उत्तर प्रदेश में 26 सितंबर तक मूसलाधार बारिश का अलर्ट, मुख्यमंत्री योगी ने 24 घंटे में मुआवजा बांटने का दिया फरमान उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 24 से 26 सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक अधिकारियों को सीधे मैदान में उतरकर राहत कार्य संभालने और नुकसान का 24 घंटे के भीतर आकलन कर सहायता राशि देने के निर्देश दिए हैं। बंगाल की खाड़ी में आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटवर्ती इलाकों के पास बने गहरे दबाव के क्षेत्र के असर से उत्तर प्रदेश के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम विभाग ने राज्य में अगले तीन दिनों तक व्यापक स्तर पर बादलों के गरजने और मूसलाधार बारिश होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। अनुमान के मुताबिक 24 सितंबर से 26 सितंबर के दौरान प्रदेश के अनेक जनपदों में तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। इस मौसमी बदलाव और गंभीर चेतावनी को देखते हुए शासन स्तर पर पूरी तरह चौकसी बढ़ा दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन और प्रशासन के तमाम आला अधिकारियों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। मैदान में उतरकर हालात का जायजा लेंगे वरिष्ठ अधिकारी बारिश के चलते शहरों और ग्रामीण इलाकों में जलभराव, नदियों का जलस्तर बढ़ने और बुनियादी ढांचे पर असर पड़ने की आशंका है। इसी वजह से मुख्यमंत्री ने सभी वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को दफ्तरों से निकलकर सीधे फील्ड में तैनात रहने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावित बस्तियों और संवेदनशील ग्रामीण इलाकों में अधिकारी व्यक्तिगत रूप से निगरानी रखें। जहां कहीं भी जलभराव अथवा रास्तों के बंद होने की सूचना मिले, वहां तत्काल राहत और बचाव दल सक्रिय होकर नागरिकों की कठिनाइयों को दूर करें। राज्य सरकार ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि आपदा के समय किसी भी स्तर पर तालमेल की कमी न रहे और जरूरतमंदों तक तुरंत मदद पहुंचे। नुकसान का 24 घंटे में सर्वे कर सीधे परिवारों को मिले मुआवजा मौसम के बिगड़े मिजाज के बीच जान-माल के खतरे को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया गया है। मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक आपदा, आकाशीय बिजली गिरने अथवा बारिश जनित हादसों के कारण हुई जनहानि, पशुहानि और मकानों के नुकसान का विशेष संज्ञान लिया है। उन्होंने जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रभावित परिवारों को किसी भी हाल में लंबा इंतजार न करना पड़े। हर प्रकार के नुकसान का ब्योरा चौबीस घंटे के भीतर तैयार किया जाए और नियमों के मुताबिक निर्धारित आर्थिक मुआवजा तुरंत पीड़ित परिजनों के बैंक खातों में पहुंचाया जाए। किसी भी स्तर पर सहायता वितरण में हीलाहवाली न हो, इसके लिए जवाबदेही तय की जा रही है। संवेदनशील इलाकों में संसाधनों की तैनाती और लोगों से सावधानी की अपील आपदा प्रबंधन तंत्र को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में पंपिंग सेट, नावें और आवश्यक राहत सामग्री पहले से ही जुटा ली गई है। प्रशासनिक मशीनरी को निर्देश दिया गया है कि भारी बारिश के दौरान स्थानीय स्तर पर जीवन रक्षक संसाधनों की कोई किल्लत नहीं आनी चाहिए। