# उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से बाहर रहे 1.27 करोड़ पात्र नागरिकों को जोड़ने के लिए शुरू होगा व्यापक पंजीकरण अभियान

> उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद छूटे 1.27 करोड़ मतदाताओं को विधानसभा मतदाता सूची में शामिल करने के लिए निर्वाचन आयोग राशन दुकानों, पंचायत रिकॉर्ड और जमीनी कार्यकर्ताओं की मदद से अभियान चलाएगा।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-11-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/uttar-pradesh-men-matadata-suchi-se-bahara-rahe-1-27-karora-patra-nagarikon-ko-jorane-ke-lie-shuru-hoga-vyapaka-pnjikarana-abhiyan-56622 · **Language:** Hindi
**Tags:** उत्तर प्रदेश, मतदाता सूची, चुनाव आयोग, नवदीप रिणवा, विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण, फॉर्म 6, पंचायत चुनाव, वोटर आईडी

उत्तर प्रदेश के भीतर चुनावी नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद एक बड़ा आंकड़ा सामने आया है, जिसके तहत करीब 1 करोड़ 27 लाख ऐसे पात्र नागरिक पाए गए हैं जिनका नाम वर्तमान विधानसभा मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो सका है। इस कमी को दूर करने और प्रत्येक योग्य व्यक्ति को मताधिकार का अधिकार दिलाने के उद्देश्य से राज्य निर्वाचन तंत्र एक व्यापक पंजीकरण मुहिम की शुरुआत करने जा रहा है। इस पूरी कवायद का प्रमुख केंद्र बिंदु राज्य के नए युवा और महिला नागरिकों को मतदाता सूची में उचित प्रतिनिधित्व दिलाना तय किया गया है।

राज्य में सामने आए आंकड़ों का विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट होता है कि छूटे हुए लोगों में दो बड़े वर्ग शामिल हैं। इनमें लगभग 55 लाख ऐसे नागरिक हैं जो विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ निरंतर ले रहे हैं, परंतु उनका नाम विधानसभा वोटर लिस्ट से नदारद है। इसके अतिरिक्त करीब 66 लाख ऐसे नागरिक पाए गए हैं जिनके नाम पंचायत चुनावों की वोटर लिस्ट में तो विधिवत दर्ज हैं, लेकिन एसआईआर के पश्चात तैयार की गई अंतिम विधानसभा मतदाता सूची में वे स्थान नहीं पा सके। इन सभी विसंगतियों को दुरुस्त करने के लिए 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर आगामी विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2027 के अंतर्गत यह पूरा अभियान संचालित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को विस्तृत दिशा निर्देश प्रेषित कर दिए हैं, ताकि अलग-अलग सरकारी महकमों का समन्वित सहयोग लेकर छूटे हुए नागरिकों का नाम सूची में जोड़ा जा सके।

## स्थानीय निकाय और पंचायत सूचियों का विधानसभा नामावली से गहन मिलान
अभियान के मुख्य चरण में प्रशासनिक स्तर पर डेटा मिलान का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा गया है। इसके तहत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मौजूदा मतदाता सूची का ग्राम पंचायत और शहरी स्थानीय निकायों की मतदाता सूचियों के साथ सघन मिलान कराया जाएगा। इस तुलनात्मक परीक्षण से ऐसे सभी पात्र नागरिकों की तत्काल पहचान संभव हो सकेगी जिनके नाम पंचायत या नगर निकाय की सूची में तो मौजूद हैं, किंतु वे विधानसभा सूची में छूट गए हैं।

पहचान स्थापित होने के उपरांत ऐसे सभी नागरिकों से फॉर्म 6 भरवाया जाएगा ताकि उनका पंजीकरण सुनिश्चित किया जा सके। इसके साथ ही प्रशासनिक तंत्र पूरी सतर्कता से यह भी जांचेगा कि संबंधित नागरिक का नाम देश के किसी अन्य हिस्से या किसी अन्य विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में पूर्व से पंजीकृत न हो, जिससे किसी भी तरह के दोहरे या अवैध नामांकन की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।

