उत्तर प्रदेश के युवाओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश, पांच करोड़ घरों पर तिरंगा फहराने के साथ दी राष्ट्रनिर्माण की प्रेरणा उत्तर प्रदेश में पांच करोड़ घरों पर तिरंगा फहराने के महा-अभियान की सफलता पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक विशेष पाती लिखी है, जिसमें उन्होंने युवा शक्ति को राज्य की सबसे बड़ी पूंजी बताया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के नागरिकों और विशेषकर युवा वर्ग को संबोधित करते हुए एक विशेष खुला पत्र (पाती) जारी किया है। इस पत्र में उन्होंने राज्य भर में आयोजित 'हर घर तिरंगा' अभियान की सफलता का उल्लेख करते हुए युवाओं को राष्ट्रनिर्माण और आत्मनिर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, अनुशासन और संकल्प ही विकसित उत्तर प्रदेश के सपने को साकार करने का आधार हैं। पाँच करोड़ घरों पर फहरा तिरंगा, अभियान की पूर्णाहुति पर बधाई मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश के पांच करोड़ घरों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराने के विशाल अभियान की सफलता के साथ पूर्णाहुति हो गई है। उन्होंने इस महा-अभियान में पूरे उत्साह और उमंग के साथ हिस्सा लेने वाले सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जब उत्तर प्रदेश का नया सामर्थ्य विभिन्न क्षेत्रों में हासिल की गई उपलब्धियों के रूप में सामने आता है, तो पूरा प्रदेश गौरवान्वित महसूस करता है। युवा शहीदों के बलिदान और ऐतिहासिक महापुरुषों से सीख योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में देश के स्वतंत्रता संग्राम का स्मरण किया। उन्होंने लिखा कि जब संकल्प का कोई विकल्प नहीं बचता, तभी असंभव लगने वाले लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं। स्वतंत्रता दिवस हमें उन अमर बलिदानियों की याद दिलाता है जिन्होंने हंसते-हंसते देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। बाबू बंधू सिंह, खुदीराम बोस, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, ठाकुर रोशन सिंह और पंडित राम प्रसाद 'बिस्मिल' जैसे वीर सपूतों ने अपनी छोटी उम्र में ही राष्ट्र सेवा के लिए सर्वस्व अर्पण कर दिया था। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने भारतीय इतिहास के महान आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक नायकों का उदाहरण भी प्रस्तुत किया। उन्होंने उल्लेख किया कि आदि शंकराचार्य ने अत्यंत अल्पायु में ही पूरे भारत की आध्यात्मिक चेतना को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया था। वहीं स्वामी विवेकानंद ने भी अपनी युवावस्था में ही भारत के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संदेश को वैश्विक मंचों तक पहुँचाया। इन महान विभूतियों का जीवन यह सीख देता है कि आयु भले ही छोटी हो, लेकिन व्यक्ति का संकल्प और सामर्थ्य हमेशा बड़ा होना चाहिए। 26 वर्ष की आयु में संसद प्रवेश से लेकर 9.5 वर्षों का रिपोर्ट कार्ड अपने व्यक्तिगत जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि जब वे महज 26 साल की अवस्था में पहली बार लोकसभा के सदस्य निर्वाचित हुए थे, तभी से उन्होंने सार्वजनिक जीवन और राष्ट्रसेवा का व्रत धारण किया। तब से लेकर आज तक जनसेवा और राष्ट्रहित ही उनके लिए सर्वोच्च आदर्श रहे हैं। प्रदेश सरकार के प्रयासों की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि विगत साढ़े 9 सालों के दौरान शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार तथा खेलकूद के क्षेत्रों में युवाओं के लिए ढेरों नए अवसर सृजित किए गए हैं। उन्होंने राज्य के किशोरों और युवाओं से आग्रह किया कि वे इन अवसरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपनी क्षमताओं को निखारें। योग, समरसता और तिरंगे के मूल्यों को अपनाने का आह्वान मुख्यमंत्री ने युवा शक्ति से अपने व्यक्तिगत संकल्पों को राष्ट्रनिर्माण के बड़े लक्ष्यों के साथ जोड़ने की अपील की। उन्होंने शारीरिक और मानसिक सुदृढ़ता के लिए नियमित योग और व्यायाम को दैनिक जीवन की दिनचर्या में शामिल करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को तिरंगे के मूल आदर्शों जैसे शौर्य, शांति और समृद्धि को अपने जीवन में उतारना चाहिए। इसके अतिरिक्त, समाज में जाति-पाति के भेदभाव से ऊपर उठकर सामाजिक समरसता और एकता के मार्ग पर चलने की आवश्यकता पर बल दिया गया, क्योंकि यह युवा शक्ति ही उत्तर प्रदेश की वास्तविक और सबसे बड़ी पूंजी है। इसका आप पर असर भारत में: 'हर घर तिरंगा' जैसे अभियानों के माध्यम से देश भर में नागरिक कर्तव्यों और देशभक्ति की भावना को बल मिलता है। उत्तर प्रदेश में: राज्य के युवाओं के लिए पिछले 9.5 सालों में शुरू की गई शिक्षा, कौशल विकास, खेल और स्वरोजगार की योजनाओं का लाभ उठाने का अवसर सुलभ हो रहा है। सवाल-जवाब 1. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पाती में क्या मुख्य संदेश दिया है? उन्होंने युवाओं से आत्मनिर्माण और राष्ट्रनिर्माण का दायित्व संभालने की अपील की है और युवा शक्ति को उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी बताया है। 2. उत्तर प्रदेश में 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत कितने घरों पर तिरंगा फहराया गया? उत्तर प्रदेश में पांच करोड़ घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य हासिल कर इस महा-अभियान की पूर्णाहुति की गई है। 3. सीएम योगी आदित्यनाथ पहली बार किस उम्र में सांसद चुने गए थे? योगी आदित्यनाथ 26 साल की उम्र में पहली बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। 4. पत्र में युवाओं को प्रेरणा देने के लिए किन ऐतिहासिक विभूतियों का जिक्र किया गया है? पत्र में स्वतंत्रता सेनानियों बाबू बंधू सिंह, खुदीराम बोस, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, ठाकुर रोशन सिंह, राम प्रसाद 'बिस्मिल' तथा आदि शंकराचार्य और स्वामी विवेकानंद का उल्लेख किया गया है। 5. पिछले 9.5 सालों में प्रदेश सरकार ने युवाओं के लिए किन क्षेत्रों में अवसर बनाए हैं? सरकार ने शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार और खेलकूद के क्षेत्रों में व्यापक अवसर उपलब्ध कराए हैं। प्रेरणा और सबक प्रेरणा एवं सीख: • संकल्प की शक्ति: जब इरादा पक्का हो और कोई विकल्प न हो, तो असंभव लगने वाले लक्ष्य भी हासिल हो जाते हैं। • उम्र की कोई सीमा नहीं: आदि शंकराचार्य और स्वामी विवेकानंद जैसे उदाहरण दिखाते हैं कि बड़ी उपलब्धियों के लिए उम्र नहीं, बल्कि बड़े विचार और सामर्थ्य जरूरी हैं। • अनुशासन और स्वास्थ्य: जीवन में सफलता और ऊर्जा बनाए रखने के लिए नियमित योग और व्यायाम को अपनाना आवश्यक है। • सामाजिक समरसता: जाति-पाति के बंधनों से ऊपर उठकर एकता का मार्ग चुनना ही समाज और राष्ट्र की वास्तविक प्रगति की कुंजी है। https://trendkia.com/uttar-pradesh/uttar-pradesh-ke-yuvaon-ko-mukhyamntri-yogi-adityanath-ka-sndesha-pancha-karora-gharon-para-tirnga-phaharane-ke-satha-di-rashtrani-17499 TrendKia — Har trend, sabse pehle.