उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में डीजे बजाने पर कांवड़ियों का बड़ा हंगामा, कोतवाल ने किया इस्तीफे का ऐलान और प्रशासनिक अफसरों की माफी के बाद सुलझा मामला कन्नौज में गौरीशंकर मंदिर जा रहे कांवड़ियों को शहर के भीतर डीजे ले जाने से रोकने पर पुलिस के साथ तीखी बहस और धक्का मुक्की हो गई। रात भर चले विरोध प्रदर्शन के बाद एडीएम के माफी मांगने और कोतवाल के इस्तीफे के ऐलान पर गतिरोध समाप्त हुआ। उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में देर रात कांवड़ियों और स्थानीय पुलिस प्रशासन के बीच साउंड सिस्टम यानी डीजे ले जाने को लेकर भारी विवाद उत्पन्न हो गया। हरदोई जिले के बिलग्राम तथा आसपास के क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालुओं के जत्थे को जब पुलिस ने शहर की सीमा के भीतर डीजे बजाने से रोका, तो स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। देखते ही देखते यह बहस तीखी झड़प में बदल गई और दोनों पक्षों के बीच धक्का मुक्की शुरू हो गई। विवाद से नाराज कांवड़ियों ने सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया और पूरे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया। तीन दशक पुरानी परंपरा और गौरीशंकर मंदिर की कांवड़ यात्रा हरदोई जिले के बिलग्राम और उसके निकटवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों से पिछले 30 वर्षों से लगातार श्रद्धालु कन्नौज स्थित प्रसिद्ध सिद्ध पीठ गौरीशंकर मंदिर में पवित्र गंगाजल अर्पित करने के लिए आते हैं। इस वार्षिक धार्मिक यात्रा के दौरान कन्नौज के बोर्डिंग ग्राउंड में कांवड़ियों के विश्राम, खान पान तथा सेवा सत्कार की व्यापक तैयारियां की जाती हैं। शुक्रवार को भी हजारों की संख्या में कांवड़िया गाजे बाजे और डीजे के साथ अपनी यात्रा पर निकले थे। परंपरा के अनुसार कांवड़िया भजन कीर्तन करते हुए मंदिर की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन शहर में प्रवेश करते ही पुलिसकर्मियों ने तेज आवाज में डीजे ले जाने पर आपत्ति दर्ज करा दी। सड़क पर बैठकर धरना और प्रशासन का बैकफुट पर आना पुलिस द्वारा डीजे रोके जाने के फैसले से श्रद्धालुओं का गुस्सा भड़क उठा। श्रद्धालुओं का तर्क था कि वे वर्षों से इसी व्यवस्था के तहत अपनी धार्मिक यात्रा निकालते आ रहे हैं। बहस बढ़ने के बाद पुलिस अधिकारियों और कांवड़ियों के बीच हाथापाई जैसी स्थिति पैदा हो गई। पुलिस के रवैये से क्षुब्ध होकर हजारों श्रद्धालुओं ने मुख्य मार्ग पर धरना दे दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। देर रात हुए इस हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। स्थिति को बिगड़ता देख वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और उग्र श्रद्धालुओं को शांत कराने के प्रयास शुरू किए। एडीएम देवेंद्र की माफी और कोतवाल जितेंद्र का इस्तीफे का ऐलान मामले की गंभीरता और श्रद्धालुओं के आक्रोश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को अंततः बैकफुट पर आना पड़ा। मौके पर मौजूद एडीएम देवेंद्र ने कांवड़िया संगठन के प्रमुख प्रतिनिधियों से बातचीत की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एडीएम देवेंद्र ने हाथ जोड़कर पुलिस द्वारा की गई अभद्रता और गलती के लिए श्रद्धालुओं से सार्वजानिक रूप से माफी मांगी। इसी बीच, कांवड़ियों के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोपी कोतवाल जितेंद्र मैदान में एकत्रित जनसमूह के सामने आए। उन्होंने गर्म माहौल के बीच ऐलान कर दिया कि वह अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। कोतवाल द्वारा भरी सभा में इस्तीफे की घोषणा करते ही कांवड़ियों को संतोष मिला और उन्होंने अपना धरना समाप्त करने का निर्णय लिया। शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी में शांत हुआ विवाद घटनास्थल पर स्थिति की समीक्षा करने के लिए जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री और पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार भी पहुंचे। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने कांवड़ यात्रा के आयोजकों और स्थानीय नागरिकों से विस्तृत बातचीत की तथा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रशासन द्वारा डीजे को शहर के अंदर ले जाने की अनुमति प्रदान करने के पश्चात ही यह गतिरोध पूरी तरह से समाप्त हो सका। इसके बाद श्रद्धालु शांतिपूर्ण ढंग से गौरीशंकर मंदिर की ओर रवाना हो गए और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया। इसका आप पर असर भारत में: कांवड़ यात्रा के दौरान स्थानीय प्रशासन और श्रद्धालुओं के बीच समन्वय की आवश्यकता और डीजे नियंत्रण नियमों के क्रियान्वयन पर चर्चा तेज़ हो सकती है। कन्नौज में: कन्नौज और हरदोई के बीच यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के विरोध प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ, लेकिन स्थिति नियंत्रण में आने से दर्शन व्यवस्था पुनः सामान्य हो गई। सवाल-जवाब 1. कांवड़ियों और पुलिस के बीच विवाद किस बात को लेकर हुआ? कन्नौज शहर के भीतर तेज आवाज में डीजे ले जाने पर पुलिस द्वारा लगाई गई रोक के कारण कांवड़ियों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी झड़प हुई। 2. यह कांवड़ यात्रा कहां से कहां जा रही थी? यह कांवड़ यात्रा हरदोई जिले के बिलग्राम क्षेत्र से कन्नौज स्थित सिद्ध पीठ गौरीशंकर मंदिर में पवित्र गंगाजल अर्पित करने जा रही थी। 3. विवाद को सुलझाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने क्या कदम उठाया? एडीएम देवेंद्र ने कांवड़ियों से हाथ जोड़कर माफी मांगी और आरोपी कोतवाल जितेंद्र ने भरी सभा में अपने इस्तीफे की घोषणा की। 4. मामले को नियंत्रित करने के लिए कौन-कौन से वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे? स्थिति को सामान्य बनाने के लिए जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री और पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मौके पर पहुंचे और आयोजकों से बातचीत की। https://trendkia.com/uttar-pradesh/uttar-pradesh-ke-kannauj-jile-men-dj-bajane-para-kanwariyas-ka-bara-hngama-inspector-jitendra-ne-kiya-istiphe-ka-ailana-aura-admin-19919 TrendKia — Har trend, sabse pehle.