## राशन वितरण केंद्रों के जरिए होगी अपंजीकृत वयस्कों की खोज
कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े नागरिकों तक सीधी पहुंच बनाने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली का उपयोग किया जाएगा। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों और राशन कार्ड डेटाबेस की सहायता से छूटे हुए मतदाताओं को चिह्नित किया जाएगा। इसके तहत राशन कार्ड में दर्ज 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के ऐसे सभी सदस्यों का विवरण निकाला जाएगा जिनका नाम मौजूदा विधानसभा मतदाता सूची में दर्ज नहीं है।

उचित दर दुकानों के माध्यम से ऐसे सभी पात्र वयस्कों को चिन्हित करने के बाद उनसे मौके पर ही अथवा विशेष शिविरों के माध्यम से फॉर्म 6 भरवाकर मतदाता के रूप में पंजीकरण की औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। इससे सरकारी योजनाओं के 55 लाख असंबद्ध लाभार्थियों को मतदाता सूची में आसानी से शामिल किया जा सकेगा।

## शिक्षण संस्थानों और युवा संगठनों के माध्यम से 18 से 19 वर्ष के युवाओं पर नजर
लोकतंत्र में नए मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं के पंजीकरण पर विशेष रणनीति तैयार की गई है। इस दिशा में माध्यमिक विद्यालयों, उच्च शिक्षण संस्थानों और कॉलेजों में पूर्व से स्थापित मतदाता साक्षरता क्लबों को पूरी सक्रियता के साथ जमीनी स्तर पर उतारा जाएगा।

कक्षा 9 और उससे ऊपर की कक्षाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों में से 18 से 19 वर्ष की पात्रता पूरी करने वाले छात्र-छात्राओं की पहचान की जाएगी और उनका नाम निर्वाचक नामावली में शामिल कराया जाएगा। इस महत्वपूर्ण कार्य में तेजी लाने के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), नेहरू युवा केंद्र, युवक मंगल दल तथा भारत स्काउट्स एंड गाइड्स जैसे प्रमुख युवा संगठनों का भी सक्रिय सहयोग लिया जाएगा।

## महिला मतदाताओं के असंतुलन को पाटने के लिए जमीनी कार्यकर्ताओं का घर-घर दौरा
मतदाता सूची के विश्लेषण में यह तथ्य भी उजागर हुआ है कि पुरुष मतदाताओं की तुलना में महिला मतदाताओं का अनुपात असामान्य रूप से कम बना हुआ है। इस लैंगिक अंतर को समाप्त करने के लिए महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अमले को सीधे तौर पर इस अभियान से जोड़ा गया है।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां, आशा कार्यकर्ता और एएनएम अपने दैनिक कार्यक्षेत्र में घर-घर भ्रमण के दौरान ऐसी सभी अपंजीकृत महिलाओं को चिह्नित करेंगी जिनका नाम वर्तमान मतदाता सूची में दर्ज नहीं है। इसके अलावा ग्रामीण अंचलों में गठित महिला स्वयं सहायता समूहों और उनकी समूह सखियों के नेटवर्क का उपयोग कर प्रत्येक पात्र ग्रामीण महिला से फॉर्म 6 भरवाकर मतदाता सूची में उनका नाम दर्ज कराया जाएगा।

## इसका आप पर असर
उत्तर प्रदेश के उन 1.27 करोड़ नागरिकों के लिए यह अभियान सीधे तौर पर मताधिकार हासिल करने का अवसर है जिनके नाम अब तक विधानसभा वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो सके हैं।

- **उत्तर प्रदेश में:** यदि आप उत्तर प्रदेश में राशन कार्ड धारक हैं या पंचायत चुनाव में मतदान करते रहे हैं, तो तुरंत विधानसभा वोटर लिस्ट में अपना नाम जांचें। नाम गायब होने की स्थिति में आप नजदीकी राशन दुकान, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या बीएलओ के माध्यम से फॉर्म 6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं।
- **18 से 19 वर्ष के युवाओं के लिए:** कॉलेज या स्कूल में पढ़ रहे युवा जो 1 जनवरी 2027 तक 18 वर्ष के हो रहे हैं, वे शिक्षण संस्थानों के इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के जरिए आसानी से पंजीकरण करवा सकते हैं। इसके लिए अलग से दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी और स्कूल-कॉलेज स्तर पर ही प्रक्रिया पूरी होगी।
- **महिला मतदाताओं के लिए:** घर-घर आने वाली आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के जरिए ग्रामीण एवं शहरी महिलाएं घर बैठे मतदाता सूची में नाम जुड़वा सकेंगी। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं समूह सखियों की मदद लेकर मौके पर ही फॉर्म 6 भर सकती हैं।
- **अन्य राज्यों के पाठकों के लिए:** यदि आप किसी अन्य राज्य से उत्तर प्रदेश में स्थानांतरित हुए हैं, तो यह सुनिश्चित करें कि आपका नाम दो स्थानों पर दर्ज न हो। दोहरा नाम पाए जाने पर कानूनी अड़चन आ सकती है, इसलिए केवल अपने वर्तमान स्थायी पते से ही आवेदन करें।

