उत्तर प्रदेश के न्यू टूंडला स्टेशन पर मालगाड़ी क्रू बदलने को लेकर हिंसक झड़प, तीन जख्मी उत्तर प्रदेश के न्यू टूंडला रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी के क्रू परिवर्तन को लेकर डिप्टी एसएस और लोको पायलट के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया, जिससे तीन लोग घायल हो गए और रेल संचालन 20 मिनट ठप रहा। उत्तर प्रदेश के टूंडला स्थित न्यू रेलवे स्टेशन (DFCCIL) परिसर में मालगाड़ी के क्रू बदलने की व्यवस्था को लेकर हुआ सामान्य प्रशासनिक विवाद अचानक हिंसक टकराव में बदल गया। स्टेशन पर तैनात डिप्टी एसएस और लोको पायलट के बीच शुरू हुई तीखी कहासुनी कुछ ही पलों में कर्मचारियों के दोनों गुटों के बीच हाथापाई और मारपीट का रूप ले बैठी। स्टेशन परिसर में अचानक भड़के इस हंगामे के कारण तीन लोग चोटिल हुए हैं। घटना के दौरान मौके का वीडियो रिकॉर्ड कर रहे एक संविदा कर्मचारी पर पत्थर से वार किया गया, जिससे उसका सिर लहूलुहान हो गया। इस गंभीर व्यवधान के चलते स्टेशन पर ट्रेनों की आवाजाही लगभग 20 मिनट तक पूरी तरह प्रभावित रही। मालगाड़ी के क्रू परिवर्तन पर शुरू हुआ विवाद न्यू टूंडला रेलवे स्टेशन (DFCCIL) पर एक मालगाड़ी के संचालन दल यानी क्रू को बदले जाने को लेकर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों में बातचीत चल रही थी। इसी दौरान ड्यूटी पर मौजूद डिप्टी एसएस और लोको पायलट के बीच किसी बात को लेकर असहमति पैदा हो गई। दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई तीखी बहस जल्द ही नियंत्रण से बाहर हो गई और दोनों तरफ के अन्य रेलकर्मी भी आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते बात गाली-गलौज से आगे बढ़कर मारपीट और हाथापाई तक पहुंच गई, जिससे ड्यूटी पर मौजूद अन्य कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। वीडियो बना रहे संविदा कर्मी पर पथराव स्टेशन परिसर में जब मारपीट और हंगामा चल रहा था, तब वहां मौजूद एक संविदा कर्मचारी अपने मोबाइल से इस घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड करने लगा। आरोप है कि वीडियो बनता देख उपद्रव कर रहे लोगों ने उस पर पत्थर से हमला कर दिया। पत्थर सीधे उसके सिर पर लगा, जिससे उसका सिर फट गया और काफी खून बहने लगा। इस पूरे संघर्ष में कुल तीन लोगों के जख्मी होने की पुष्टि हुई है। हालांकि घायल हुए कर्मचारियों की विस्तृत पहचान और उनकी चिकित्सकीय स्थिति को लेकर अभी विस्तृत ब्योरा प्रतीक्षित है। बीस मिनट तक ठप रहा रेल संचालन कर्मचारियों के आपसी संघर्ष और स्टेशन पर मची अफरातफरी का सीधा असर परिचालन व्यवस्था पर पड़ा। हंगामे और तनावपूर्ण माहौल के कारण न्यू टूंडला स्टेशन पर रेल संचालन करीब 20 मिनट तक बाधित रहा, जिससे मालगाड़ियों की आवाजाही थम गई। हालात बिगड़ने की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय थाना पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। RPF के कंपनी कमांडर ने मामले की विभागीय जांच शुरू करने की बात कही है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि लिखित शिकायत या तहरीर प्राप्त होते ही कानूनी नियमों के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी अब विवाद के मुख्य कारणों, मारपीट में शामिल लोगों की भूमिका और घायल संविदा कर्मचारी पर हमले की गहन पड़ताल कर रहे हैं। इसका आप पर असर रेलवे स्टेशन पर कर्मचारियों के बीच हुए इस हिंसक टकराव से मालगाड़ी संचालन में रुकावट आई और स्टेशन परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर असर पड़ा। • भारत में: मालगाड़ियों के संचालन में रुकावट आने से समर्पित फ्रेट कॉरिडोर पर माल ढुलाई की समयबद्धता प्रभावित होती है। परिचालन से जुड़े कर्मचारियों के ऐसे विवाद मालगाड़ियों के सुगम आवागमन में बाधा बनते हैं। • उत्तर प्रदेश में: न्यू टूंडला जंक्शन के आसपास मालगाड़ी मार्ग पर 20 मिनट के लिए परिचालन रुक गया। स्थानीय पुलिस और आरपीएफ की जांच पूरी होने तक स्टेशन पर प्रशासनिक सतर्कता बढ़ा दी गई है। • संविदा कर्मियों की सुरक्षा: घटनास्थलों पर वीडियो रिकॉर्डिंग या ड्यूटी करने वाले अस्थाई कर्मियों पर हमलों से कार्यस्थल की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ जाती हैं। ऐसे मामलों में रेलवे प्रशासन द्वारा सख्त सुरक्षा दिशा-निर्देश लागू किए जाने की जरूरत रहती है। • रेल कर्मचारियों के लिए: ड्यूटी के दौरान क्रू परिवर्तन और समय सारिणी को लेकर आपसी विवादों से अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई का जोखिम रहता है। आरपीएफ और स्थानीय पुलिस द्वारा मामले की जांच से दोषी कर्मियों पर प्रशासनिक गाज गिर सकती है। ऐसा क्यों हुआ यह घटना न्यू टूंडला रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी के क्रू बदलाव की प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक असहमति और तनावपूर्ण बातचीत के कारण घटी। • क्रू बदलने पर मतभेद: मालगाड़ी के क्रू परिवर्तन के दौरान डिप्टी एसएस और लोको पायलट के बीच नियमों या कार्यभार को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई थी। इस प्राथमिक विवाद का त्वरित समाधान न होने से दोनों पक्षों के कर्मचारी आमने-सामने आ गए। • गुटबाजी और मारपीट: कहासुनी के तुरंत बाद स्टेशन पर मौजूद दोनों तरफ के अन्य रेलकर्मी भी विवाद में कूद पड़े। इससे सामान्य बातचीत ने उग्र हाथापाई और पत्थरबाजी का रूप ले लिया। • सबूत छिपाने की कोशिश: विवाद को मोबाइल में रिकॉर्ड कर रहे संविदा कर्मचारी पर पत्थर से हमला किया गया ताकि घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग रोकी जा सके। • जांच जारी: आरपीएफ और स्थानीय पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद की शुरुआत किस पक्ष की ओर से हुई थी और क्या इसके पीछे पहले से कोई तनाव था। सवाल-जवाब 1. न्यू टूंडला स्टेशन पर विवाद की मुख्य वजह क्या थी? न्यू टूंडला स्टेशन (DFCCIL) पर एक मालगाड़ी के क्रू को बदलने को लेकर डिप्टी एसएस और लोको पायलट के बीच विवाद शुरू हुआ था। 2. इस झड़प में कुल कितने लोग घायल हुए हैं? इस हिंसक झड़प में कुल तीन लोग घायल हुए हैं, जिनमें सिर पर पत्थर लगने से लहूलुहान हुआ एक संविदा कर्मचारी भी शामिल है। 3. संविदा कर्मचारी पर हमला क्यों किया गया? संविदा कर्मचारी विवाद और मारपीट का वीडियो बना रहा था, जिसके चलते उस पर पत्थर से हमला किया गया। 4. इस घटना के कारण रेल परिचालन कितनी देर तक बाधित रहा? हंगामे और बिगड़े हालात के चलते न्यू टूंडला स्टेशन पर रेल संचालन करीब 20 मिनट तक प्रभावित रहा। 5. मामले में पुलिस और रेलवे प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं? आरपीएफ के कंपनी कमांडर ने मामले की जांच शुरू कर दी है, वहीं स्थानीय पुलिस ने लिखित शिकायत मिलने पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। https://trendkia.com/uttar-pradesh/uttar-pradesh-ke-new-tundla-steshana-para-malagari-kru-badalane-ko-lekara-hinsaka-jharapa-tina-jakhmi-46285 TrendKia — Har trend, sabse pehle.