उत्तर प्रदेश में सपा को झटका, बागी विधायक राकेश, अभय और विनोद 14 अक्टूबर को भाजपा में होंगे शामिल समाजवादी पार्टी से बगावत कर राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले तीन प्रमुख विधायक 14 अक्टूबर को अमेठी में आयोजित समारोह में औपचारिक तौर पर भाजपा का दामन थामेंगे। उत्तर प्रदेश की सियासत में समाजवादी पार्टी के खेमे में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि पार्टी के तीन बागी विधायक अब आधिकारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी का हिस्सा बनने जा रहे हैं। अमेठी के गौरीगंज में 14 अक्टूबर को एक विशाल राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जहाँ ये तीनों नेता औपचारिक तौर पर सत्ताधारी दल का दामन थामेंगे। इस सूची में राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी शामिल हैं। इन तीनों विधायकों ने बीते राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी लाइन के विपरीत जाकर क्रॉस वोटिंग की थी, जिसके बाद से ही उनके पाला बदलने की अटकलें लगाई जा रही थीं। गौरीगंज के सियासी मंच पर होगा भव्य आयोजन अमेठी का गौरीगंज कस्बा इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम का गवाह बनने जा रहा है। 14 अक्टूबर को आयोजित होने वाले इस मिलन समारोह में भाजपा के कई प्रमुख चेहरे मंच साझा करेंगे। कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और राज्य सरकार के कई मंत्रियों की मौजूदगी तय की गई है। इस समारोह के जरिए भाजपा अवध और बुंदेलखंड के इलाकों में विपक्षी दल को बड़ा राजनीतिक संदेश देने की तैयारी में है। गौरीगंज से तीसरी बार के विधायक राकेश प्रताप सिंह राकेश प्रताप सिंह अमेठी जिले की गौरीगंज सदर विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनका इस इलाके में मजबूत सियासी आधार माना जाता है। वह इस निर्वाचन क्षेत्र से लगातार तीसरी बार विधानसभा पहुंचे हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट पर मैदान में उतरे राकेश प्रताप सिंह ने 79,040 मत हासिल किए थे। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा प्रत्याशी चंद्र प्रकाश मिश्रा को शिकस्त दी थी, जिन्हें 72,077 वोट मिले थे। इस कड़े मुकाबले में राकेश ने 6,963 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी। कालपी सीट पर दो बार से काबिज विनोद चतुर्वेदी बुंदेलखंड के जालौन जिले की कालपी विधानसभा सीट से विधायक विनोद चतुर्वेदी भी भगवा दल का रुख कर रहे हैं। वह कालपी से लगातार दो बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। साल 2022 के चुनावी दंगल में उनका मुकाबला निषाद पार्टी के उम्मीदवार छोटे सिंह से हुआ था, जो भाजपा के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रहे थे। इस बेहद करीबी और रोमांचक मुकाबले में विनोद चतुर्वेदी ने 69,782 मत हासिल किए थे, जबकि छोटे सिंह के खाते में 66,966 वोट आए थे। अंततः विनोद चतुर्वेदी ने 2,816 वोटों के अंतर से इस सीट पर विजय हासिल की थी। गोसाईंगंज में अभय सिंह का राजनीतिक प्रभाव अयोध्या जिले की गोसाईंगंज विधानसभा सीट साल 2008 में हुए परिसीमन के बाद वजूद में आई थी। इस सीट के पिछले तीन चुनावों का इतिहास देखें तो मुख्य मुकाबला हमेशा अभय सिंह और इंद्र प्रताप उर्फ खब्बू तिवारी के परिवार के इर्द-गिर्द सिमटा रहा है। वर्ष 2022 के आम चुनाव में सपा उम्मीदवार के रूप में उतरे अभय सिंह ने खब्बू तिवारी की पत्नी आरती तिवारी को पराजित किया था। उस चुनाव में अभय सिंह को 1,05,863 वोट मिले थे, जबकि आरती तिवारी 92,784 वोटों पर सिमट गई थीं। इस तरह अभय सिंह ने 13,079 मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। विपक्षी दावों पर सियासी तंज हाल के दिनों में समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा राज्य की सभी 403 सीटों को लेकर किए जा रहे दावों पर सत्ता पक्ष लगातार निशाना साध रहा है। इसी क्रम में मंत्री ओपी राजभर ने अखिलेश यादव के बयानों पर कटाक्ष करते हुए