## ऐसा क्यों हुआ
यह स्थिति तब उत्पन्न हुई जब उत्तर प्रदेश में एसआईआर के बाद पंचायत सूची और सरकारी कल्याणकारी डेटाबेस का विधानसभा मतदाता सूची से अंतर सामने आया। विभिन्न सूचियों के बीच समन्वय की कमी के चलते लाखों पात्र नागरिक मुख्य चुनावी धारा से बाहर रह गए।

- **सूचियों का आपसी समन्वय न होना:** पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट और विधानसभा चुनाव की निर्वाचक नामावली अलग-अलग प्रक्रियाओं से तैयार होती हैं। इस प्रशासनिक अंतर के कारण लगभग 66 लाख नागरिक पंचायत सूची में तो दर्ज रहे लेकिन विधानसभा सूची में शामिल नहीं हो पाए।
- **कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों का अपंजीकृत होना:** राशन कार्ड और सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे 55 लाख नागरिकों का डेटाबेस सीधे तौर पर निर्वाचन नामावली से स्वतः नहीं जुड़ता है। इस वजह से वे सरकारी रिकॉर्ड में पात्र होते हुए भी मतदाता सूची में स्वतः शामिल होने से वंचित रह गए।
- **लैंगिक अनुपात का अंतर:** ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में जागरूकता की कमी और औपचारिकताएं पूरी न हो पाने के कारण महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों की तुलना में लगातार असंतुलित बनी रही। इसे सुधारने के लिए स्वास्थ्य और बाल विकास विभाग के जमीनी कार्यकर्ताओं को शामिल करना आवश्यक हुआ।

## सवाल-जवाब

### 1. उत्तर प्रदेश में विधानसभा वोटर लिस्ट से कितने लोग छूटे हुए पाए गए हैं?
विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद लगभग 1 करोड़ 27 लाख ऐसे पात्र नागरिक पाए गए हैं जिनका नाम विधानसभा मतदाता सूची में नहीं है।

### 2. छूटे हुए मतदाताओं में किन श्रेणियों के लोग शामिल हैं?
इनमें 55 लाख सरकारी योजनाओं के लाभार्थी हैं और 66 लाख ऐसे नागरिक हैं जिनका नाम पंचायत वोटर लिस्ट में दर्ज है लेकिन विधानसभा सूची में नहीं है।

### 3. यह विशेष पंजीकरण अभियान किस अर्हता तिथि के आधार पर चलाया जाएगा?
यह अभियान 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर आयोजित होने वाले विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2027 के तहत चलाया जाएगा।

### 4. वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए नागरिकों से कौन सा फॉर्म भरवाया जाएगा?
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए सभी पात्र नागरिकों से फॉर्म 6 भरवाया जाएगा।

### 5. राशन की दुकानों का उपयोग इस अभियान में कैसे किया जाएगा?
सस्ते गल्ले की दुकानों और राशन कार्ड डेटा की मदद से 18 वर्ष से ऊपर के ऐसे पात्र लोगों को खोजा जाएगा जिनका नाम विधानसभा सूची में नहीं है।

### 6. युवा मतदाताओं को जोड़ने के लिए किन संगठनों की सहायता ली जाएगी?
युवाओं को जोड़ने के लिए स्कूलों में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के साथ एनएसएस, एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र, युवक मंगल दल और स्काउट्स की मदद ली जाएगी।

### 7. महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ाने की जिम्मेदारी किन कार्यकर्ताओं को दी गई है?
घर-घर संपर्क कर महिलाओं के नाम जुड़वाने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों, आशा, एएनएम और स्वयं सहायता समूह की समूह सखियों का सहयोग लिया जाएगा।

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