उत्तर प्रदेश शासन में बड़ा फेरबदल, 15 वरिष्ठ नौकरशाहों के विभागों और पदों में बदलाव उत्तर प्रदेश में 15 भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के कार्यभार में फेरबदल किया गया है। शीर्ष अधिकारियों को नागरिक उड्डयन, कृषि उत्पादन और औद्योगिक विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। उत्तर प्रदेश शासन ने शनिवार को प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 15 आईएएस अधिकारियों के कार्यभार में व्यापक बदलाव किया है। इस फेरबदल के तहत शीर्ष स्तर के कई वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त विभागों का जिम्मा सौंपा गया है, जबकि कई पदों पर नए चेहरों की तैनाती की गई है। प्रशासनिक मशीनरी की गतिशीलता बढ़ाने के लिए शासन स्तर से यह निर्णय लिया गया है। वरिष्ठ स्तर पर अहम विभागों का प्रभार शासन के शीर्ष स्तर पर मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल के कार्यक्षेत्र का विस्तार करते हुए उन्हें नागरिक उड्डयन विभाग के अपर मुख्य सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इसके साथ ही कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के लिए अनुराग श्रीवास्तव को नई भूमिका दी गई है। अनुराग श्रीवास्तव वर्तमान में नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति, लघु सिंचाई एवं भूगर्भ जल के अपर मुख्य सचिव तथा ग्रामीण पेयजल मिशन और राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के परियोजना निदेशक के रूप में कार्य कर रहे हैं। इन सभी जिम्मेदारियों को बरकरार रखते हुए उन्हें कृषि उत्पादन आयुक्त का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है। औद्योगिक विकास और निगरानी व्यवस्था में नए दायित्व औद्योगिक निवेश और बुनियादी ढांचे को गति देने के लिए आलोक कुमार-2 को अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही वे अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास तथा अपर मुख्य सचिव एनआरआई के पदों पर बने रहेंगे, और उन्हें पिकप के अध्यक्ष पद का अतिरिक्त दायित्व भी दिया गया है। प्रशासनिक शुचिता और कार्मिक प्रबंधन के क्षेत्र में, प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक तथा डॉ. राम मनोहर लोहिया प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के महानिदेशक एम. देवराज को राज्य सतर्कता आयोग के अध्यक्ष और प्रशासनाधिकरण-1 का अतिरिक्त जिम्मा मिला है। कृषि, वित्त और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं में परिवर्तन कृषि क्षेत्र के प्रमुख सचिव डॉ. एम.के.एस. सुंदरम, जो कृषि शिक्षा, अनुसंधान, विपणन, विदेश व्यापार और निर्यात प्रोत्साहन का कार्य देख रहे थे, उन्हें अब समन्वय विभाग के प्रमुख सचिव और यूपीडास्प के परियोजना निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। आर्थिक योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े आलोक कुमार-3 को, जो नियोजन, कार्यक्रम कार्यान्वयन, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के साथ वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी और जीरो पॉवर्टी अभियान के नोडल अधिकारी हैं, वित्त, संस्थागत वित्त और बाह्य सहायित परियोजना के प्रमुख सचिव पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। अवसंरचना निर्माण से जुड़े लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव और उपशा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अजय चौहान को यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार मिला है। वहीं, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव पंधारी यादव को बाह्य सहायतित परियोजना के प्रमुख सचिव पद के अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त कर दिया गया है। निगमों, मंडलायुक्त और आयोगों में फेरबदल दुग्ध संघ और ग्रामीण जल आपूर्ति निगम के नेतृत्व में आपसी अदला-बदली की गई है। उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक योगेश कुमार को पीसीडीएफ का प्रबंध निदेशक बनाया गया है, जबकि पीसीडीएफ के प्रबंध निदेशक अमित कुमार सिंह को अब जल निगम ग्रामीण के प्रबंध निदेशक का दायित्व दिया गया है। क्षेत्रीय प्रशासन में, सिंचाई एवं जल संसाधन के सचिव तथा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रहे कृष्ण कुमार को झांसी मंडल का नया मंडलायुक्त नियुक्त किया गया है। सिंचाई एवं जल संसाधन तथा परती भूमि विकास विभाग के विशेष सचिव चन्द्र शेखर को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और ग्रेटर शारदा सहायक समादेश क्षेत्र विकास प्राधिकारी के प्रशासक का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है। प्रशासनिक सुधार विभाग के सचिव भूपेंद्र एस. चौधरी को उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग का सचिव बनाया गया है, जबकि प्रतीक्षा सूची में चल रहे देवेंद्र सिंह कुशवाहा को प्रशासनिक सुधार विभाग में विशेष सचिव नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त, समाज कल्याण विभाग के विशेष सचिव और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के सचिव प्रवीण मिश्रा को अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के प्रबंध निदेशक तथा जनजाति विकास के निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार मिला है। इसका आप पर असर इस प्रशासनिक फेरबदल से राज्य स्तर की विकास योजनाओं, जलापूर्ति और क्षेत्रीय जनसमस्याओं के समाधान में तेजी आएगी। • भारत में: केंद्र प्रायोजित योजनाओं जैसे नमामि गंगे और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के क्रियान्वयन में समन्वय बेहतर होगा। इससे राष्ट्रीय स्तर की ढांचागत परियोजनाओं को राज्य में तय समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी। • उत्तर प्रदेश में: ग्रामीण जलापूर्ति, औद्योगिक निवेश और झांसी क्षेत्र के स्थानीय प्रशासनिक कार्यों को नई गति मिलेगी। आम नागरिकों के जल निगम और कृषि योजनाओं से जुड़े कार्यों के निपटारे में प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी। ऐसा क्यों हुआ राज्य सरकार ने प्रमुख विभागों के बेहतर संचालन और विकास प्राथमिकताओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए यह प्रशासनिक पुनर्गठन किया है। • सीधा कारण: कई महत्वपूर्ण विभागों में खाली पदों को भरने और प्रमुख अधिकारियों को बहुआयामी जिम्मेदारियां सौंपकर प्रशासनिक कार्यशैली को तेज करना था। • पृष्ठभूमि: औद्योगिक विकास, ग्रामीण जलापूर्ति, और वित्तीय प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अनुभवी नौकरशाहों की सीधी निगरानी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया। • आगामी कदम: सभी संबंधित अधिकारी तत्काल प्रभाव से अपने नए पदों और अतिरिक्त विभागों का कार्यभार ग्रहण करेंगे, जिससे विकास कार्यों की नियमित समीक्षा शुरू होगी। सवाल-जवाब 1. उत्तर प्रदेश में कुल कितने आईएएस अधिकारियों का तबादला या दायित्व बदला गया है? शासन स्तर पर कुल 15 आईएएस अधिकारियों के पदों और प्रभारों में फेरबदल किया गया है। 2. मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल को कौन सी अतिरिक्त जिम्मेदारी मिली है? उन्हें नागरिक उड्डयन विभाग के अपर मुख्य सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। 3. कृषि उत्पादन आयुक्त के पद पर किसकी नियुक्ति की गई है? अनुराग श्रीवास्तव को कृषि उत्पादन आयुक्त नियुक्त किया गया है, जबकि उनके पास पूर्ववर्ती विभाग भी बने रहेंगे। 4. झांसी मंडल का नया मंडलायुक्त किसे नियुक्त किया गया है? सिंचाई एवं जल संसाधन सचिव रहे कृष्ण कुमार को झांसी मंडल का मंडलायुक्त बनाया गया है। https://trendkia.com/uttar-pradesh/uttar-pradesh-shasana-men-bara-pherabadala-15-varishtha-naukarashahon-ke-vibhagon-aura-padon-men-badalava-53927 TrendKia — Har trend, sabse pehle.