तंज कसा था कि उनके सारे दावे पूरी तरह बेअसर साबित हो चुके हैं। तीन प्रभावी विधायकों का पाला बदलना विपक्षी रणनीति के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। इसका आप पर असर सपा के तीन प्रमुख विधायकों का भाजपा में जाना उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय राजनीतिक संतुलन और स्थानीय मतदाताओं के समीकरणों को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा। • भारत में: राष्ट्रीय स्तर पर यह घटनाक्रम विपक्षी गठबंधन की आंतरिक एकजुटता पर सवाल खड़े करता है। इससे संसद और राज्यसभा जैसे उच्च सदनों में दलीय संतुलन साधने की रणनीति में बदलाव देखने को मिल सकता है। • उत्तर प्रदेश में: अमेठी, अयोध्या और जालौन जिलों के स्थानीय मतदाताओं के लिए उनके चुने हुए प्रतिनिधियों का दल बदलना जमीनी प्रशासनिक समीकरणों को बदलेगा। इन तीनों विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों को अब नए राजनीतिक गठजोड़ के अनुसार काम करना होगा। • राजनीतिक समीकरण: आगामी चुनावों से पहले दलबदल की यह प्रक्रिया अन्य असंतुष्ट नेताओं के लिए भी नए रास्ते खोल सकती है। इससे क्षेत्रीय स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच सांगठनिक फेरबदल की गति तेज होगी। • स्थानीय विकास कार्य: सत्ताधारी दल में शामिल होने से इन विधायकों के अपने-अपने क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं की प्राथमिकताओं में बदलाव आ सकता है। स्थानीय जनता को अब अपने क्षेत्रीय प्रतिनिधियों से नए वादों और प्राथमिकताओं की उम्मीद रहेगी। ऐसा क्यों हुआ यह राजनीतिक घटनाक्रम राज्यसभा चुनाव में शुरू हुई बगावत और आगामी चुनावी रणनीतियों के तहत दोनों पक्षों के परस्पर नफा-नुकसान से प्रेरित है। • राज्यसभा में क्रॉस वोटिंग: इन तीनों विधायकों ने पहले हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हुए क्रॉस वोटिंग की थी। पार्टी नेतृत्व के साथ उसी समय पैदा हुई दूरी ने इनके औपचारिक दलबदल का रास्ता तय कर दिया था। • क्षेत्रीय प्रभाव की तलाश: भाजपा अवध और बुंदेलखंड के इलाकों में अपने सामाजिक और क्षेत्रीय जनाधार को और ज्यादा मजबूत करना चाहती है। तीन बार और दो बार के इन अनुभवी विधायकों को शामिल करने से पार्टी को संबंधित सीटों पर सीधा लाभ मिलता दिखता है। • सत्ता पक्ष का राजनीतिक दबाव: राज्य के मंत्री ओपी राजभर जैसे गठबंधन नेताओं के बयानों से स्पष्ट है कि सत्ता पक्ष विपक्ष के मनोबल को तोड़ने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रहा है। इससे विपक्षी विधायकों के लिए दल में बने रहकर भविष्य की राह तलाशना मुश्किल हो रहा था। सवाल-जवाब 1. सपा के कौन से तीन बागी विधायक भाजपा में शामिल हो रहे हैं? राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी भाजपा में शामिल होने जा रहे हैं। 2. यह जॉइनिंग कार्यक्रम कब और कहाँ आयोजित होगा? यह कार्यक्रम 14 अक्टूबर को अमेठी जिले के गौरीगंज में आयोजित किया जाएगा। 3. इस समारोह में भाजपा के कौन से प्रमुख नेता शामिल होंगे? समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और कई अन्य मंत्री मौजूद रहेंगे। 4. इन विधायकों ने कब बगावत की थी? इन तीनों विधायकों ने पिछले राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर क्रॉस वोटिंग की थी। 5. राकेश प्रताप सिंह किस विधानसभा सीट से विधायक हैं? राकेश प्रताप सिंह अमेठी की गौरीगंज सदर सीट से लगातार तीसरी बार के विधायक हैं। 6. विनोद चतुर्वेदी किस सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं? विनोद चतुर्वेदी जालौन जिले की कालपी विधानसभा सीट से लगातार दो बार के विधायक हैं। 7. अभय सिंह ने 2022 के चुनाव में किसे हराया था? अभय सिंह ने गोसाईंगंज सीट पर आरती तिवारी को 13,079 वोटों के अंतर से हराया था। https://trendkia.com/uttar-pradesh/uttar-pradesh-men-sapa-ko-jhataka-bagi-vidhayaka-rakesh-abhay-aura-vinod-14-aktubara-ko-bjp-men-honge-shamila-44819 TrendKia — Har trend, sabse pehle.