# उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक ही परिवार के तीन सगे भाइयों की आत्महत्या से सनसनी, छह महीने में हुई मौतें

> कानपुर के वाजिदपुर इलाके में छह महीने के भीतर एक ही परिवार के तीन सगे भाइयों की मौत से हड़कंप मच गया है। इन त्रासद घटनाओं के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग शाम ढलते ही अपने घरों के दरवाजे बंद करने लगे हैं।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-10-13 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/uttar-pradesh-ke-kanpur-mein-ek-hi-parivar-ke-teen-sago-bhaiyon-ki-atmhatya-47267 · **Language:** Hindi
**Tags:** कानपुर, उत्तर प्रदेश, आत्महत्या, वाजिदपुर, अपराध समाचार

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में एक बेहद दुखद और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां वाजिदपुर इलाके में रहने वाले एक ही परिवार के तीन सगे भाइयों ने महज छह महीने के अंतराल में अपनी जान गंवा दी। इन लगातार हुई मौतों के बाद से न केवल पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है, बल्कि पूरे मोहल्ले में भी डर और सन्नाटे का माहौल छा गया है। आसपास रहने वाले लोगों के मन में इन घटनाओं को लेकर कई तरह की आशंकाएं और सवाल पैदा हो रहे हैं। परिवार के इन तीनों युवाओं की आत्महत्या के पीछे की ठोस वजह अभी तक सामने नहीं आ सकी है।

## सपनों में बुलाने की बातें और बढ़ता डर
इस परिवार में मौतों के इस सिलसिले के दौरान कई अजीबोगरीब बातें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों और परिजनों के अनुसार, इनमें से कुछ भाइयों ने मरने से पहले यह जिक्र किया था कि उनके मृत भाई उन्हें सपनों में अपने पास बुला रहे हैं। सबसे बड़े भाई विकास निषाद की मौत 10 जुलाई को हुई थी, जिसने घर की दूसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। बताया जाता है कि विकास अपनी बहन और पड़ोसियों से अक्सर यह कहता था कि उसके दोनों भाई उसे बुला रहे हैं और वह उनके पास चला जाएगा। उसने यह भी कहा था कि चाहे उसका कितना भी इलाज करा लिया जाए, वह नहीं बचेगा।

## एक के बाद एक तीन भाइयों की दर्दनाक मौत
परिवार पर मुसीबतों का यह पहाड़ अचानक नहीं टूटा, बल्कि छह महीने के भीतर एक-एक कर तीनों भाइयों की जान चली गई। विकास से पहले उसके दो छोटे भाइयों की भी मौत हो चुकी थी। परिवार के सबसे छोटे बेटे गोविंद ने फांसी लगाकर अपनी जान दी थी, जबकि उससे बड़े भाई अमन ने पहली मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। गोविंद की मौत के बाद अमन ने भी घरवालों से यही कहा था कि गोविंद उसे अपने पास बुला रहा है। इन दोनों वारदातों के बाद जब सबसे बड़े भाई विकास की भी इसी तरह की परिस्थिति में मौत हुई, तो पूरा परिवार अंदर से पूरी तरह टूट गया।

## झाड़-फूंक और इलाज की कोशिशें रहीं बेअसर
परिजनों ने तीनों भाइयों के इस अजीब व्यवहार और मानसिक स्थिति को सुधारने के लिए अपनी तरफ से हरसंभव प्रयास किए थे। पड़ोसियों का कहना है कि भाइयों की ऐसी बातें सुनने के बाद परिवार ने उनका डॉक्टरों से इलाज भी कराया और घरेलू स्तर पर झाड़-फूंक का सहारा भी लिया गया। घरवालों को पूरी उम्मीद थी कि समय के साथ हालात सुधर जाएंगे और उनके बच्चे सामान्य जीवन जीने लगेंगे, लेकिन सारी कोशिशें धरी की धरी रह गईं और छह महीने के भीतर तीनों भाइयों की मौत ने सबको झकझोर कर रख दिया।

## वाजिदपुर इलाके में सहमे हुए लोग और बदलते हालात
इन लगातार तीन मौतों ने वाजिदपुर के स्थानीय निवासियों के दैनिक जीवन को पूरी तरह बदल दिया है। इस भयानक हादसे के बाद से लोगों में एक अज्ञात भय बैठ गया है। पड़ोसियों का कहना है कि पहले लोग देर शाम तक अपने घरों के बाहर गलियों में बैठकर बातचीत किया करते थे, लेकिन अब स्थिति बिल्कुल अलग है। लोग शाम सात बजते ही अपने घरों के दरवाजे अंदर से बंद कर लेते हैं। यदि कोई रात के समय दरवाजे की कुंडी भी खटखटा देता है, तो अंदर बैठे लोगों के मन में डर समा जाता है। दिन के उजाले में ही लोग राम शंकर के घर के बाहर एकत्र होकर इस दुखद घटना के बारे में चर्चा करते नजर आते हैं।

## इसका आप पर असर
यह घटना स्थानीय स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सामाजिक सुरक्षा के गंभीर पहलुओं को रेखांकित करती है।

- **भारत में:** मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं और ऐसे मामलों में समय रहते पेशेवर मदद लेने की आवश्यकता पूरे देश में महसूस की जाती है। इस तरह की घटनाएं परिवारों और समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी साबित होती हैं।
- **कानपुर में:** वाजिदपुर और आसपास के इलाकों में रहने वाले स्थानीय लोगों के बीच सुरक्षा और भय का माहौल बन गया है, जिससे लोग शाम ढलते ही अपने घरों में रहने को मजबूर हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
इन मौतों के पीछे के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है, और मामले की जांच जारी है।

- **मानसिक तनाव:** परिवार के भीतर लगातार हुई मौतों और एक के बाद एक भाइयों द्वारा उठाए गए चरम कदमों के पीछे गहरे मानसिक तनाव की आशंका जताई जा रही है।
- **अंधविश्वास और चर्चाएं:** भाइयों द्वारा सपनों में मृत परिजनों के बुलाने की बातों ने इलाके में भूत-प्रेत और अलौकिक कारणों से जुड़ी चर्चाओं को हवा दे दी है, हालांकि पुलिस जांच ही सही तथ्यों को सामने ला पाएगी।

## सवाल-जवाब

### 1. यह घटना कहाँ हुई है?
यह घटना उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के वाजिदपुर इलाके में हुई है।

### 2. कितने भाइयों की मौत हुई है?
छह महीने के भीतर एक ही परिवार के तीन सगे भाइयों की मौत हुई है।

### 3. सबसे बड़े भाई विकास की मौत कब और कैसे हुई थी?
विकास की मौत 10 जुलाई को घर की दूसरी मंजिल से कूदकर हुई थी।

### 4. बाकी दो भाइयों की मौत कैसे हुई थी?
छोटे भाई गोविंद ने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी, जबकि अमन ने पहली मंजिल से कूदकर जान दी थी।

### 5. परिजनों ने भाइयों की स्थिति सुधारने के लिए क्या किया था?
परिवार ने डॉक्टरों से इलाज कराने के साथ-साथ झाड़-फूंक भी कराई थी।

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