उत्तर प्रदेश में सुरक्षाकर्मियों पर हमले का षड्यंत्र बेनकाब, तीन संदिग्ध पकड़े गए लखनऊ में पुलिस या सेना के जवान की टारगेट किलिंग की योजना बना रहे तीन संदिग्धों को पकड़ा गया, जिनके तार सीमा पार हैंडलर से जुड़े थे। सुरक्षा एजेंसियों ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते विफल कर दिया है। प्रतिबंधित शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक नाबालिग को भी पुलिस निगरानी में लिया गया है। पकड़े गए आरोपियों पर आरोप है कि वे सीमा पार बैठे अपने आका के इशारे पर लखनऊ में किसी पुलिसकर्मी अथवा सैन्य जवान को निशाना बनाने की फिराक में थे। इस कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से एक विदेशी पिस्तौल तथा 20 जिंदा विदेशी कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पंजाब से लखनऊ पहुंचे थे संदिग्ध अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अमिताभ यश ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यूपी एटीएस ने 30 अक्टूबर 2026 को लखनऊ से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान गगनदीप सिंह, रजत कुमार और कृष के रूप में हुई है, जो सभी पंजाब के निवासी हैं। इनके साथ मौजूद एक बाल अपचारी को भी संरक्षण में लेकर पूछताछ की जा रही है। सुरक्षा तंत्र अब इस पूरे ताने-बाने से जुड़े स्थानीय मददगारों, अवैध असलहों के सप्लायरों और फंडिंग के रास्तों की गहराई से पड़ताल कर रहा है। सीमा पार हैंडलर राना भाई का निर्देश शुरुआती पूछताछ के दौरान यह सनसनीखेज बात सामने आई कि ये सभी अभियुक्त इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप जैसे सोशल मीडिया मंचों के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर राना भाई से सीधे संवाद में थे। राना भाई ने इन्हें लखनऊ में किसी भी पुलिसकर्मी या सैन्य कर्मी की हत्या करने और वारदात का वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजने का स्पष्ट जिम्मा सौंपा था। इस जघन्य काम को अंजाम देने के लिए इन्हें लखनऊ यात्रा हेतु पैसों की व्यवस्था कराई गई थी। इसके अतिरिक्त, हत्या के बाद तीन लाख रुपये नकद देने का वादा किया गया था। वारदात पूरी होने के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल भाग निकलने की पूरी तैयारी कर ली गई थी। संवेदनशील जगहों की रेकी और हथियारों की आपूर्ति अमिताभ यश के अनुसार, पकड़े गए आरोपी गगनदीप सिंह के खिलाफ पंजाब में पहले से ही आर्म्स एक्ट का आपराधिक मामला दर्ज है। आरोपियों के मोबाइल फोनों की तकनीकी जांच में आपत्तिजनक बातचीत, वीडियो और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की रेकी कर उनकी सटीक लोकेशन पाकिस्तानी आका को भेजे जाने के पुख्ता प्रमाण हाथ लगे हैं। जांच में यह भी सामने आया कि वारदात के लिए इस्तेमाल होने वाले हथियार और कारतूस लखनऊ में ही नेटवर्क के एक स्थानीय सहयोगी ने मुहैया कराए थे। पूछताछ में यह तथ्य भी उजागर हुआ है कि ये हथियार असल में पाकिस्तान से भेजे गए थे। नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी एजेंसियां जांच अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे षड्यंत्र में शामिल अन्य किरदारों, स्थानीय मददगारों और पैसों के लेनदेन की पूरी श्रृंखला को उजागर करने के लिए आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड हासिल की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी तहकीकात कर रही हैं कि इस सिंडिकेट के तार पहले पकड़े गए जासूसी और आतंकी मॉड्यूल्स से किस तरह जुड़े हैं। लखनऊ को निशाना बनाकर सुरक्षाबलों का मनोबल गिराने की यह चाल समय पर दबोचे जाने से पूरी तरह नाकाम हो गई है। इसका आप पर असर सुरक्षा एजेंसियों द्वारा साजिश को समय रहते विफल किए जाने से राजधानी और राज्य भर में सुरक्षा चौकसी सख्त कर दी गई है। • भारत में: देश भर में अंतरराज्यीय आपराधिक व आतंकी सिंडिकेट्स पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। सुरक्षा प्रतिष्ठानों और पुलिस कर्मियों की गतिविधियों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं। • उत्तर प्रदेश में: लखनऊ और आसपास के संवेदनशील इलाकों में नाकेबंदी और गश्त तेज कर दी गई है। स्थानीय नागरिकों और होटल संचालकों को संदिग्ध गतिविधियों व आगंतुकों की सूचना तुरंत पुलिस को देने की सलाह दी गई है। • सुरक्षा बलों के लिए: पुलिस और सेना के जवानों को फील्ड में अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है। सोशल मीडिया और अनजान संपर्कों के प्रति विशेष सावधानी रखने के दिशा-निर्देश दिए गए हैं। • सीमावर्ती क्षेत्रों में: नेपाल सीमा से लगे मार्गों पर जांच और सत्यापन प्रक्रिया को कड़ा कर दिया गया है। सीमा पार भागने की फिराक में रहने वाले अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष टीमें तैनात हैं। ऐसा क्यों हुआ यह घटना सीमा पार बैठे आतंकी और आपराधिक नेटवर्क द्वारा भारत में सुरक्षाबलों को निशाना बनाकर सनसनी फैलाने के मकसद से रची गई थी। • सीधा कारण: पाकिस्तानी हैंडलर राना भाई ने प्रतिबंधित शहजाद भट्टी नेटवर्क के जरिए पुलिस या सैन्य कर्मियों की हत्या कर उसका वीडियो पाकिस्तान भेजने का काम सौंपा था। • तैयारी और नेटवर्क: आरोपियों को पंजाब से लखनऊ भेजा गया था, जिन्हें स्थानीय स्तर पर पाकिस्तान से भेजे गए हथियार व कारतूस मुहैया कराए गए थे। • वित्तीय प्रलोभन और फरारी योजना: यात्रा खर्च के अलावा वारदात पूरी करने पर 3 लाख रुपये का इनाम और नेपाल भाग जाने का सुरक्षित मार्ग तय किया गया था। • जांच की स्थिति: मोबाइल डेटा और संवेदनशील स्थानों की रेकी के सबूत मिलने के बाद पुलिस रिमांड लेकर पूरे सिंडिकेट और फंडिंग के स्रोत की जांच कर रही है। सवाल-जवाब 1. लखनऊ में किन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है? पंजाब निवासी गगनदीप सिंह, रजत कुमार और कृष को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक नाबालिग को निगरानी में लिया गया है। 2. आरोपियों का क्या मंसूबा था? वे पाकिस्तानी हैंडलर के निर्देश पर लखनऊ में किसी पुलिस या सेना के जवान की टारगेट किलिंग करने और उसका वीडियो बनाने की योजना में थे। 3. आरोपियों के पास से क्या बरामद हुआ है? उनके पास से एक विदेशी पिस्तौल और 20 विदेशी कारतूस बरामद किए गए हैं। 4. हैंडलर ने आरोपियों को क्या लालच दिया था? उन्हें लखनऊ आने का खर्च दिया गया था और वारदात को अंजाम देने के बाद 3 लाख रुपये देने का वादा किया गया था। 5. वारदात के बाद आरोपियों की भागने की क्या योजना थी? हमले के बाद पुलिस की पकड़ से बचने के लिए आरोपियों ने नेपाल भागने की साजिश रची थी। https://trendkia.com/uttar-pradesh/uttar-pradesh-men-surakshakarmiyon-para-hamale-ka-shadyntra-benakaba-tina-sndigdha-pakare-gae-53490 TrendKia — Har trend, sabse pehle.