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित आश्रय स्थलों तक ले जाने की पूरी तैयारी रखी गई है। इसके साथ ही आम जनमानस से भी खराब मौसम के मद्देनजर अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई है। लोगों को सलाह दी गई है कि तेज आंधी, बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली कड़कने के दौरान बिना किसी जरूरी काम के पक्के घरों से बाहर न निकलें। विशेष रूप से नदियों, नालों, तालाबों और जलाशयों के पास जाने या उनमें नहाने से पूरी तरह बचने को कहा गया है, ताकि किसी अप्रिय हादसे से बचा जा सके। इसका आप पर असर उत्तर प्रदेश में अगले तीन दिन तक मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली की आशंका के चलते आम लोगों के दैनिक कामकाज, परिवहन और सुरक्षा पर सीधा असर पड़ेगा। • उत्तर प्रदेश में: संवेदनशील जिलों में 24 से 26 सितंबर के दौरान भारी बारिश से जलभराव और आवागमन बाधित होने की संभावना है। निचले इलाकों में रहने वाले लोग सतर्क रहें और बिना जरूरी काम के घरों से बाहर निकलने से बचें। • किसानों और पशुपालकों पर: आकाशीय बिजली और बारिश से पशुधन व फसलों के नुकसान का खतरा बढ़ गया है। किसी भी तरह का नुकसान होने पर तुरंत स्थानीय लेखपाल या तहसील प्रशासन को सूचना दें ताकि 24 घंटे के अंदर राहत मिल सके। • मुआवजे के नियम: बारिश या बिजली गिरने से हुए जान-माल के नुकसान का सरकारी स्तर पर 24 घंटे में सर्वे किया जाएगा। प्रभावित परिवार आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें ताकि तय नियमों के तहत सहायता राशि सीधे मिल सके। • सुरक्षा और सावधानियां: खराब मौसम के दौरान उफनती नदियों, तालाबों या जलभराव वाले जलाशयों में जाने और नहाने पर पूर्ण रोक की सलाह दी गई है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिजली के खंभों तथा जर्जर ढांचों से उचित दूरी बनाकर रखें। ऐसा क्यों हुआ मौसम विभाग के अनुसार यह मौसमी बदलाव आंध्र प्रदेश और ओडिशा के समुद्र तटीय इलाकों के समीप बने डीप डिप्रेशन के कारण पैदा हुआ है। • मौसम का मुख्य कारण: बंगाल की खाड़ी के पास आंध्र प्रदेश और ओडिशा क्षेत्र में एक डीप डिप्रेशन (गहरा दबाव क्षेत्र) सक्रिय हुआ है। इसी मौसमी प्रणाली की नमी वाली हवाएं उत्तर भारत की ओर बढ़ रही हैं जिससे उत्तर प्रदेश के ऊपर बादलों का जमावड़ा बना है। • मौसम की स्थिति: यह मौसमी सिस्टम 24 से 26 सितंबर तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुक कर भारी से बहुत भारी बारिश कराएगा। इसके साथ ही कई इलाकों में तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। • आगे क्या होगा: प्रशासन ने संभावित नुकसान और आपदा से निपटने के लिए संवेदनशील जगहों पर राहत दल तैयार रखे हैं। अगले तीन दिनों के बाद दबाव प्रणाली के कमजोर पड़ने के साथ बारिश की तीव्रता में कमी आने की उम्मीद है। सवाल-जवाब 1. उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट कब से कब तक है? मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 24 सितंबर से 26 सितंबर के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। 2. राज्य में अचानक भारी बारिश की क्या वजह है? आंध्र प्रदेश और ओडिशा के आसपास बने सक्रिय डीप डिप्रेशन के असर के चलते उत्तर प्रदेश में मौसम बदला है और भारी बारिश हो रही है। 3. बारिश और बिजली गिरने से हुए नुकसान पर मुआवजा कब तक मिलेगा? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर नुकसान का आकलन कर नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। 4. प्रशासनिक अधिकारियों को क्या सख्त निर्देश दिए गए हैं? सभी वरिष्ठ अधिकारियों को दफ्तर छोड़कर फील्ड में उतरने, प्रभावित इलाकों पर नजर रखने और बिना किसी लापरवाही के तुरंत राहत पहुंचाने का आदेश दिया गया है। 5. खराब मौसम को देखते हुए आम जनता से क्या अपील की गई है? लोगों को आकाशीय बिजली और भारी बारिश के समय बेवजह घर से बाहर न निकलने और नदियों तथा जलाशयों में नहाने से बचने की सलाह दी गई है। 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