में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए यातायात प्रबंधन बेहतर होगा और विशेष सुरक्षा घेरे के कारण भीड़ नियंत्रण में आसानी रहेगी। • पुलिस विभाग पर: 17 नवंबर तक पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द किए जाने से सुरक्षा व्यवस्था तो मजबूत होगी, लेकिन त्योहारी सीजन में पुलिस कर्मियों को अपने परिवारों से दूर ड्यूटी पर तैनात रहना पड़ेगा। • याचिका और आवागमन पर: प्रमुख मार्गों और बाजारों में अतिरिक्त पुलिस बल तथा यातायात कर्मियों की मौजूदगी से वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी और जाम की समस्या कम होगी। • संवेदनशील क्षेत्रों में: संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में नियमित रूप से होने वाली फुट पेट्रोलिंग से स्थानीय निवासियों और दुकानदारों को असामाजिक तत्वों से सुरक्षा मिलेगी। ऐसा क्यों हुआ उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा राज्यभर में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने का मुख्य कारण त्योहारी सीजन के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ और उससे जुड़े संभावित सुरक्षा जोखिम हैं। धनतेरस से लेकर छठ पूजा तक लाखों लोग सार्वजनिक स्थलों पर जुटते हैं, जिसके कारण कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए प्राथमिकता बन जाता है। • त्योहारी भीड़ का दबाव: दीपावली, धनतेरस और छठ जैसे बड़े आयोजनों के दौरान बाजारों, मंदिरों और घाटों पर अचानक भारी भीड़ बढ़ने से सुरक्षा व्यवस्था के समक्ष गंभीर चुनौतियां उत्पन्न होती हैं। • संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा: पुलिस मुख्यालय ने संभावित व्यवधानों को रोकने और भीड़भाड़ वाले तथा संवेदनशील इलाकों में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्व तैयारी के रूप में यह बल आवंटित किया है। • विशिष्ट आयोजनों की आवश्यकता: अयोध्या में दीपोत्सव-2026 और चित्रकूट में दीपावली अमावस्या जैसे बड़े आयोजनों में देश-विदेश से भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण विशेष सुरक्षा घेरे की आवश्यकता होती है। • प्रशासनिक निर्देश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिए गए स्पष्ट निर्देशों के पालन में पुलिस प्रशासन ने किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक से बचने के लिए यह व्यापक कदम उठाया है। सवाल-जवाब 1. उत्तर प्रदेश के कितने जिलों में अतिरिक्त पीएसी तैनात की गई है? उत्तर प्रदेश के 45 जिलों में पीएसी की 34 अतिरिक्त कंपनियां और एक प्लाटून तैनात की गई है। 2. पुलिसकर्मियों की छुट्टियां कब तक रद्द की गई हैं? त्योहारों के मद्देनजर पुलिसकर्मियों की छुट्टियां 17 नवंबर तक रद्द कर दी गई हैं। 3. लखनऊ, अलीगढ़ और वाराणसी में कितनी पीएसी कंपनियां तैनात हैं? इन तीनों प्रमुख शहरों में पीएसी की दो-दो कंपनियां तैनात की गई हैं। 4. अयोध्या में दीपोत्सव के लिए कितने पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है? अयोध्या में सात एएसपी, 20 सीओ और 27 निरीक्षक तैनात किए गए हैं। 5. चित्रकूट में सुरक्षा के लिए क्या विशेष इंतजाम किए गए हैं? चित्रकूट में तीन कंपनी पीएसी, दो प्लाटून फ्लड रेस्क्यू टीम और बम निरोधक दस्ता तैनात किया गया है। 6. यह अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था किस अवधि तक के लिए है? यह अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था दीपावली से लेकर छठ पूजा तक के त्योहारी सीजन के लिए लागू की गई है। https://trendkia.com/uttar-pradesh/uttar-pradesh-ke-45-jilon-mein-tainat-ki-gain-pac-ki-34-atirikt-kampaniyan-57054 TrendKia — Har trend, sabse pehle.