उत्तर प्रदेश रोडवेज को मिलेंगी 250 नई इलेक्ट्रिक बसें, कैबिनेट ने मंजूर किए 425.50 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश रोडवेज के लिए 250 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदने को मंजूरी दे दी है, जिस पर 425.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इससे दिल्ली में लागू होने वाले नए प्रदूषण नियमों का पालन भी आसान होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश रोडवेज के बेड़े को बड़ा बूस्ट मिला है। बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के लिए 250 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई, जिस पर कुल 425.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कैसी होंगी नई बसें, वित्त मंत्री ने दी जानकारी वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बैठक के बाद बताया कि रोडवेज के बेड़े में दो तरह की बसें जोड़ी जाएंगी। इनमें 100 इलेक्ट्रिक बसें 12 मीटर लंबी, 3x2 टाइप-II डिजाइन वाली और 50 सीटर होंगी, जबकि 150 इलेक्ट्रिक बसें 12 मीटर लंबी ही मगर 2x2 टाइप-III डिजाइन वाली और 41 सीटर होंगी। सरकार का कहना है कि इन बसों के सड़कों पर उतरने से प्रदेश का सार्वजनिक परिवहन सिस्टम पहले से ज्यादा आधुनिक, पर्यावरण के अनुकूल और यात्रियों की सुविधाओं के हिसाब से बेहतर बनेगा। 425.50 करोड़ रुपये में से कितना पैसा कहां से आएगा इस पूरी खरीद पर होने वाले 425.50 करोड़ रुपये के खर्च में से बड़ा हिस्सा राज्य सरकार उठाएगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसके लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बाकी बचे 25.50 करोड़ रुपये का इंतजाम उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम खुद अपने संसाधनों से करेगा। यानी सरकार और निगम, दोनों मिलकर इस योजना को जमीन पर उतारेंगे। यूपी के मैन्युफैक्चरर्स को मिलेगी तरजीह योगी सरकार ने इन बसों की खरीद के दौरान उत्तर प्रदेश में ही काम कर रहे मैन्युफैक्चरर्स को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। सरकार की मंशा है कि इस बड़े ऑर्डर का फायदा प्रदेश के उद्योगों को भी मिले, जिससे यहां औद्योगिक गतिविधियां रफ्तार पकड़ें और स्थानीय स्तर पर उत्पादन व निवेश, दोनों को बढ़ावा मिले। दिल्ली में एंट्री के नए नियमों से भी जुड़ा है यह फैसला यह फैसला सिर्फ बसों की संख्या बढ़ाने भर का नहीं है, बल्कि आने वाले महीनों में लागू होने जा रहे सख्त नियमों की तैयारी भी है। 1 नवंबर 2026 से सीएक्यूएम के निर्देशों के मुताबिक दिल्ली में सिर्फ सीएनजी, इलेक्ट्रिक और बीएस-6 श्रेणी के वाहनों को ही प्रवेश मिलेगा। नई इलेक्ट्रिक बसें आने से उत्तर प्रदेश रोडवेज समय रहते इन शर्तों को पूरा कर लेगा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर में बसों का आना-जाना बिना किसी रुकावट के जारी रह सकेगा। प्रदूषण कम करने और सुविधाएं बढ़ाने की कोशिश प्रदेश के बड़े धार्मिक स्थलों, पर्यटन स्थलों और शहरी इलाकों में चलने वाली इन इलेक्ट्रिक बसों से यात्रियों को साफ-सुथरा, सुरक्षित और आधुनिक सफर मिलेगा। डीजल बसों पर निर्भरता घटने से हवा में प्रदूषण भी कम होगा, जिसका सीधा फायदा पर्यावरण को मिलेगा। रोजगार के नए मौके भी बनेंगे बेड़े के बढ़ने से रोडवेज को नए ड्राइवर, कंडक्टर और तकनीकी रख-रखाव से जुड़े कुशल व अकुशल कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी, जिससे सीधे तौर पर रोजगार के मौके बढ़ेंगे। इसके अलावा बस अड्डों के आसपास चलने वाले ढाबे, रेस्टोरेंट और यात्री सुविधाओं से जुड़े दूसरे कारोबार भी फलेंगे-फूलेंगे, जिससे परोक्ष रूप से भी रोजगार बढ़ने की उम्मीद है। इसका आप पर असर • भारत में: दिल्ली-एनसीआर में आने-जाने वाली उत्तर प्रदेश रोडवेज की बसें 1 नवंबर 2026 से लागू होने वाले सीएक्यूएम के सख्त नियमों का पालन कर सकेंगी, जिससे यूपी से दिल्ली आने वाले यात्रियों की बस सेवा बिना रुकावट चलती रहेगी। • उत्तर प्रदेश में: रोडवेज बेड़े में 250 नई इलेक्ट्रिक बसें जुड़ने से प्रदेश के यात्रियों को साफ-सुथरा और आधुनिक सफर मिलेगा, साथ ही ड्राइवर, कंडक्टर और तकनीकी रख-रखाव से जुड़े नए रोजगार के मौके भी बनेंगे। सवाल-जवाब 1. यूपी कैबिनेट ने कितनी नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को मंजूरी दी है? कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश रोडवेज के लिए 250 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को मंजूरी दी है। 2. इस खरीद पर कुल कितना खर्च आएगा? इस पूरी खरीद पर कुल 425.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 3. यह पैसा कहां से आएगा? वित्तीय वर्ष 2026-27 में 400 करोड़ रुपये राज्य सरकार देगी, जबकि बाकी 25.50 करोड़ रुपये उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम अपने संसाधनों से जुटाएगा। 4. नई बसों की सीटिंग कैपेसिटी और डिजाइन कैसी होगी? 100 बसें 12 मीटर लंबी, 3x2 टाइप-II डिजाइन की 50 सीटर होंगी और 150 बसें 12 मीटर लंबी, 2x2 टाइप-III डिजाइन की 41 सीटर होंगी। 5. यह फैसला दिल्ली में एंट्री के नियमों से कैसे जुड़ा है? 1 नवंबर 2026 से सीएक्यूएम के निर्देशों के मुताबिक दिल्ली में सिर्फ सीएनजी, इलेक्ट्रिक और बीएस-6 वाहनों को ही प्रवेश मिलेगा, जिसे नई इलेक्ट्रिक बसें पूरा करेंगी। 6. इससे रोजगार पर क्या असर पड़ेगा? इससे ड्राइवर, कंडक्टर और तकनीकी रख-रखाव से जुड़े कर्मचारियों के लिए नए रोजगार बनेंगे, साथ ही ढाबों, रेस्टोरेंट जैसे कारोबार को भी फायदा होगा। https://trendkia.com/uttar-pradesh/uttar-pradesh-rodaveja-ko-milengi-250-nai-ilektrika-basen-kaibineta-ne-mnjura-kie-425-50-karora-rupaye-9563 TrendKia — Har trend, sabse pehle.